प्रियंका गांधी की जिद, अदिति सिंह के पति अंगद सिंह को नहीं मिल पा रही टिकट

नवांशहर के विधायक अंगद सिंह को इस बार कांग्रेस टिकट देने से कतरा रही है।

JagranPublish: Sun, 23 Jan 2022 06:09 PM (IST)Updated: Sun, 23 Jan 2022 06:09 PM (IST)
प्रियंका गांधी की जिद, अदिति सिंह के पति अंगद सिंह को नहीं मिल पा रही टिकट

जागरण संवाददाता, नवांशहर :

नवांशहर के विधायक अंगद सिंह को इस बार कांग्रेस टिकट देने के मूड़ में नहीं दिख रही। हाल में ही अंगद सिंह की उत्तर प्रदेश के रायबरेली सदर से विधायक पत्नी अदिति सिंह ने कांग्रेस के विधायक पद से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हो गई हैं। भाजपा की ओर से उनको रायबरेली सदर से उम्मीदवार के तौर पर उतारा गया है। कहा जा रहा है कि प्रियंका गांधी ने स्टैंड लिया है कि वो अदिति के पति अंगद सिंह को नवांशहर से टिकट लेने नही देंगी। कांग्रेस की ओर से कुछ दिन पहले पहली लिस्ट में प्रदेश से 86 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की गई थी। इस लिस्ट में उम्मीद थी कि अंगद सिंह को टिकट मिल जाएगी। पर टिकट न मिलने के कारण अंगद के समर्थक निराश हो गए थे, पर अब कहा जा रहा कि अंगद को टिकट देने में प्रियंका गांधी रोड़ा बनी हुई हैं। वहीं कांग्रेस के कई नेता इसी परिवार को टिकट दिलवाना चाहते हैं, क्योंकि अंगद सिंह का परिवार पिछले कई दशकों से नवांशहर से कांग्रेस पार्टी से जुड़ा हुआ है व परिवार के कई सदस्य विधायक रह चुके हैं। अंगद सिंह के पिता स्व. प्रकाश सिंह के दादा स्व. दिलबाग सिंह प्रदेश में कृषि मंत्री भी रह चुके हैं।

जिस कारण पार्टी शायद अंगद सिंह का माता गुरइकबाल कौर को टिकट दे दे। इसके लिए प्रदेश स्तरीय कई नेता जोर लगा रहे हैं।

विधायक अंगद सिंह का परिवार राजनीति से लंबे समय से जुड़ा रहा है। अंगद के पिता प्रकाश सिंह के बड़े भाई दिलबाग सिंह वर्ष 1962 में पहली बार नवांशहर के विधायक बने थे। वे लगातार छह बार नवांशहर के विधायक रहे। उनके बाद वर्ष 1997 में दिलबाग सिंह के बेटे चरणजीत सिंह विधायक बने। वर्ष 2002 में अंगद के पिता प्रकाश सिंह नवांशहर से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे। 2012 में अंगद सिंह की माता गुरइकबाल कौर ने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की।

वहीं अंगद सिंह को 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की ओर से टिकट मिला। अपने पहले ही चुनाव में वह जीतकर विधानसभा पहुंचे। इससे पहले वर्ष 2008 में वह नवांशहर यूथ कांग्रेस के महासचिव भी चुने गए थे। विधायक अंगद सिंह शिमला के बिशप काटन स्कूल और मोहाली के यादविदरा पब्लिक स्कूल में पढ़े हैं।

अदिति सिंह ने नवंबर में छोड़ी पार्टी

24 नवंबर 2021 को भाजपा में शामिल होने के बाद बुधवार को अदिति सिंह ने कांग्रेस से अपने सभी नाते तोड़ते हुए विधायक पद से भी त्यागपत्र दे दिया है। 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में अदिति ने निकटम प्रतिद्वंदी को करीब 90 हजार वोटों के अंतर से पराजित किया था। इनके विधायक बनने के बाद 20 अगस्त 2019 को इनके पिता अखिलेश सिंह का निधन हो गया। पिता के निधन के बाद अदिति की सक्रियता और बढ़ गई है। दोनों की शादी दिल्ली में हिदू रीति-रिवाजों के साथ हुई थी

दोनों की शादी पहले दिल्ली में हिदू रीति रिवाज के साथ हुई थी, इसके बाद दोबारा शादी सिख रीति-रिवाजों के साथ नवांशहर के गांव सलोह में स्थित उनकी कोठी में हुई।

Edited By Jagran

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