Punjab Election: खडूर साहिब में सांसद और विधायक के बीच रोचक जंग, आप को कांग्रेस प्रत्याशी की घोषणा का इंतजार

Punjab Election 2022 कांग्रेस के मौजूदा विधायक रमनजीत सिंह सिक्की की टिकट कटवाकर सांसद जसबीर सिंह डिंपा अपने बेटे उपदेश गिल को दिलाने में लगे हैं। आप ने इसका फायदा उठाने के चक्कर में अभी तक प्रत्याशी के नाम की घोषणा नहीं की है।

Pankaj DwivediPublish: Fri, 21 Jan 2022 03:59 PM (IST)Updated: Fri, 21 Jan 2022 03:59 PM (IST)
Punjab Election: खडूर साहिब में सांसद और विधायक के बीच रोचक जंग, आप को कांग्रेस प्रत्याशी की घोषणा का इंतजार

धर्मबीर सिंह मल्हार, तरनतारन। विधानसभा हलका खडूर साहिब से आम आदमी पार्टी (आप) के प्रत्याशी मनजिंदर सिंह सिद्धू, गुरसेवक सिंह औलख में से एक होगा या कोई और। इस बाबत अभी सियासी तौर पर तस्वीर साफ नहीं है। कांग्रेस के मौजूदा विधायक रमनजीत सिंह सिक्की की टिकट कटवाकर सांसद जसबीर सिंह डिंपा अपने बेटे उपदेश गिल को दिलाने में लगे हैं। इसके चलते आम आदमी पार्टी ने खडूर साहिब सीट से प्रत्याशी की घोषणा यह सोचकर टाल दी है कि कांग्रेस की टिकट में बदलाव पर बगावत का लाभ लिया जा सके।

वर्ष 2012 में पूर्व मंत्री रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा व 2017 में रविंदर सिंह ब्रह्मपुरा को हराकर दूसरी बार विधायक बनने वाले रमनजीत सिंह सिक्की के खिलाफ कांग्रेस के मौजूदा सांसद जसबीर सिंह डिंपा कोई दाव नहीं छोड़ रहे। सिक्की की टिकट कटवाकर अपने बेटे उपदेश गिल को विधानसभा का चुनाव लड़ाने की जिद पकड़े सांसद डिंपा कई दिनों से दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। जुलाई 2020 में जहरीली शराब से हुई मौतों का मामला उछालने के साथ हलके से विधायक सिक्की की लंबे समय तक रही गैरहाजिरी को मुद्दा बनाकर उनकी टिकट कटवाने में अगर सांसद डिंपा पास होते हैं तो विधायक सिक्की चुप बैठने वाले नहीं है। टिकट कटने पर सिक्की अगर कांग्रेस से बगावत करते हैं तो आम आदमी पार्टी इसका सीधा लाभ लेने के मूड में है।

समझा जाता है कि युवा विंग के प्रदेश के पूर्व अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिद्धू, ट्रेड विंग के जिला अध्यक्ष गुरसेवक सिंह औलख जहां टिकट के मजबूत दावेदार है। वहीं आम आदमी पार्टी अपने प्रत्याशी की घोषणा में जानबूझकर देरी कर रही है। समझा जाता है कि शनिवार को आल इंडिया कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष सोनिया गांधी की ओर से कांग्रेसी प्रत्याशियों की दूसरी सूची जारी करने की संभावना है। इसके बाद खडूर साहिब की सियासी तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।

सपूतों को टिकट के फार्मूले से अभी हाईकमान दूर

कैबिनेट मंत्री तृप्त रजिंदर सिंह बाजवा, राणा गुरजीत सिंह जहां अपने सपूतों लिए टिकटें मांग रहे है। वहीं कांग्रेस हाईकमान द्वारा एक परिवार में दो टिकटें दाने का फार्मूला नजरअंदाज किया जा रहा है। मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के भाई मनोहर सिंह भी इसी वजह कारण कांग्रेस से नाराज चले आ रहे है। उधर, मौजूदा सांसदों को चुनाव मैदान में उतारने बाबत कांग्रेस हाईकमान ने अभी तक कोई फैसला नहीं लिया। जिसके चलते विधायक रमनजीत सिंह सिक्की अपनी टिकट पक्की समझकर टीम को हलके में तैयार कर रहे है।

Edited By Pankaj Dwivedi

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