This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.
OK

नवजोत सिद्धू पंजाब में नए‍ विवाद में फंसे, धार्मिक निशान वाला शाल ओढ़कर किसानों के बीच पहुंचे

पंजाब के पूर्व केृैबिनेट मंत्री नवजाेत सिंह सिद्धू एक बार फिर विवाद में फंस गए हैं। नए विवाद को लेकर सिद्धू बुरी तरह घिर गए हैं। सिद्धू धार्मिक निशान वाले शाल ओढ़कर किसानों के बीच पहुंच गए। इसके बाद वह लोगों के निशाने पर आ गए हैं।

Sunil Kumar JhaTue, 29 Dec 2020 02:35 PM (IST)
नवजोत सिद्धू पंजाब में नए‍ विवाद में फंसे, धार्मिक निशान वाला शाल ओढ़कर किसानों के बीच पहुंचे

शाहकोट (जालंधर), जेएनएन। पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू नए विवाद में फंस गए हैं। सिद्धू धार्मिक निशान वाला शाल ओढ़कर शाहकोट पहुंचने पर नया विवाद छिड़ गया है। वह धार्मिक निशान वाला शाल ओढ़कर किसानों के बीच पहुंच गए। इसके बाद वह लोगों के निशाने पर आ गए। उन पर सिखों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप लगाए जा रहे हैा और उनको श्री अकाल तख्‍त साहिब में बुलाने की मांग की जा रही है।

सिखों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप, श्री अकाल तख्त साहिब में तलब करने की मांग

दरअसल सिद्धू हलका शाहकोट के गांव संढावाल में किसानों को एमएसपी के प्रति जागरूक करने आए थे। उन्होंने एक रुमाला साहिब की तरह शाल ओढ़ रखा था। इस पर खंडा व एक ओंकार छपा हुआ था। उनकी यह तस्वीर इंटरनेट मीडिया पर खूब वायरल हो रही है जिस पर लोग तरह-तरह के कमेंट कर रहे हैं।

इस संबंध में पंथक सेवा लहर के जिला प्रधान मेजर सिंह माणकपुर ने कहा कि नवजोत सिंह सिद्धू कभी गुरबाणी की बेअदबी करते हैं तो कभी सिखों के धार्मिक चिन्हों की। सिद्धू ने ऐसा करके सिखों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है, जिसके लिए उन्हें सिख पंथ से माफी मांगनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि सिद्धू ने धार्मिक चिन्हों की शाल ओढकर क्या साबित करना चाहा कि वह खुद को सिख गुरुओं के बराबर समझते हैं या किसी साजिश के तहत धार्मिक चिन्हों की बेअदबी की है। उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत ¨सह को मामले का सख्त नोटिस लेते सिद्धू को श्री अकाल तख्त साहिब में तलब करने की अपील की है।

एसजीपीसी ने कहा, पंथ से माफी मांगें सिद्धू

इस घटना की शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने भी निंदा की है। एसजीपीसी से महासचिव भगवंत सिंह सियालका ने कहा कि सिद्धू की इस हरकत से सिख कौम की भावनाओं को ठेस पहुंची है। सिद्धू को बिना शर्त सिख पंथ से माफी मांगनी चाहिए। उनसे इस तरह की हरकत किए जाने की आशा नहीं थी।

 

यह भी पढ़ें: पंजाब में किसानों ने 1561टेलीकाम टावरों को पहुंचाई क्षति, सीएम दिया कड़े एक्‍शन का आदेश

 

यह भी पढ़ें: किसानों ने फतेहगढ़ साहिब में सुखबीर बादल का किया विरोध, कार घेर कर काले झंडे दिखाए

 

हरियाणा की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

 

पंजाब की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

ਪੰਜਾਬੀ ਵਿਚ ਖ਼ਬਰਾਂ ਪੜ੍ਹਨ ਲਈ ਇੱਥੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰੋ!

जालंधर में कोरोना वायरस से जुडी सभी खबरे

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!