इमरजेंसी में जेल जाने वाले कार्यकर्ताओं को भाजपा ने घर-घर जाकर किया सम्मानित

सम्मान कार्यक्रम दौरान इन कर्मठ भाजपा कार्यकर्ताओं के स्वस्थ्य रहने की कामना की गई और जो पुण्य आत्माएं हमसे बिछड़ गई हैं उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। जिला अध्यक्ष विजय शर्मा ने कहा कि 25 जून 1975 भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे दुर्भाग्यपूर्ण दिन था।

JagranPublish: Sun, 26 Jun 2022 05:49 PM (IST)Updated: Sun, 26 Jun 2022 05:49 PM (IST)
इमरजेंसी में जेल जाने वाले कार्यकर्ताओं को भाजपा ने घर-घर जाकर किया सम्मानित

जागरण संवाददाता, पठानकोट: वर्ष 1975 में लगाई गई इमरजेंसी दौरान जेल जाने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं को भाजपाइयों ने जिला प्रधान विजय शर्मा के नेतृत्व में उनके घर-घर जाकर सम्मानित किया। भाजपा जिला अध्यक्ष विजय शर्मा ने बताया कि कुल 11 लोग थे। इनमें से कई आउट आफ स्टेशन थे तो कईयों के घर में जाकर पूर्व मंत्री मास्टर मोहन लाल, प्रिसिपल समरेंद्र शर्मा, गांव मनवाल निवासी शक्ति सिंह, सुखदेव राज निवासी पठानकोट व गोपाल दास मोहल्ला कच्चे क्वार्टर को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके अलावा शेष स्वतंत्र महाजन, विजय डोगरा, सतीश कुमार, प्रवीण कुमार, छज्जु राम व प्रदीप रैणा को भी सम्मानित किया जाना है।

सम्मान कार्यक्रम दौरान इन कर्मठ भाजपा कार्यकर्ताओं के स्वस्थ्य रहने की कामना की गई और जो पुण्य आत्माएं हमसे बिछड़ गई हैं उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। जिला अध्यक्ष विजय शर्मा ने कहा कि 25 जून 1975 भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे दुर्भाग्यपूर्ण दिन था।

उन्होंने कहा कि 47 साल पहले तत्कालीन प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी द्वारा पूरे देश में इमरजेंसी लगा दी गई। 21 महीनों तक आपातकालीन लागू रहा। नागरिकों के सभी मौलिक अधिकारों को निलंबित कर दिया गया। तानाशाही रवैया अपनाते हुए विपक्ष के नेताओं की गिरफ्तारी होने लगी। मीडिया पर सेंसरशिप लगा दी गई। जेपी नारायण, आडवाणी, अटल बिहारी वाजपेयी समेत एक लाख से अधिक लोगों को जेल में डाल दिया गया वो दौर आज भी लोकतंत्र के काले दिनों में गिना जाता है।

उन्होंने बताया कि जब भाजपा कार्यकर्ताओं को जेलों में बंद कर दिया गया इन कार्यकर्ताओं को माफी मांगने के लिए विवश किया जाने लगा और कहा गया कि माफी मांग लो हम आपको छोड़ देंगे, लेकिन हमें गर्व अपने इन वीर कार्यकर्ताओं पर जिन्होंने जेल में बंद रहना तो मंजूर किया, लेकिन माफी नहीं मांगी। उस समय भले ही भाजपा का कोई आधार नहीं था, लेकिन आज यही भारतीय जनता पार्टी दुनिया भर में एक मजबूत पार्टी उभर कर सामने आई है।

इस मौके पर सुरेश शर्मा महासचिव, मंडल प्रधान ठाकुर शमशेर सिंह, मंडल प्रधान जगमोहन सिंह जग्गा व पार्षद अश्वनी कुमार आशु भी थे।

Edited By Jagran

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