कोरोना रोधी टीकाकरण गर्भवती के लिए सुरक्षा कवच : सिविल सर्जन

कोरोना वायरस को रोकने के लिए कोरोना रोधी टीकाकरण अब गर्भवती महिलाओं को लगाए जाएंगे।

JagranPublish: Sun, 23 Jan 2022 04:06 PM (IST)Updated: Sun, 23 Jan 2022 04:06 PM (IST)
कोरोना रोधी टीकाकरण गर्भवती के लिए सुरक्षा कवच : सिविल सर्जन

जागरण संवाददाता, नवांशहर :

कोरोना वायरस को रोकने के लिए कोरोना रोधी टीकाकरण में तेजी लाने के उद्देश्य से सिविल सर्जन डा. दविंदर ने जिले के अलग-अलग ब्लाकों में तैनात आशा वर्करों को सख्त हिदायतें जारी की हैं। सिविल सर्जन डा. दविदर ढांडा ने अपने दफ्तर में आशा वर्करों के साथ आयोजित मीटिग में हिदायतें जारी करते हुए कहा कि जिले में कोरोना वायरस की चपेट में लगातार लोग आ रहे हैं, इसलिए योग्य व्यक्तियों की पहल के आधार पर वैक्सीनेशन की जा रही है, जिससे कोरोना वायरस के प्रसार को रोका जा सके। सेहत विभाग पहली, दूसरी और बूस्टर डोज पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रहा है और वैक्सीनेशन के इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आशा वर्करों की अहम भूमिका निभा सकती है। हर गांव की आशा वर्कर की तरफ से हर उम्र वर्ग की लिस्ट हर समय तैयार रखी जाएं। जिन के पहली डोज नहीं लगी, उनको पहली डोज और जिनके पहली डोज लग चुकी है, उन को दूसरी डोज लगवाने के लिए प्रेरित किया जाए। जिले में हर घर दस्तक मुहिम के अंतर्गत घर-घर जा कर योग्य व्यक्तियों का टीकाकरण किया जा रहा है जिससे जिले में शत प्रतिशत टीकाकरण के लक्ष्य को प्राप्त करके कोरोना वायरस को रोका जा सके। उनके साथ ही जिले की गर्भवती महिलाओं को कोरोना वैक्सीनेशन टीकाकरन करवाने की सलाह दी है। सिविल सर्जन ने बताया कि नेशनल टैक्निकल एडवाइजरी ग्रुप आफ इम्यूनाइजेशन ने गर्भवती महिलाओं के लिए टीकाकरण को मंजूरी दी है। किसी भी तरह की अफवाहों से सावधान रहना चाहिए। कोरोना वैक्सीनेशन करवाना गर्भवती महिलाओं के लिए बहुत जरूरी है। यदि गर्भवती महिला को कोरोना हो जाता है तो इसकी गंभीरता ओर बढ़ सकती है और जच्चा बच्चा दोनों को ही जान का खतरा हो सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोविड टीकाकरण गर्भवती महिलाओं के लिए सुरक्षित है और इसको लगाने से पहले किसी भी तरह के टैस्ट की जरूरत नहीं है। यह गर्भवती औरतों के लिए सुरक्षा कवच है। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं को भी पहल के आधार पर कोरोना रोधी टीकाकरण करवाना चाहिए, क्योंकि यह दोनों मां और बच्चे की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। माहिरों के मुताबिक ज्यादातर गर्भवती महिलाओं में यह बीमारी बिना लक्षणों के होने की संभावना होती है, जो कि अपने -आप सेहतमंद हो जाती है, परंतु फिर भी कोरोना रोधी के साथ गर्भवती औरतों में रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाना जरूरी है। इसके साथ यह बीमारी गंभीर रूप धारण नहीं करती। अब तक जितनी भी गर्भवती महिलाओं को कोरोना संक्रमण से प्रभावित हुई हैं, वह सेहतमंद जीवनशैली और माहिर डाक्टरों की निगरानी में सही इलाज के साथ पूरी तरह के साथ ठीक हो गई हैं। इस मौके पर जिला प्रोग्राम मैनेजर राम सिंह, ब्लाक एक्स्टेंशन एजूकेटर विकास विर्दी समेत सेहत विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे।

Edited By Jagran

ਪੰਜਾਬੀ ਵਿਚ ਖ਼ਬਰਾਂ ਪੜ੍ਹਨ ਲਈ ਇੱਥੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰੋ!

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept