समराला में राजेवाल के लिए दो किसान नेता हो सकते है बड़ी चुनौती

विधानसभा चुनाव करीब आते ही सियासी पार्टियों में हलचल बढ़ गई है। इस बार संयुक्त किसान मोर्चा के बलबीर सिंह राजेवाल खुद समराला से चुनाव मैदान में उतरे हैं। हालांकि यहां उन्हें कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। कारण उनके सामने दो अन्य किसान नेता भी चुनावी रण में उन्हें चुनौती दे रहे हैं।

JagranPublish: Sat, 22 Jan 2022 01:40 AM (IST)Updated: Sat, 22 Jan 2022 01:40 AM (IST)
समराला में राजेवाल के लिए दो किसान नेता हो सकते है बड़ी चुनौती

संसू, समराला : विधानसभा चुनाव करीब आते ही सियासी पार्टियों में हलचल बढ़ गई है। इस बार संयुक्त किसान मोर्चा के बलबीर सिंह राजेवाल खुद समराला से चुनाव मैदान में उतरे हैं। हालांकि यहां उन्हें कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। कारण, उनके सामने दो अन्य किसान नेता भी चुनावी रण में उन्हें चुनौती दे रहे हैं। ये नेता हैं शिरोमणि अकाली दल अमृतसर (मान दल) से वरिदर सिंह सेखों, किसानी संघर्ष में बहुत बड़ी भूमिका रही और दूसरे किसान नेता आम आदमी पार्टी के जगतार सिंह दयालपुरा हैं। किसानों में जगतार सिंह दयालपुरा का अच्छा प्रभाव है और वे 2017 के विधानसभा चुनाव में तीन हलकों से कृषि विंग इंचार्ज भी रह चुके हैं। ऐसे में समराला में इस बार तीन किसान नेता लड़ाई में उतरे हैं। ये तीनों ही किसान आंदोलन में भूमिका निभा चुके हैं और उसी का हवाला देकर लोगों से वोट मांग रहे हैं।

भाकियू सिद्धूपुर की नहीं है सहमति

समराला हल्के में किसान मतदाताओं का अच्छा खासा आधार है। इस बार किसान अपनी वोट किस किसान नेता को देंगे, यह अभी तक कुछ कहा नहीं जा सकता। कई गांवों में इस बात से नाराजगी है कि संयुक्त समाज मोर्चा बना कर राजेवाल ने गलती की है। इसी बात का दूसरे किसान नेता फायदा भी उठा रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन सिद्धूपुर का समराला में अधिक प्रभाव माना जाता है और इस यूनियन की अभी संयुक्त समाज मोर्चा के बीच में सहमति नहीं है।

Edited By Jagran

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