मतदाता व राजनीतिक पार्टियों के लिए आनलाइन पोर्टल व मोबाइल एप्लीकेशन तैयार

भारतीय चुनाव आयोग द्वारा मतदाता व राजसी पार्टियों की सुविधा के लिए आनलाइन पोर्टल व मोबाइल एप्लीकेशन तैयार की है जिसका मकसद समूह चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना है।

JagranPublish: Sat, 29 Jan 2022 03:37 PM (IST)Updated: Sat, 29 Jan 2022 03:37 PM (IST)
मतदाता व राजनीतिक पार्टियों के लिए आनलाइन पोर्टल व मोबाइल एप्लीकेशन तैयार

जागरण संवाददाता, संगरूर, मालेरकोटला : भारतीय चुनाव आयोग द्वारा मतदाता व राजसी पार्टियों की सुविधा के लिए आनलाइन पोर्टल व मोबाइल एप्लीकेशन तैयार की है, जिसका मकसद समूह चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना है। जिला चुनाव अफसर कम डीसी मालेरकोटला माधवी कटारिया ने राजनीतिक नेताओं से हुई बैठक में संबोधित करते कहा कि आनलाइन पोर्टलों व मोबाइल एप्लीकेशनों में शिकायतों के लिए सी विजिल, राजसी पार्टियों के लिए सुविधा पोर्टल, सुविधा कैंडिडेट एप, दिव्यांगों के लिए पीडब्ल्यूडी एप, वोटरों के लिए नैशनल सर्विस वोटर पोर्टल, वोटर हेल्पलाइन एप, वोटर टर्नआउट एप व नेशनल ग्रीवैंस सर्विसेज पोर्टल शामिल हैं। डीसी ने उम्मीदवारों व पार्टियों के नेताओं को पोर्टल व मोबाइल एप्लीकेशन का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की। डीसी ने बताया कि नामांकन पत्र आनलाइन भरने के अलावा जमानती राशि जमा करवाने व रिटर्निंग अफसर समक्ष पेश होने के लिए आगामी समय लेने में पोर्टल सहायक सिद्ध होगा। आनलाइन के अलावा आफ लाइन प्रक्रिया भी मौजूद हैं, लेकिन आनलाइन फार्म भरने से गलतियों की गुजाइश कम होगी। बैठक में एडीसी सुखप्रीत सिंह, सहायक कमिश्नर गुरमीत कुमार के अलावा विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के प्रवक्ता मौजूद थे। ------------------- सी विजिल पर प्राप्त 101 शिकायतों का हुआ निपटारा संगरूर: जिले में आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने के मामलों संबंधी सी विजिल एप पर प्राप्त होने वाली शिकायतों का निर्धारित समय में निपटारा करने हेतु शिकायत सेल सरगर्म है। डीसी संगरूर रामवीर ने बताया कि आचार संहिता लगते ही विजिल एप पर आने वाली शिकायतों का निपटारा शुरू हो गया है। प्रत्येक शिकायत का सौ मिनट में निपटारा करने की हिदायत की गई हैं। सी विजिल एंड्राइड व आईओएस प्लेटफार्म पर आधारित आनलाइन शिकायत प्रणाली है। अब तक प्राप्त हुई 101 शिकायतों का सौ फीसदी निपटारा हो चुका है। डीसी रामवीर ने बताया कि एप पर प्राप्त शिकायतों पर कार्रवाई करने की जिम्मेदारी फ्लाइंग स्कूएड टीम को सौंप दी जाती है, जो सही व गलत तत्थों की जांच कर हलके के रिटर्निंग अफसर को रिपोर्ट करती हैं। इसके बाद पूरी प्रक्रिया को सौ मिनट में मुकम्मल कर लिया जाता है। ----------------------

उम्मीदवारों के अपराधिक पिछोकड़ का पता लगाएगा नो यूअर कैंडीडेट एप संगरूर: भारतीय चुनाव आयोग द्वारा विधानसभा चुनाव में लड़ रहे उम्मीदवारों के आपराधिक पिछोकड़ के बारे में आम लोगों को अवगत करवाने के लिए नो यूअर कैंडीडेट एप्लीकेशन जारी की गई है। डीसी रामवीर संगरूर ने बताया कि चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार को अपने नामांकन पत्र दाखिल करते समय आपराधिक पिछोकड़ को पत्र में दर्ज करना जरूरी है। डिजिटाइजेशन के समय रिटर्निंग अफसर द्वारा उम्मीदवार के आपराधिक पिछोकड़ के बारे में हां या ना चैक बाक्स पर क्लिक करना होगा। उम्मीदवार द्वारा नामांकन पत्र जमा करते समय दस्तावेज स्कैन कर अपलोड करना होगा। डीसी ने कहा कि रिटर्निंग अफसर यकीनी बनाएंगे कि उम्मीदवार के आपराधिक पृष्ठभूमि वाला दस्तावेज दुरुस्त है। कोई भी नागरिक इसे नो यूअर कैंडीडेट एप पर देख सकता है। उक्त एप वोटरों को अपने वोट के अधिकार का सही इस्तेमाल करने में मददगार साबित होगा।

Edited By Jagran

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