अस्थायी कर्मचारियों के नियमित करे सरकार

पंजाब रोडवेज व पीआरटीसी के अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी करने की मांग को लेकर प्रदर्शन जारी है।

JagranPublish: Thu, 09 Dec 2021 05:10 PM (IST)Updated: Thu, 09 Dec 2021 05:10 PM (IST)
अस्थायी कर्मचारियों के नियमित करे सरकार

जागरण संवाददाता, श्री मुक्तसर साहिब

पंजाब रोडवेज व पीआरटीसी के अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी करने की मांग को लेकर पंजाब रोडवेज, पनबस व पीआरटीसी कांट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन की ओर से शुरू की गई हड़ताल वीरवार को तीसरे दिन भी जारी रही। पनबस कर्मचारियों की ओर से चलाई जाने वाली तमाम 85 बसों का पहिया थमा रहा। सभी 265 कर्मचारी हड़ताल पर रहे। कर्मचारियों की हड़ताल से स्थानीय डिपो को हर रोज करीब छह लाख रूपये का नुकसान हो रहा है। अब तक तीन दिनों में 18 लाख रूपये की चपत लग चुकी है। संघर्षरत कर्मचारियों का स्पष्ट कहना है कि जब तक उनकी स्थायी करने की मांग पूरी नहीं हो जाती, कर्मचारी वापस काम पर नहीं लौटेंगे।

उधऱ, चंडीगढ़, हरिद्वार, जम्मू, कटड़ा, पठानकोट, जालंधर, लुधियाना, अमृतसर, विजय नगर, हनुमानगढ़, सिरसा-हिसार, नई दिल्ली आदि तमाम लंबे रूटों पर चलने वाली बसों के बंद रहने के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खास कर महिलाओं को किराया अदा करके निजी बसों में सफर करना पड़ रहा है।

पिछले दो दिनों की तरह रोडवेज के तमाम अस्थायी कर्मचारियों ने बस स्टैंड परिसर में दिन भर धरना देकर राज्य सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। धरने में भारतीय किसान यूनियन (एकता उग्राहां), पेंशनर्स एसोसिएशन, मिनिस्टीरियल सर्विसेज फेडरेशन के नेता भी उनका समर्थन करने के लिए पहुंचे। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार, मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, वित्तमंत्री मनप्रीत सिंह बादल और परिवहन मंत्री अमरिदर सिंह राजा वड़िग के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। पंजाब रोडवेज, पनबस व पीआरटीसी कांट्रैक्टर वर्कर्स यूनियन के प्रदेश सरपरस्त कमल कुमार, डिपो प्रधान हरजिदर सिंह और महासचिव तरसेम सिंह सहित तमाम नेताओं ने अस्थायी कर्मचारियों को तुरंत स्थायी करने और पंजाब रोडवेज व पीआरटीसी में 10 हजार नई बसें डालने की मांग की।

Edited By Jagran

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