जालंधर में बेरोजगार अध्यापकों का शिक्षा मंत्री की कोठी के बाहर प्रदर्शन जारी, आज गुप्त प्लान की तैयारी

जालंधर में बीएड टेट पास बेरोजगार अध्यापकों का रात भर शिक्षा मंत्री की कोठी के बाहर प्रदर्शन और रोष स्वरूप धरना जारी रहा। मांगों संबंधी कोई भी कार्रवाई ना होने पर अब बेरोजगार अध्यापक गुप्त एक्शन प्लान की तैयारी कर रहे हैं।

Vinay KumarPublish: Thu, 25 Nov 2021 09:14 AM (IST)Updated: Thu, 25 Nov 2021 09:14 AM (IST)
जालंधर में बेरोजगार अध्यापकों का शिक्षा मंत्री की कोठी के बाहर प्रदर्शन जारी, आज गुप्त प्लान की तैयारी

जागरण संवाददाता, जालंधर। जालंधर में बीएड टेट पास बेरोजगार अध्यापकों का रात भर शिक्षा मंत्री की कोठी के बाहर प्रदर्शन और रोष स्वरूप धरना जारी रहा। मगर उनकी मांगों संबंधी कोई भी कार्रवाई ना होने पर अब बेरोजगार अध्यापक गुप्त एक्शन प्लान की तैयारी कर रहे हैं। अभी तक तो उनका शिक्षा मंत्री की कोठी के बाहर ही उग्र रूप देखा जा चुका है और अब सवाल यह है कि उनके गुप्त एक्शन प्लान में क्या निकल कर सामने आता है। क्योंकि अभी तक पुलिस के साथ शिक्षकों की लगभग 3 से 4 बार झड़प हो चुकी है और हर बार उन्होंने अपना दमखम दोगुने जोश के साथ ही दिखाया है। भले इसमें उनके कुछ साथी चोटिल भी हुए मगर कोई भी सदस्य संघर्ष से पीछे नहीं हटा। यूनियन के नेता अमनदीप सिंह सेखों का कहना है कि ना तो प्रशासन की तरफ से ना तो सरकार की तरफ से और ना ही सरकार के मंत्री प्रगट सिंह की तरफ से उनकी मांगों को लेकर कार्रवाई की गई है। इसलिए उन्हें मजबूरन अब गुप्त एक्शन प्लान को अंजाम देना पड़ रहा है जो सुबह 9 बजे के आसपास यूनियन के सदस्य करेंगे।

बता दें कि शिक्षा मंत्री की कोठी के बाहर दीपावली की रात भर भी शिक्षक बैठे रहे थे। तब शिक्षा मंत्री ने खुद कोठी से बाहर आकर सभी को मांगें मानने का आश्वासन दिया था, मगर उसके बावजूद दो बार प्रदर्शन करने और मीटिंगें करने के बाद भी नतीजा न निकलने का अध्यापकों में रोष था। उनकी यही मांग है कि नौ हजार पोस्टों का नोटिफिकेशन जारी करे, पोस्टों की भर्ती पर लगाई गई शर्त हटाई जाए, सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में मिडिल स्कूलों की पोस्टें देने की नीति बंद कर नई पोस्टें भरी जाएं।

Edited By Vinay Kumar

ਪੰਜਾਬੀ ਵਿਚ ਖ਼ਬਰਾਂ ਪੜ੍ਹਨ ਲਈ ਇੱਥੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰੋ!

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept