This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.
OK

World Hepatitis Day 2021 : कोरोना काल में भी कम नहीं हुआ काला पीलिया, यह लक्षण दिखें तो डाक्टर को दिखाएं

कोरोना काल में विभाग की ओर से राज्य के 13 एआरटी सेंटरों तथा 11 ओएसडी सेंटरों में हेपेटाइटिस सी यानी काला पीलिया की स्क्रीनिंग और टेस्टिंग का सिलसिला जारी रखा। एआरटी सेंटरों में एचआइवी के जिंदगी बसर कर रहे 26823 लोगों की जांच हुई और 20.5 फीसदी पाजिटिव पाए गए।

Vinay KumarWed, 28 Jul 2021 08:03 AM (IST)
World Hepatitis Day 2021 : कोरोना काल में भी कम नहीं हुआ काला पीलिया, यह लक्षण दिखें तो डाक्टर को दिखाएं

जालंधर [जगदीश कुमार]। राज्य में नशे के छठे दरिया में यूथ को बचाने के लिए सरकार एड़ी चोटी का जोर लगा रही है। नशे के दरिया से निकलने वाला काला पीलिया यानी हैपेटाइटिस बी व सी यूथ को अंधकार में धकेल रहा है। कोरोना काल में भी काला पीलिया की छाया कम नहीं हुई। कोरोना काल में विभाग की ओर से राज्य के 13 एआरटी सेंटरों तथा 11 ओएसडी सेंटरों में हेपेटाइटिस सी यानी काला पीलिया की स्क्रीनिंग और टेस्टिंग का सिलसिला जारी रखा। विभाग की ओर से जून 2020 से एआरटी सेंटरों में एचआइवी के जिंदगी बसर कर रहे 26823 लोगों की जांच हुई और 20.5 फीसदी पाजिटिव पाए गए। इनमें आठ फीसदी पठानकोट तथा 44 फीसदी फिरोजपुर के शामिल हैं।

वहीं ओएसटी सेंटरों में इंजेक्शन से नशा करने वाले 3459 लोगों की जांच हुई इनमें से 62.8 फीसदी पाजिटिव आए। इनमें 19 फीसदी पटियाला तथा 80 फीसदी लुधियाना के शामिल है। इनमें से वायरल लोड पाजिटिव पाए जाने वाले मरीजों का राज्य सरकार की ओर से मुफ्त इलाज किया जा रहा है। सेहत विभाग के अनुसार राज्य में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मुफ्त ईलाज के लिए राज्य सरकार की ओर से जून 2016 में मुख्यमंत्री हैपेटाइटिस सी राहत कोष की शुरूआत की गई थी। ईलाज की मुफ्त सुविधा शुरू की गई थी जो मरीजों के लिए वरदान साबित हो रही है।

एचआईवी से भी खतरनाक हैपाटाइटिस बी व सी

पिम्स में ब्लड बैंक प्रभारी डा. एचएस लांबा कहते है कि दूषित खाद्य पदार्थ व पानी हैपाटाइटिस ए व ई का जन्मदाता है। हैपेटाइटिस 'बी' और 'सी' के वायरस एचआइवी के वायरस से तीन से चार सौ गुना अधिक संक्रमित होते हैं। यह संक्रमित खून के अदान प्रदान से होते है। हैपेटाइटिस 'बी' के लिए वैक्सीन बनाई जा चुकी है किन्तु हैपेटाइटिस 'सी' के लिए अभी तक कोई वैक्सीन नहीं बनी है। हालांकि इनका इलाज संभव है परंतु मंहगा है।  

मरीजों की छिन जाती है मुस्कराहट

ग्रेस्ट्रोलॉजिस्ट डा. अमित सिघंल कहते है कि हैपेटाइटिस ए व ई तीन सप्ताह के भीतर खुद ही ठीक होता है। लोग इलाज की बजाय झाड़फूंक के चक्करों में फंस कर मुसीबत मोल लेते हैं। गर्भवती महिलाओं के लिए हैपाटाइटिस खतरनाक साबित होता है।

वैक्सीन है सुरक्षा कवच

इंडियन अकादमी आफ पीडियाटि्रक्स की सचिव डा. पूजा कपूर कहती है कि हैपेटाइटिस ए और बी की रोकथाम के टीके सहजता से उपलब्ध हैं। बड़े बच्चों और वयस्कों को तीन चरणों में छह महीने की अवधि में टीके लगाए जाते हैं। नवजात शिशुओं को जन्म के बाद 12 घंटों के अंदर पहला, एक से दो महीने की उम्र पर दूसरा तथा  तीन से 18 महीने की उम्र में तीसरा टीका लगवाने की सलाह दी जाती है।

मालवा में मरीजों की संख्या ज्यादा : डा. जीबी सिंह

सेहत विभाग के डायरेक्टर डा. जीबी सिंह का कहना है कि दोआबा और माझा के मुकाबले मालवा में मरीजों की संख्या ज्यादा है। विभाग की ओर से जेलों में बंद कैदियों की भी जांच की जा रही है। इससे पहले एचआईवी , गर्भवती महिलाओं तथा ओएसटी सेंटरों में दवा लेने वाले लोगों के टेस्ट किए जा रहे है। टेस्ट के दौरान पाजिटिव पाए जाने वाले लोगों का विभाग की ओर से मुफ्त इलाज किया जा रहा है। इसके अलावा विभाग की टीमें लोगों को बीमारी से बचाव के लिए जागरूक कर रही है।

हैपेटाइटिस ए और ई के लक्षण

-थकान और बिस्तर पर लेटे रहने का मन करना

- हल्का बुखार व सिरदर्द

- गले में में खारिश,

- भूख कम लगना

-उल्टी आना

-पेट के निचले हिस्से में दाहिनी ओर दर्द व जलन होना और बाद में पेशाब, आंखों व त्वचा का रंग पीला तथा चेहरा सुस्त नजर आना।

क्या खाएं

कार्बोहाइड्रेट वाली चीजें, सब्जियों और घर से निकाले गए जूस का सेवन फायदेमंद व तुली-भुनी चीजें नुकसानदायक है।

हैपेटाइटिस बी और सी के लिए

हमेशा याद रखे

- इंजेक्शन दिए जाने की सूई का दूसरों दूसरों पर इस्तेमाल न करें।

-इंजेक्शन देने से पहले हाथ धो लें।

- घावों और शरीर के कटे अंग को ढक कर रखें।

- रेजर, टूथब्रश, नेल किलपर्स या पियर्स ईयरिंग्स का किसी के साथ साझा न करें।

- गर्भधारण करने से पहले डॉक्टर से परामर्श लें।

- टैटू खुदवाने के लिए  जीवाणुरहित उपकरण इस्तेमाल करे।

-जांच किया खून ही चढ़वाएं।

-टीके वाले नशे से दूर रहे।

Edited By: Vinay Kumar

ਪੰਜਾਬੀ ਵਿਚ ਖ਼ਬਰਾਂ ਪੜ੍ਹਨ ਲਈ ਇੱਥੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰੋ!

जालंधर में कोरोना वायरस से जुडी सभी खबरे

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
 
Jagran Play

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

  • game banner
  • game banner
  • game banner
  • game banner