स्वस्थ समाज की संरचना में लगाए 800 शिविर

आजाद भारत में स्वस्थ समाज को ही देश के लिए समृद्धि मानते हुए ईएनटी विशेषज्ञ डा. केआर आर्य लोगों को स्वस्थ बनाए रखने में दशकों से योगदान दे रहे हैं।

JagranPublish: Fri, 21 Jan 2022 10:42 PM (IST)Updated: Fri, 21 Jan 2022 10:42 PM (IST)
स्वस्थ समाज की संरचना में लगाए 800 शिविर

सुभाष शर्मा, नंगल: आजाद भारत में स्वस्थ समाज को ही देश के लिए समृद्धि मानते हुए ईएनटी विशेषज्ञ डा. केआर आर्य लोगों को स्वस्थ बनाए रखने में दशकों से योगदान दे रहे हैं। स्वस्थ समाज की संरचना के लिए उन्होंने फ्री मेडिकल चेकअप शिविर लगाने का कार्य तीन दशक पहले शुरू किया था। तब से लेकर आज तक वह लगातार पंजाब तथा सीमावर्ती हिमाचल में असंख्य चेकअप शिविर लगाकर लोगों को जागरूक कर चुके हैं। डा. केआर आर्य के अनुसार जब वह एनएफएल नंगल अस्पताल में वर्ष 2003 में डिप्टी सीएमओ के पद पर तैनात थे, तब से उन्होंने अपने स्वावलंबन से दूसरों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वस्थ बनाने की सेवाओं को तेज कर दिया । आजादी के 75वें अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में उन्होंने एलान किया है कि कोई भी फ्री शिविर लगवाने के लिए उनसे मोबाइल नंबर 98166-69555 पर संपर्क कर सकता है। मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर से वर्ष 1990 में वह नंगल आए थे, तब से मुफ्त शिविरों की सेवा जारी है। अब तक वह 800 के करीब शिविर लगा चुके हैं। शिविर में फ्री में दवाइयां बांटने के अलावा डा. आर्य अपने आर्य मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल के साथ ही अपने समाजसेवी संस्थान बाबू जगजीवन राम चैरिटेबल ट्रस्ट के माध्यम से दिव्यांग बच्चों के लिए भी सराहनीय कार्य कर रहे हैं। दिव्यांगजनों को स्वस्थ बनाए रखने के चुनौतीपूर्ण कार्य के लिए उन्होंने दिव्यांगों के अभिभावकों को बताया कि विशेष वर्ग से संबंधित बच्चों को स्वस्थ बनाए रखने में अभिभावकों की अहम भूमिका है। क्योंकि ऐसे कई कार्य होते हैं, जिन्हें सफल बनाना बहुत मुश्किल होता है। दिव्यांगजनों को मुख्यधारा में लाने के लिए समय-समय पर उनका चेकअप कर उन्होंने जागरूकता के लिए अपने संस्थान में करीब 500 अध्यापक भी तैयार किए हैं, जो इस समय देश के कोने कोने में विशेष वर्ग के लिए संचालित शिक्षण संस्थानों में सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।

स्वजन भी दे रहे हैं शिविरों में सहयोग स्वस्थ समाज की संरचना के लिए ग्रामीण इलाके में विशेष फोकस किया जा रहा है। डा. आर्य के साथ उनकी पत्नी डा. शकुंतला आर्य तथा बेटा दीपक आर्य उनके पदचिन्हां पर चलते हुए स्वस्थ समाज की संरचना के लिए फ्री शिविरों के आयोजन में सहयोग दे रहे हैं। शिविर में दवाइयों का फ्री वितरण कर यह प्रयास किया जा रहा है कि हर किसी को स्वस्थ बनाए रखने के लिए समय-समय पर अनिवार्य जागरूकता भी पैदा की जाए। इसलिए डा. आर्य अपने समर्पणवादी जीवन यापन के दौरान अपने स्वजनों के साथ अक्सर आम जगहों पर भी लोगों को स्वस्थ बनाए रखने के टिप्स देते हुए नजर आते हैं। उनका मानना है कि बीमारियों को पनपने से रोकने के लिए समय पर जानकारी होना जरूरी है। इसलिए वह ऐसे शिविर के माध्यम से लोगों तक पहुंच रहे हैं। वह हर साल करीब 30 कैंप लगाते हैं।

Edited By Jagran

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