शहर के हाई प्रोफाइल परिवार में प्रापर्टी विवाद, तीन पर धोखाधड़ी का केस

शहर की हाई प्रोफाइल फैमिली के प्रापर्टी विवाद में आइजी के हस्तक्षेप पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज दर्ज किया गया है।

JagranPublish: Fri, 28 Jan 2022 10:41 PM (IST)Updated: Fri, 28 Jan 2022 10:41 PM (IST)
शहर के हाई प्रोफाइल परिवार में प्रापर्टी विवाद, तीन पर धोखाधड़ी का केस

संवाद सहयोगी, मोगा : शहर की हाई प्रोफाइल फैमिली के प्रापर्टी विवाद में आइजी के हस्तक्षेप पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज दर्ज किया गया है। यह केस डा.गौमती थापर अस्पताल की डा.सुधा थापर के बयान पर उनके जेठ एनआरआइ सुरेश थापर, देवर लुधियाना निवासी सीए वेदव्रत भल्ला व अपनी ननद रिटायर्ड ब्रिगेडियर की पत्नी सुरेखा ढंड के खिलाफ दर्ज किया है। आरोप है कि पारिवारिक समझौते की बनी लीगल डीड को फर्जी हलफिया बयान के आधार पर रद कर दी थी।

डा. सुधा थापर ने इस धोखाधड़ी को लेकर पहले एसएसपी मोगा के पास शिकायत की थी। करीब छह माह चली लंबी जांच के बाद शिकायत यह कहते हुए खारिज कर दी गई थी कि मामला अदालत में है। इसमें पुलिस कुछ नहीं हो सकती यह पारिवारिक मामला है।

बाद में डा. सुधा थापर ने आइजी फरीदकोट रेंज के पास सुबूतों के साथ लिखित शिकायत की थी, जिसके चलते जांच के दौरान आरोप सही पाए जाने पर थाना सिटी में पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज कर दिया। मामले की जांच कर रहे थाना सिटी के एएसआइ साहिब सिंह ने बताया कि शिकायतकर्ता डा. सुधा थापर (70) निवासी जीटी रोड मोगा ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाए कि उनके रिश्तेदार लुधियाना निवासी उनके देवर सीए वेद व्रत भल्ला को वर्ष 2016 में हुए उनके पारिवारिक समझौते के संबंध में पूरी जानकारी थी। इसके चलते आरोपित ने शिकायतकर्ता के नाम पर मोगा से सुधीर कोहली नामक व्यक्ति के जरिए स्टांप खरीदा। इसके बाद आरोपित सीए ने अन्य दस्तावेजों के साथ साथ धोखे से शिकायतकर्ता के उक्त स्टांप पर हस्ताक्षर करवा लिए। बाद में उक्त स्टाम्प को नायब तहसीलदार से तस्दीक करवाकर हलफिया बयान बना लिया और फिर विभिन्न विभागों में उक्त हलफिया बयान को उनके पारिवारिक समझौते की डीड को रद करने के लिए प्रयोग किया।

इस पूरी साजिश के तहत की गई धोखाधड़ी में आरोपित सीए वेद व्रत भल्ला के साथ शिकायतकर्ता का जेठ सुरेश थापर निवासी मोगा हाल निवासी कनाडा और उनकी ननद रिटायर्ड बिग्रेडियर की पत्नी सुरेखा ढंड भी शामिल थीं।

पुलिस ने शिकायतकर्ता द्वारा पेश किए सबूतों के आधार पर मामले की जांच की तो आरोप सही पाए गए। पुलिस ने तीनों आरोपितों के खिलाफ साजिश के तहत धोखाधड़ी करने समेत विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया। जांच अधिकारी के अनुसार फिलहाल किसी भी आरोपित की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

Edited By Jagran

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