ठेका कर्मियों ने एसडीओ के कार्यालय पर जड़ा ताला, फिर देर शाम हुआ समझौता

उन्होंने कहा कि इस बात को लेकर वह कई बार विभागीय अधिकारियों से मिले परंतु उन्होंने केवल टाल-मटोल की नीति अपनाकर अपना समय निकाला। कर्मचारियों ने विभागीय अधिकारियों पर सांठ-गांठ का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी सैलरी को वह जानबूझ कर कम करके दे रहे हैं।

JagranPublish: Wed, 19 Jan 2022 09:41 PM (IST)Updated: Wed, 19 Jan 2022 09:41 PM (IST)
ठेका कर्मियों ने एसडीओ के कार्यालय पर जड़ा ताला, फिर देर शाम हुआ समझौता

जागरण संवाददाता, पठानकोट: जल सप्लाई व सैनिटेशन विभाग में ठेके पर कार्य कर रहे कर्मचारियों ने बुधवार को विभागीय एसडीओज के कार्यालयों पर ताला जड़ दिया। प्रदर्शनकारी यूनियन के जिला प्रधान रघुबीर लाल, प्रदेश नेता तजिद्र मान, जिला कैशियर जयपाल, ब्लाक प्रधान सुखजिद्र सिंह, जगरूप सिंह, मंदीप सिंह, गौरा मसीह व अवतार सिंह ने बताया कि वह पिछले 12-15 वर्षो से विभाग में ठेकेदारी प्रथा के तहत काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा उक्त कर्मचारियों का वेतन 18 हजार रुपये कर दिया गया है परंतु पठानकोट में अभी तक उन्हें 13 हजार रुपये ही दिए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इस बात को लेकर वह कई बार विभागीय अधिकारियों से मिले परंतु उन्होंने केवल टाल-मटोल की नीति अपनाकर अपना समय निकाला। कर्मचारियों ने विभागीय अधिकारियों पर सांठ-गांठ का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी सैलरी को वह जानबूझ कर कम करके दे रहे हैं।

प्रधान रघुबीर लाल ने कहा कि वेतन में पांच हजार की कटौती किसी भी कीमत पर सहन नहीं होगी। कहा कि वह कई दिनों से धरना दे रहे थे, लेकिन, सुनवाई नहीं हो रही थी। 10 जनवरी को विभागीय अधिकारियों ने उन्हें नोटिस जारी कर धरना समाप्त करने के लिए कहा था। इसमें बताया गया कि प्रदेश में चुनाव आचार संहिता लग चुकी है। ऐसे में विभागीय स्तर पर अभी इसका कोई हल नहीं हो सकता। इसके चलते उन्हें एसडीओज के कार्यालयों पर ताले लगाने पड़े। देर शाम पांच बजे मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार राज कुमार ने विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों के बीच मीटिग करवाकर समस्या का समाधान करवाया। यूनियन प्रधान रघुबीर लाल ने कहा कि अधिकारियों ने कहा है कि उन्हें नवंबर से बढ़ा हुआ वेतन मिलेगा। इसके बाद धरना स्थगित कर दिया गया।

Edited By Jagran

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