110 करोड़ खर्च होने के बावजूद पांच वर्ष में भी पूरा नही हो पाया प्रोजेक्ट

नींव पत्थर पर नींव पत्थर आखिर कब मिलेगी संगरूर को शत फीसदी सीवरेज व जल सप्लाई की सुविधा।

JagranPublish: Fri, 07 Jan 2022 10:30 PM (IST)Updated: Fri, 07 Jan 2022 10:30 PM (IST)
110 करोड़ खर्च होने के बावजूद पांच वर्ष में भी पूरा नही हो पाया प्रोजेक्ट

जागरण संवाददाता, संगरूर

नींव पत्थर पर नींव पत्थर, आखिर कब मिलेगी संगरूर को शत फीसदी सीवरेज व जल सप्लाई की सुविधा। लोक निर्माण मंत्री विजयइंद्र सिगला का शहर संगरूर शत फीसदी सीवरेज व जल सप्लाई की सुविधा से कब लैस होगा यह सवाल आज भी पहेली बना हुआ है। पहले 110 करोड़, फिर 12.51 करोड़ व अब 28 करोड़ की लागत के प्रोजेक्ट की शुरूआत हो रही है। बार-बार सीवरेज व जल सप्लाई के प्रोजेक्टों की शुरूआत हो रही है, लेकिन संगरूर को शत फीसदी सुविधा नहीं मिल पा रही है।

शुक्रवार को लोक निर्माण मंत्री पंजाब व संगरूर हलका विधायक विजयइंद्र सिगला द्वारा शहर की अफसर कालोनी व शिवम कालोनी में 28 करोड़ रुपये की लागत से डाले जाने वाले सीवरेज प्रोजेक्ट की शुरुआत की। ऐसे में साफ है कि पिछली सरकार के समय दौरान आरंभ हुआ प्रोजेक्ट भी पूरा नहीं हुआ व करोड़ों रुपये की राशि भी बर्बाद हो गई। लिहाजा आज भी शहर के कई हिस्से सीवरेज व जल सप्लाई की सुविधा से अछूते हैं।

शुक्रवार को अफसर कालोनी से सीवरेज व जल सप्लाई प्रोजेक्ट शुरू करते कैबिनेट मंत्री सिगला ने कहा कि संगरूर का विधायक होने के नाते उनका प्रत्येक समस्या हल करना फर्ज बनता है। करोड़ों रुपये की लागत वाला प्रोजेक्ट पहले अफसर कालोनी में पूरा होगा। इसके बाद शिवम कालोनी की बारी आएगी। सीवरेज लाइन के निर्माण का कार्य वह अपनी देखरेख में पूरा करवाएंगे।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार प्रत्येक वर्ग की भलाई को वचनबद्ध है। उनकी कोशिश है कि पांच वर्ष के कार्यकाल में संगरूर को विकास के नजरिए से पंजाब का मोहरी हलका बनाया जाए। इसमें वह काफी हद तक सफल हुए हैं।

2016 में अकाली-भाजपा सरकार के समय शुरू हुआ था प्रोजेक्ट

गौर हो कि विधानसभा चुनाव 2017 से पहले वर्ष 2016 दौरान अकाली-भाजपा सरकार ने 110 करोड़ रुपये की लागत से शहर को सौफीसद सीवरेज व जल सप्लाई मुहैया करवाने के लिए प्रोजेक्ट आरंभ किया था। इस प्रोजेक्ट के अधीन शहर भर के बाहरी इलाकों में सीवरेज सुविधा, जल सप्लाई, गलियों का निर्माण व स्ट्रीट लाइटों के पोल लगाने का प्रोजेक्ट डेढ़ वर्ष के भीतर पूरा किया जाना था, लेकिन पांच वर्ष बाद भी प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो पाया। उक्त प्रोजेक्ट के अधीन दो ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए जाने थे, ताकि गंदे पानी को साफ किया जा सके, लेकिन लोक निर्माण मंत्री के शहर में अभी तक पहले ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना ही अधूरी है, जबकि दूसरे का अभी नामोनिशान नहीं है। प्रोजेक्ट की 110 करोड़ की राशि खर्च होने के बावजूद पांच वर्ष में प्रोजेक्ट संपन्न नहीं हो पाया है, जिसके चलते अभी भी कई इलाकों में नए प्रोजेक्टों की शुरूआत की जा रही है। जांच में उजागर हुई थी खामियां

भाजपा के कार्यकर्ता जतिदर कालड़ा द्वारा उक्त सीवरेज व जल सप्लाई के 110 करोड़ के प्रोजेक्ट में सीवरेज बोर्ड व सबंधित कंपनी द्वारा समय पर प्रोजेक्ट पूरा न किए जाने के मद्देनजर इसकी शिकायत सरकार से की थी। सरकार के आदेशों पर जिला प्रशासन ने जब प्रोजेक्ट के एग्रीमेंट व प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा की तो अनेक खामियां सामने आई। प्रोजेक्ट की राशि का जमकर न केवल दुरुपयोग हुआ, बल्कि प्रोजेक्ट के अधीन कवर किए जाने वाले कई इलाकों में सीवरेज लाइन व जल सप्लाई की लाइन डालने में अनदेखी बरती गई। स्ट्रीटलाइटें के एक हजार पोल लगाने की बजाए, सात-आठ सौ पोल ही लगाए गए। संबंधित कंपनी को लाखों रुपये का जुर्माना भी लगाया गया, लेकिन इसके बावजूद प्रोजेक्ट अधूरा ही रह गया। मंत्री जी कितनी बार शुरू करेंगे प्रोजेक्ट : गोल्डी

अकाली-बसपा के उम्मीदवार व सीनियर अकाली नेता विनरजीत सिंह गोल्डी ने शुक्रवार को तीसरी बार प्रोजेक्ट की शुरूआत किए जाने पर कैबिनेट मंत्री विजयइंद्र सिगला को आडे हाथों लेते हुए कहा कि मंत्री जी बताएं कि आखिकर शहर को शत फीसदी सीवरेज व जल सप्लाई कब मिलेगी। अकाली सरकार के समय में आरंभ हुआ प्रोजेक्ट पांच वर्ष में भी सरकार ने पूरा नहीं करवाया व प्रोजेक्ट के फंडों का जमकर दुरुपयोग किया। कई इलाकों को अभी भी सीवरेज व जल सप्लाई पर्याप्त नहीं मिल रही। जहां पर लाइन डाली गई हैं, वहां पर अभी भी अनेक खामियां है। बरसात के पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। प्रोजेक्ट अधीन करोड़ों रुपये के स्ट्रीट लाइट पोल गुल कर दिए गए। इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए व धांधली करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

Edited By Jagran

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