कारगिल युद्ध में चाचा अमोल कालिया की शहादत के बाद भतीजे का हौसला भी बरकरार

देश की सुरक्षा के लिए समर्पित कारगिल शहीद कैप्टन अमोल कालिया का परिवार का हौसला आज भी बुलंद है।

JagranPublish: Fri, 21 Jan 2022 05:53 PM (IST)Updated: Fri, 21 Jan 2022 05:53 PM (IST)
कारगिल युद्ध में चाचा अमोल कालिया की शहादत के बाद भतीजे का हौसला भी बरकरार

सुभाष शर्मा, नंगल: देश की सुरक्षा के लिए समर्पित कारगिल शहीद कैप्टन अमोल कालिया का परिवार का हौसला आज भी बुलंद है। 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान 17 हजार फीट की ऊंचाई पर प्वाइंट 5203 पर पाक घुसपैठियों की चौकी को ध्वस्त करने के दौरान कैप्टन अमोल कालिया वीरगति को प्राप्त हो गए थे। उनके इस बलिदान के बाद भी कैप्टन अमोल के भाई अमन कालिया इस समय भारतीय वायु सेना में तैनात हैं। पिता सतपाल कालिया की ओर से देश भक्ति व देश की सुरक्षा के लिए दिए संस्कारों पर चलते हुए अमन कालिया इस समय इंडियन एयर फोर्स के चंडीगढ़ स्टेशन पर ग्रुप कमांडर (कर्नल रैंक) पर सुरक्षा तंत्र के लिए सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। इसके अलावा अमन कालिया का बेटा नमन हालांकि इस समय जमा एक श्रेणी में चंडीगढ़ के आर्मी स्कूल में ही शिक्षा हासिल कर रहा हैं, फिर भी नमन कालिया अपने स्वजनों से मिले देश सेवा के संस्कारों से प्रेरित एनडीए में जाने की तैयारी शुरू कर चुका है। नेशनल डिफेंस अकादमी में प्रवेश पाने के लिए जहां अमन कालिया अपने बेटे को प्रेरित कर रहे हैं, वहीं नमन कालिया के दादा यानि कैप्टन अमोल कालिया के पिता सतपाल कालिया भी लगातार अपने परिवार में राष्ट्र की सुरक्षा के प्रति समर्पित रहने जैसे संस्कारों का संचार करते आ रहे हैं।

सतपाल कालिया का कहना है कि उन्हें अपने बेटे कैप्टन अमोल कालिया की शहादत पर गर्व है। हालांकि जवान बेटे की शहादत ने उन्हें तोड़कर रख दिया था फिर भी मुद्दा राष्ट्र की सुरक्षा का था, इसलिए उन्होंने केंद्र व राज्य सरकारों तथा जनमानस की ओर से मिल रहे सम्मान के प्रोत्साहन के चलते राष्ट्र की सुरक्षा के अपने जज्बे को बरकरार रखा है। उनका कहना है कि सबसे पहले हमारी राष्ट्र की सुरक्षा है, तभी देश के अंदर हम सुरक्षित हैं। उनके अनुसार किसी भी देश की सुरक्षा उसकी प्रगति में अहम भूमिका निभाती है। देश के अंदर भी सुरक्षा तंत्र को मजबूत बनाने के लिए काम कर रही एजेंसियों व संगठनों को सहयोग देने के लिए हर नागरिक व सरकारों को प्रोत्साहन देने के प्रयास और तेज करने चाहिए।

Edited By Jagran

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