कांग्रेस नेता अशोक नानोवाल ने निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा की

कांग्रेस नेता अशोक नानोवाल ने पार्टी को अलविदा कह दिया है और आजाद चुनाव लड़ने का फैसला किया है।

JagranPublish: Sat, 22 Jan 2022 11:36 PM (IST)Updated: Sat, 22 Jan 2022 11:36 PM (IST)
कांग्रेस नेता अशोक नानोवाल ने निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा की

संवाद सहयोगी, बलाचौर : कांग्रेस नेता अशोक नानोवाल ने पार्टी को अलविदा कह दिया है और आजाद चुनाव लड़ने का फैसला किया है। अंबिका सोनी के काफी करीबी माने जाने वाले अशोक नानोवाल लंबे समय से कांग्रेस पार्टी के साथ जुड़े हुए थे। शनिवार को संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए अशोक नानोवाल ने कहा कि वह 25 साल की उम्र में गांव के सरपंच बन गए थे। उनका परिवार 32 साल से अधिक समय से कांग्रेस पार्टी से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कांग्रेस पार्टी के पक्ष में दिन-रात प्रचार किया है और पार्टी में एक वफादार सिपाही के रूप में कार्य किया है, चाहे वह ब्लॉक समिति, विधानसभा या लोकसभा के चुनाव हों। पार्टी आलाकमान ने उन्हें हर बार मैदान में उतारने का वादा किया था, लेकिन चुनाव से पहले उन्होंने आंखें फेर लीं। दर्शन लाल मंगूपुर, जो 15 साल की अवधि के लिए मुख्य संसदीय सचिव चौधरी नंद लाल के करीबी रहे थे, अकाली दल छोड़कर पंजाब पीपुल्स पार्टी में शामिल हो गए थे। सोनू भाटिया और जसविदर विक्की की ओर से भी आवेदन किया था, लेकिन आलाकमान ने इन सभी कांग्रेसी नेताओं को नजरअंदाज कर दर्शन लाल मंगूपुर को टिकट दिया। इस दौरान भी पार्टी के अंदर रहकर दिन रात चुनाव प्रचार किया। आरोप लगाया कि उन्होंने ड्रग्स के खिलाफ एक अभियान शुरू किया था, लेकिन तभी उनके बुजुर्ग पिता की हत्या हुई, तो उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ी। उन्हें पूरा विश्वास है कि उनके पिता की हत्या नशा विरोधी अभियान के कारण हुई है और राजनीतिक दबाव के कारण हत्यारे आज तक पकड़ में नहीं आऐ हैं। कांग्रेस नेता होने के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिला और दूसरे लोग क्या न्याय की उम्मीद कर सकते है। अली बाबा तो भाग गए, लेकिन पिछे चालीस चोर छोड़ गए हैं। उन्होंने अपने समर्थकों के साथ विचार-विमर्श के बाद स्वतंत्र चुनाव लड़ने का फैसला किया है और उम्मीद है कि वह यह चुनाव जरूर जीतेंगे। वह निर्वाचन क्षेत्र के मौजूदा विधायक की अवैध गतिविधियों का पर्दाफाश करने के लिए जल्द ही एक प्रेस कांफ्रेंस करेंगे।

इस मौके पर नरेश करीमपुर चाहवाला, यशपाल करीमपुर चाहवाला, चरणजीत भाटिया अदोआना, मनोहर लाल पूर्व सरपंच चंदियानी कलां, विक्की खुर्दा, जतिदर नीता करीमपुर चाहवाला, लाडी सैनी, मदन लाल भुंबाला मालेवाल, सम्मी कटवारा आदि मौजूद थे। इस अवसर पर उनके साथ मौजूद एन आर आई चरणजीत भाटिया अदोआना ने कहा कि हालांकि चौधरी दर्शन लाल मंगूपुर उनके करीबी रिश्तेदार हैं, लेकिन वे बिना किसी हिचकिचाहट के कहते हैं कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान लोगों के खिलाफ झूठे मामले दर्ज करने के बजाय कुछ भी अच्छा नहीं किया। जिस कारण इस बार चौधरी दर्शन लाल मंगूपुर की हार निश्चित है।

Edited By Jagran

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