चुनाव ड्यूटी से बचने के लिए बना रहे बीमारी का बहाना, जांच में निकल रहे फिट

चुनाव ड्यूटी से बचने के लिए कई कर्मचारी अजब बहाने करने लगे हैं। कोई खुद को मेडिकली अनफिट बता रहा है तो कोई मां को बीमार बता रहा है। यही नहीं कोई अपने रिश्तेदार की शादी का कार्ड लेकर आ रहा है तो कोई खुद की सगाई की बात कर रहा है।

JagranPublish: Fri, 21 Jan 2022 09:36 PM (IST)Updated: Fri, 21 Jan 2022 09:36 PM (IST)
चुनाव ड्यूटी से बचने के लिए बना रहे बीमारी का बहाना, जांच में निकल रहे फिट

जागरण संवाददाता, लुधियाना : चुनाव ड्यूटी से बचने के लिए कई कर्मचारी अजब बहाने करने लगे हैं। कोई खुद को मेडिकली अनफिट बता रहा है तो कोई मां को बीमार बता रहा है। यही नहीं कोई अपने रिश्तेदार की शादी का कार्ड लेकर आ रहा है तो कोई खुद की सगाई की बात कर रहा है।

एडीशनल डिप्टी कमिश्नर डा नयन जस्सल के पास पिछले तीन दिन से अलग-अलग बहाने लेकर कर्मचारी अपनी चुनाव ड्यूटी कटवाने आ रहे हैं। जिला प्रशासन के पास रोजाना 50 से 60 कर्मचारी ड्यूटी कटवाने आ रहे हैं, लेकिन एडीसी नयन जस्सल के कमरे से वह मुंह लटकाकर ही बाहर निकल रहे हैं। ज्यादातर कर्मचारी खुद के बीमार होने का बहाना बना रहे हैं तो एडीसी ने बकायदा एक डाक्टर को अपने ही दफ्तर में बैठा दिया। जैसे ही कोई बीमारी की आड़ में ड्यूटी से बचने की बात कर रहा है तो एडीसी मौके पर ही उसका मेडिकल चेकअप करवा रही हैं। ऐसे में कई कर्मचारी तो चेकअप करवाने में आनाकानी भी कर रहे हैं।

35 हजार कर्मचारी चुनाव ड्यूटी में लगाए गए हैं

जिला चुनाव अधिकारी ने करीब 35 हजार कर्मचारियों को चुनाव ड्यूटी पर तैनात करने के आदेश दिए हैं। जैसे ही प्रशासन ने कर्मचारियों को चुनाव ड्यूटी की सूचना दी वैसे ही कुछ कर्मचारियों ने ड्यूटी कटवाने के लिए जुगाड़ करने शुरू कर दिए हैं। एडीसी डा नयन जस्सल के दफ्तर के बाहर ड्यूटी कटवाने के लिए कर्मचारियों का तांता लगा रहता है। एडीसी के दफ्तर में मेडिकल टीम होने की बात सुनकर तो कई कर्मचारी ड्यूटी कटवाने के लिए अंदर ही नहीं गए और बाहर से ही खिसक गए। एडीसी ने साफ कर दिया कि सिर्फ गर्भवतियों और कर्मचारी की उसी दिन शादी होने की स्थिति में ड्यूटी से छूट मिलेगी। बाकी सभी कर्मचारियों को ड्यूटी करनी पड़ेगी। एडीसी नयन जस्सल ने बताया कि जो ड्यूटी कटवाने के लिए कुछ कर्मचारियों के आवेदन आ रहे हैं उन पर मेरिट के आधार पर विचार किया जा रहा है। मैडम मां बेड पर हैं और मैं ही सेवा करता हूं

एक कर्मचारी सुबह से अपनी ड्यूटी कटवाने के लिए एडीसी दफ्तर के बाहर खड़ा रहा। एडीसी के सामने पेश हुआ तो उसने अपनी मां के बीमार होने की बात कही। कर्मचारी ने कहा कि मां घर पर अकेली हैं और उनकी देखभाल मैं खुद करता हूं। मेरे घर में कोई और नहीं हैं उनका बीपी अचानक बढ़ जाता है। जिस पर एडीसी ने कहा दिया कि जब आप ड्यूटी पर होते हैं तो देखभाल कौन करता है। अगर आप बीमार हो तो डाक्टर से यहीं पर चेक करवा लो, जिसके बाद कर्मचारी बाहर आ गया।

ठंड में सांस लेने में होती है दिक्कत

ड्यूटी कटवाने के लिए एक कर्मचारी अंदर गया और कहा कि सर्दी में रात को सांस लेने में दिक्कत होती है। चुनाव ड्यूटी के दौरान तीन दिन बाहर रहने से ठंड में तबीयत बिगड़ जाएगी। इस पर एडीसी ने पास बैठी मेडिकल टीम से कर्मचारी की जांच करने के लिए कहा। कर्मचारी ने मेडिकल करवाए बिना बाहर खिसकने में ही समझदारी समझी और वह बाहर खिसक गया।

परिवार में शादी है यह कार्ड देख लो

एडीसी दफ्तर के बाहर खड़े कर्मचारी ने बताया कि उनके परिवार में शादी है और उन्होंने इसके संबंध में एडीसी को कार्ड भी दिखा दिया। लेकिन उन्होंने ड्यूटी काटने से इंकार कर दिया। एडीसी ने साफ कह दिया कि चुनाव ड्यूटी बेहद महत्वपूर्ण होती है इसलिए इसमें किसी को छूट नहीं दी जाएगी।

एमएलए की चिट भी नहीं आ रही काम

कुछ कर्मचारी विधायकों से सिफारिशी चिट लेकर आए, लेकिन विधायकों की चिट भी काम नहीं आई। यही नहीं कुछ कर्मचारी सीनियर अधिकारियों की सिफारिश लेकर भी पहुंचे थे। पर प्रशासनिक अधिकारियों ने साफ कर दिया कि ड्यूटी सिर्फ मेरिट के आधार पर काटी जाएगी।

Edited By Jagran

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