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डिफेक्टिव इन्वर्टर वापस न लेने पर इलेक्ट्रानिक कंपनी पर 7 हजार का हर्जाना, 45 दिनों के अंदर रिप्लेस करने के भी आदेश

जालंधर के जीटीबी नगर एक्सटेंशन में रहने वाले एक व्यक्ति की शिकायत पर उपभोक्ता फोरम ने एक इलेक्ट्रानिक कंपनी पर सात हजार रुपये का हर्जाना लगाया है। इसके साथ ही इन्वर्टर को 45 दिनों के अंदर रिप्लेस करने के भी आदेश दिए हैं।

Vikas_KumarSun, 27 Jun 2021 10:29 AM (IST)
डिफेक्टिव इन्वर्टर वापस न लेने पर इलेक्ट्रानिक कंपनी पर 7 हजार का हर्जाना, 45 दिनों के अंदर रिप्लेस करने के भी आदेश

जालंधर, जागरण संवाददाता। जीटीबी नगर एक्सटेंशन के रहने वाले एक व्यक्ति की शिकायत पर उपभोक्ता फोरम ने एक इलेक्ट्रानिक कंपनी पर सात हजार रुपये का हर्जाना लगाया है। इसके साथ ही इन्वर्टर को 45 दिनों के अंदर रिप्लेस करने के भी आदेश दिए हैं।

जीटीबी नगर एक्सटेंशन के रहने वाले शमशेर सिंह ने दी शिकायत में कहा था कि उन्होंने एक एनर्जी कंपनी से 1.30 लाख में सोलर पैनल इन्वर्टर खरीदा था, जो कि डिफेक्टिव था। इस बाबत जब उन्होंने कंपनी के सोनीपत और दिल्ली आफिस में शिकायत की तो कंपनी ने कहा कि आप इन्वर्टर वापस भेज दें। कंपनी उसे रिप्लेस कर देगी।

इस पर उन्होंने इन्वर्टर कंपनी के बताए हुए पते पर भेज दिया, लेकिन कंपनी ने इन्वर्टर की डिलीवरी लेने के इन्कार कर दिया। इसके बाद कंज्यूमर फोरम में अपील करने पर फोरम ने कंपनी के सोनीपत और दिल्ली आफिस को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने को कहा, लेकिन इस सुनवाई में कंपनी की तरफ से कोई भी शामिल नहीं हुआ। फोरम ने कंपनी को एक्स पार्टी मानते हुए कहा कि जब कंपनी ने इन्वर्टर भेजते समय यह भरोसा दिया था कि वह डिफेक्ट आने पर इन्वर्टर को बदल देंगे तो उनकी ड्यूटी बनती थी कि या तो वह इसे रिप्लेस करते या फिर रिपेयर करते। कंपनी ने डिफेक्टिव इन्वर्टर को वापस मंगा कर भी उसकी डिलीवरी नहीं ली। यह धोखेबाजी के श्रेणी में आता है।

वहीं कंपनी का फोरम में जवाब न देना उपभोक्ता को अच्छी सेवाएं प्रदान करने में लापरवाही है। फोरम ने इसे सेवा में कमी भी माना और अपना फैसला सुनाते हुए कंपनी को 45 दिन के अंदर इन्वर्टर को रिप्लेस करने के साथ दो हजार केस खर्च समेत सात हजार हर्जाना चुकाने के आदेश दिए हैं। बता दें कि कई बार लोग इस तरह के मामलों में फोरम में जाने से कतराते हैं जिससे कंपनियों के हौसले और बढ़ जाते हैं।

Edited By Vikas_Kumar

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