बारिश से कंपकंपी बढ़ी, न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस

कड़ाके की ठंड और कोहरे से लोग परेशान हैं।

JagranPublish: Sat, 22 Jan 2022 11:35 PM (IST)Updated: Sat, 22 Jan 2022 11:35 PM (IST)
बारिश से कंपकंपी बढ़ी, न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस

जागरण संवाददाता, नवांशहर : कड़ाके की ठंड और कोहरे से लोग परेशान हैं। वहीं शनिवार को दोपहर के बाद से हो गई बारिश से तापमान में और कमी आ गई। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 17 डिग्री था जो कम होकर 13 डिग्री पर आ गया है। ऊपर से सर्द हवाओं ने जीना मुहाल कर दिया है। शाम ढलते ही ठंड का कहर शुरू हो जाता है। रात के समय तापमान में काफी गिरावट दर्ज की जा रही है। दिन में तापमान 15 से 16 डिग्री तक और रात में न्यूनतम तापमान सात से आठ डिग्री पर पहुंच जा रहा है। शनिवार को न्यूनतम तापमान आठ डिग्री था। ठंड से देर शाम सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है। ठंड से सबसे अधिक परेशानी समाज के कमजोर वर्गों के लोगों को हो रही है। लोग अलाव जलाकर ठंड से बचने का प्रयास करते हुए नजर आए। सुबह कोहरे के कारण लोगों को परेशानी हुई। पूरा इलाका कोहरे की चादर से लिपटा रहा। मार्निग वाक करने वालों की भी परेशानी बढ़ गई है। उनकी संख्या कम हो गई है। कोहरे के कारण वाहन चालकों की परेशानी हो रही है। सुबह में भी चालक लाइट जलाकर चल रहे हैं। वाहनों की रफ्तार भी धीमी हो गई है।

गर्म कपड़ों का व्यापार गर्म

ठंढ बढ़ने से बाजार में स्वेटर, जैकेट, टोपी, मफलर, शॉल, कंबल आदि की फिर से बिक्री बढ़ गई है। ठंड से बचने के लिए लोग रूम हीटर, ब्लोवर और अलाव का सहारा ले रहे हैं। ठंड के कारण लोग घरों से नहीं निकल रहे हैं पर गर्म कपड़ों का व्यापार गर्म है। इसके अलावा इलेक्ट्रिकल दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ बढ़ गई है। पिछले 15 दिनों से सूरज के न निकलने के कारण लोगों का ठंड से बुरा हाल हो चुका है। हर व्यक्ति सर्दी की चपेट में आ रहा है।

अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ी

ठंड को देखते हुए सिविल सर्जन डा.दविदर ढांडा ने आम लोगों को सेहत के प्रति ध्यान देने की सलाह दी है। खासकर बुजुर्ग व गंभीर बीमारियों के मरीजों का इस ठंड में खास ध्यान रखने की जरूरत है। जो लोग पहले से बीपी व शूगर के मरीज हैं वह नियमित रूप से दवाइयां लेते रहें। ठंड के प्रभाव को देखते हुए सुबह और शाम के वक्त अचानक से कमरे से बाहर नहीं निकलें। इसके साथ ही गर्म खाने का सेवन करें। शरीर को पूरे ढकने वाले कपड़ों का इस्तेमाल करें। इसके साथ बेवजह घर से बाहर जाने को लेकर परहेज करें। शीतलहर और कंपकंपी के बीच बच्चों का भी पूरा ख्याल रखें। बच्चों को गर्म कपड़े पहनाएं।

Edited By Jagran

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