मरीज के इलाज में लापरवाही , परिजनों ने किया हंगामा

मरीज के इलाज के बावजूद उसके स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने और उसे दूसरे अस्पताल में रेफर करने के आरोपों को लेकर परिजनों ने मंगलवार को जेपी नगर स्थित अग्रवाल लीवर व गट् अस्पताल में हंगामा किया।

JagranPublish: Wed, 26 Jan 2022 05:37 AM (IST)Updated: Wed, 26 Jan 2022 05:37 AM (IST)
मरीज के इलाज में लापरवाही , परिजनों ने किया हंगामा

जागरण संवाददाता, जालंधर : मरीज के इलाज के बावजूद उसके स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने और उसे दूसरे अस्पताल में रेफर करने के आरोपों को लेकर परिजनों ने मंगलवार को जेपी नगर स्थित अग्रवाल लीवर व गट् अस्पताल में हंगामा किया। मौके पर बस्ती बावा खेल थाने की पुलिस ने पहुंचकर मामला शांत किया। मिट्ठू बस्ती निवासी हरमीत सिंह ने बताया कि वह दस दिन से अपने पिता मोहन सिंह को अस्पताल इलाज के लिए लेकर आ रहे थे। पिता खुद चलकर अस्पताल आते थे और कुछ समय इलाज करवाकर वापस चले जाते थे। दो दिन से उनकी तबीयत में सुधार होने के बजाय बिगड़ती गई। उन्होंने अस्पताल के डा. मुनीश अग्रवाल पर उनके पिता को ठीक करने के आश्वासन देने के आरोप लगाए। उन पर मरीज की सही स्थिति छिपाने तथा परिजनों को अंधेरे में रखने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि वे दस दिन से रोजाना 8-10 हजार इलाज पर खर्च करते रहे। हालात बिगड़ने पर उन्हें डीएमसी लुधियाना में रेफर करने को कह दिया गया। उन्होंने मरीज को आनन फानन में न्यू रूबी अस्पताल में भर्ती करवाया जहां उन्हें आईसीयू में रखा गया है।

उनके साथ पहुंचे कांग्रेस के पूर्व यूथ प्रधान अभिषेक बख्शी ने लापरवाही के आरोप लगाए। आरोप लगाया कि अस्पताल के डाक्टर का मरीजों के परिजनों के साथ भी रवैया ठीक न होने की वजह से कई बार लोगों ने हंगामा किया है। उन्होंने चेतावनी दी है अगर मरीज को कुछ हुआ तो अस्पताल के बाहर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। मौके पर एसीपी वरियाम सिंह तथा थाना बस्ती बावा के एसएचओ अवतार सिंह पहुंचे और मामले को शांत किया। अस्पताल प्रबंधन ने पक्ष देने से किया मना

अस्पताल के डाक्टर मुनीश अग्रवाल से पक्ष लेने के लिए पहुंचे तो कुछ भी कहने से मना कर दिया। अस्पताल के मेडिकल अफसर डा. गुरसेवक सिद्धू ने कहा कि इस संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं है और डाक्टर मुनीश अग्रवाल व्यस्त होने की वजह से नही मिल सकते है। थाना बस्ती बावाखेल के एसएचओ अवतार सिंह ने बताया कि उनके पास शिकायत आई है। उन्होंने अस्पताल से मरीज का रिकार्ड मंगवाया है और सेहत विभाग से जांच करवा अगली कार्रवाई की जाएगी।

Edited By Jagran

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