अबोहर में नौ बार कांग्रेस व छह बार बनी भाजपा की सरकार

विधानसभा क्षेत्र अबोहर के इतिहास पर नजर दौड़ाई जाए तो पता चलेगा कि पंजाब में अब तक 15 बार विधानसभा चुनाव हुए हैं और इनमें नौ बार अबोहर से कांग्रेस तो छह बार जनसंघ व भाजपा ने जीत दर्ज की।

JagranPublish: Wed, 19 Jan 2022 10:21 PM (IST)Updated: Wed, 19 Jan 2022 10:21 PM (IST)
अबोहर में नौ बार कांग्रेस व छह बार बनी भाजपा की सरकार

राज नरूला, अबोहर : विधानसभा क्षेत्र अबोहर के इतिहास पर नजर दौड़ाई जाए तो पता चलेगा कि पंजाब में अब तक 15 बार विधानसभा चुनाव हुए हैं और इनमें नौ बार अबोहर से कांग्रेस तो छह बार जनसंघ व भाजपा ने जीत दर्ज की।

पंजाब में सबसे पहले विधानसभा चुनाव 1952 में हुआ, जिसमें अबोहर हलके से कांग्रेस के उम्मीदवार चांदी राम वर्मा विजय रहे। इसके बाद 1957 में हुए चुनाव में जनसंघ के सहीराम को विजय हासिल हुई। तीसरे चुनाव 1962 में हुए जिसमें एक बार फिर से कांग्रेस को जीत मिली और चांदीराम वर्मा दूसरी बार एमएलए बनकर पंजाब सरकार में मंत्री बने। इसके बाद 1967 के चुनाव में चौधरी सत्यदेव जीत कर एमएलए बने और दो साल बाद दोबारा से हुए चुनाव में फिर से चौ. सत्यदेव को जीत हासिल हुई।

इसके बाद राजनीति में जाखड़ परिवार का प्रवेश हुआ और 1972 में हुए विधानसभा चुनाव में बलराम जाखड़ ने जीत हासिल की। लगातार दूसरी बार बलराम जाखड़ ने 1977 में भी जीत हासिल करते हुए अपने नाम का डंका बजाया। इसके बाद बलराम जाखड़ संसदीय चुनावों में चले गए और अबोहर विधानसभा क्षेत्र में उनके बेटे सज्जन कुमार जाखड़ 1980 में पंजाब विधानसभा का चुनाव जीतकर एमएलए बन गए, लेकिन 1985 के विधानसभा चुनाव में यहां से भाजपा टिकट पर चुनाव लड़ने वाले नए चेहरे अर्जुन सियाग को लोगों ने जीत का सेहरा पहनाते हुए एमएलए बना दिया। इसके बाद 1992 में हुए विधानसभा चुनाव में सज्जन कुमार जाखड़ को फिर से जीत हासिल हुई। इसके बाद 1997 के चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार डा. रामकुमार गोयल को अबोहर के लोगों ने चुन कर विधानसभा में भेजा। पिछले चुनाव यानी 2017 के चुनाव में अबोहर हलके के वोटरों ने भाजपा के अरुण नारंग को जीताकर यहां से एमएलए बनाया। अब आगामी चुनाव 2022 में होने हैं, देखना है कि अबोहर हलके की जनता किसे अपना नुमाइंदा चुनकर विधानसभा में भेजती है। तीन बार सुनील जाखड़ जीत चुके हैं चुनाव

साल 2002 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की ओर से सुनील जाखड़ मैदान में उतरे और उन्होंने जीत हासिल की। इसके बाद 2007 में भी सुनील जाखड़ को लोगों ने जीताकर विधानसभा में भेजा। लगातार तीसरी बार 2012 के विधानसभा चुनाव में जीत हासिल कर सुनील जाखड़ ने जीत की हैट्रिक लगाई।

Edited By Jagran

ਪੰਜਾਬੀ ਵਿਚ ਖ਼ਬਰਾਂ ਪੜ੍ਹਨ ਲਈ ਇੱਥੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰੋ!

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept