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पुलिस ने एक साल तक केस दर्ज नहीं किया तो किसान ने की खुदकशी

जागरण संवाददाता, पटियाला : अपणे दोस्त नूं की सोच के पैसे दित्ते सी, तैनू पता नी सी कि बाद बिच्च

JagranMon, 02 Oct 2017 03:01 AM (IST)
पुलिस ने एक साल तक केस दर्ज नहीं किया तो किसान ने की खुदकशी

जागरण संवाददाता, पटियाला : अपणे दोस्त नूं की सोच के पैसे दित्ते सी, तैनू पता नी सी कि बाद बिच्च बीमार हो जावेंगा। हुण तेरा पैसा नी मिलदा, भुल्ल जा। पुलिस कुझ नी कर सकदी, कोर्ट जाके केस करो हुण। यह बातें भादसों रोड स्थित गांव सिद्धूवाल निवासी रघुबीर ¨सह पिछले एक साल से एसपी (डी) के रीडर से लगातार सुन रहे थे। साल, 2016 में दोस्त द्वारा पैसे ठगने की शिकायत दी थी, रीडर कार्रवाई करने के बजाय ऐसी बातें बोलकर वापस लौटा देता था। पुलिस की ओर से लगातार केस को दबाने की कोशिश से परेशान होकर शनिवार को रघुबीर ¨सह (60) ने जहरीली दवा निगलकर खुदकशी कर ली। ये आरोप लगाते हुए रघुबीर ¨सह की बेटी रवनीत कौर व भारतीय किसान यूनियन के सदस्यों ने रविवार सुबह रा¨जदरा अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरना लगा दिया। इन लोगों की मांग थी कि जब तक आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार नहीं किया जाएगा, तब तक शव नहीं उठाएंगे। मौके पर पहुंचे थाना बख्शीवाला के इंचार्ज गुरनाम ¨सह ने आश्वासन दिया कि दो दिन के अंदर आरोपी को गिरफ्तार कर लेंगे, जिसके बाद परिवार व किसान यूनियन ने धरना खत्म किया। धरने में मृतक किसान रघुबीर की बेटी रवनीत कौर, बेटा रंजीत ¨सह के अलावा भारतीय किसान यूनियन की तरफ से ब्लाक उपप्रधान शेर ¨सह, हरनेक ¨सह, सुख¨वदर ¨सह तुल्लेवाल, निर्मल ¨सह सहित अन्य मेंबर मौजूद थे। मौके पर पहुंचे बीजेपी कार्यकर्ता अजय गोयल ने कहा कि किसानों द्वारा कर्ज या अन्य किसी कारण से खुदकुशी करने का सिलसिला जारी है, जिसके खिलाफ सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है।

यह है पूरा मामला :

रवनीत कौर ने बताया कि उनके पिता के नाम पर गांव सिद्धूवाल में 12 बिसवे जमीन है। उन्होंने बैंक से तीन लाख रुपये लोन लिया था और बाकी पैसा जमीन बेचकर इकट्ठा किया। यह सब पैसा राजपुरा निवासी तरसेम को दिया, जिसके साथ रघुबीर की दोस्ती थी। सीमेंट व बजरी के बिजनेस में पार्टनरशिप के लिए यह पैसा दिया था, लेकिन यह पैसा वापस नहीं लौटाया। पैसा नहीं मिलने पर एतराज जताया तो करीब दो लाख रुपये लौटा दिए, जबकि दस लाख रुपए अभी भी बकाया था। रवनीत कौर ने कहा कि इन पैसों को वापस लेने के लिए एसएसपी ऑफिस में लिखित रूप में शिकायत दी तो जांच एसपी (डी) ऑफिस भेज दी। यहां पर रीडर ने एक साल तक कोई एक्शन नहीं लिया, कोई कार्रवाई नहीं हुई तो अदालत में केस दायर किया। कोर्ट केस वापस लेने के लिए उनके पिता पर दूसरे पक्ष की तरफ से धमकियां आने लगी। इन धमकियों की जानकारी भी रीडर को दी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। रवनीत ने कहा एक तरफ पैसा वापस नहीं मिलने की परेशानी थी तो दूसरी तरफ कंप्लेंट के बाद मिल रही धमकियों पर पुलिस द्वारा एक्शन न लेने की ¨चता के कारण उनके पिता ने जहरीली दवा पीकर खुदकशी कर ली।

जांच के बाद अगली कारर्वाई होगी : थाना इंचार्ज

थाना बख्शीवाला के इंचार्ज गुरनाम ¨सह ने कहा कि अभी कार्रवाई कर लाश परिजनों को सौंप दी है। केस की पड़ताल शुरू कर दी है, ताकि आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। रीडर की ओर से तंग करने के लिखित शिकायत अभी उन्हें नहीं मिली है।

मामले की जांच करेंगे : एसपी एचएस विर्क

किसान रघुबीर की मौत के मामले में एसपी एचएस विर्क ने कहा कि परिजनों के बयान के आधार पर कार्रवाई शुरू कर दी है। रीडर के हाथ में महज परवाना काटने का अधिकार होता है, फिर भी यदि कहीं पर कोई कमी रही है तो उसकी पड़ताल करवाएंगे। रघुबीर ने पैसे अपने जानकार को उधार में दिए थे, जिस वजह से पड़ताल लंबी चली है।

Edited By Jagran

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