Punjab Election: आम आदमी पार्टी प्रमुख केजरीवाल ने किए 10 वादे, व्यापारियों पर नहीं लगाएंगे नया टैक्स

अरविंद केजरीवाल जालंधर के दो दिन के दौर पर हैं। दूसरे दिन उन्होंने जालंधर शहरी लोगों के लिए 10 गारंटी देने का वादा किया है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों की हालत ऐसी होगी कि समाज का प्रत्येक वर्ग अपने बच्चों को वहीं पर आना चाहेगा।

Vinay KumarPublish: Sat, 29 Jan 2022 03:33 PM (IST)Updated: Sat, 29 Jan 2022 03:53 PM (IST)
Punjab Election: आम आदमी पार्टी प्रमुख केजरीवाल ने किए 10 वादे, व्यापारियों पर नहीं लगाएंगे नया टैक्स

जालंधर [मनुपाल शर्मा]। अरविंद केजरीवाल जालंधर के दो दिन के दौर पर हैं। दूसरे दिन उन्होंने पंजाब के शहरी लोगों के लिए 10 गारंटी देने का वादा किया है। केजरीवाल ने कहा कि पंजाब में 26 साल कांग्रेस और 19 साल बादल परिवार ने राज किया, उन्होंने जो करना था वो कर लिया। इनको और 5 साल देने से कोई फायदा नहीं है। आम आदमी पार्टी ईमानदार पार्टी है, इसलिए 5 साल के लिए आप को एक मौका मिले। 

ये हैं केजरीवाल के 10 वादे

1-शहरों में सफाई, सरकारी डॉक्यूमेंट की डोर स्टेप डिलीवरी होगा।

2-लटकती हुई तारों को अंडरग्राउंड किया जाएगा।

3-प्रत्येक मोहल्ले में मोहल्ला क्लीनिक होगा।

4-सरकारी अस्पतालों का स्तर सुधारा जाएगा।

5-सरकारी स्कूलों की हालत ऐसी होगी कि समाज का प्रत्येक वर्ग अपने बच्चों को वहीं पर आना चाहेगा।

6-24 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जाएगी।

7-24 घंटे पानी उपलब्ध कराया जाएगा।

8-व्यापारी वर्ग के लिए अगले 5 वर्ष तक कोई नया टैक्स नहीं होगा और ना ही मौजूदा टैक्स में कोई बढ़ोतरी की जाएगी।

9-महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत बनाया जाएगा। छेड़छाड़ और दुष्कर्म जैसी घटनाओं पर काबू पाने के लिए सीसीटीवी नेटवर्क को मजबूत किया जाएगा।

10-मार्केट में सड़कों शौचालय एवं पार्किंग की व्यवस्था को सुधारा जाएगा।

मजीठिया की गिरफ्तारी रोकने को नहीं कहा

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि बिक्रम सिंह मजीठिया को लेकर प्रदेश के शिक्षा मंत्री परगट सिंह को उन्होंने गिरफ्तारी रोकने के लिए नहीं कहा है। उन्होंने कहा कि यह एक प्रक्रिया है। जब लोअर कोर्ट से किसी की जमानत रद होती है तो तत्काल अपराधी को पकड़ लिया जाता है लेकिन पंजाब सरकार ऐसा नहीं कर रही है।

भुल्लर की रिहाई पर अकाली दल कर रहा राजनीति

प्रोफेसर दविंदर सिंह भुल्लर की रिहाई के मामले पर उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर अकाली दल गंदी राजनीति कर रहा है जिसकी वह कड़ी निंदा करते हैं। दिल्ली में ला एंड आर्डर और पुलिस दिल्ली सरकार के अधीन नहीं है। यह केंद्र के अधीन है। सजा कम करने सजा माफ करने अथवा रिहाई के मसले को लेकर सेंटेंस रिव्यू बोर्ड एसआरबी की कमेटी की फैसला लेती है। उन्होंने कहा कि उन्होंने गृह सचिव को फोन पर यह कहा है कि इस कमेटी की तत्काल बैठक कराई जाए जिसमें जज भी होते हैं, पुलिस ऑफिसर भी होते हैं, और सचिव स्तर के अधिकारी भी होते हैं। कमेटी का जो भी फैसला होगा उसे तत्काल लेफ्टिनेंट गवर्नर के सामने रखा जाएगा और वह इस फाइल के ऊपर फैसला देंगे।

Edited By Vinay Kumar

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