डीजीपी आफिस में तैनात लेटर टाइप करने वाले तीनों क्लर्क गिरफ्तार

पंजाब पुलिस विभाग में सामने आए फर्जी प्रमोशन मामले में डीजीपी (डायरेक्टर जनरल आफ पुलिस) कार्यालय में तैनात तीन क्लर्कों को सोमवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपितों की पहचान मनी कटोच संदीप कुमार और बहादुर के तौर पर हुई है।

JagranPublish: Tue, 18 Jan 2022 08:25 PM (IST)Updated: Wed, 19 Jan 2022 03:05 AM (IST)
डीजीपी आफिस में तैनात लेटर टाइप करने वाले तीनों क्लर्क गिरफ्तार

कुलदीप शुक्ला, चंडीगढ़

पंजाब पुलिस विभाग में सामने आए फर्जी प्रमोशन मामले में डीजीपी (डायरेक्टर जनरल आफ पुलिस) कार्यालय में तैनात तीन क्लर्कों को सोमवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपितों की पहचान मनी कटोच, संदीप कुमार और बहादुर के तौर पर हुई है। तीनों की भूमिका फर्जी प्रमोशन लेटर टाइप करने के बाद प्रिट निकाल आगे अधिकारी तक पहुंचाने की मिली है। पुलिस ने कार्यालय से लैपटाप, प्रिटर सहित अहम दस्तावेज जब्त कर लिए है। मामले में जल्द असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर हरविदर सहित एक इंस्पेक्टर की भी गिरफ्तारी होगी। उधर, पुलिस तीनों आरोपितों को बुधवार को कोर्ट में पेश करेगी। उन्हें पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया जा सकता है। इस तरह हुआ फर्जीवाड़ा

पुलिस की जांच में सामने आया है कि मोहाली में तैनात सब इंस्पेक्टर हरविदर सिंह के निर्देशानुसार डीजीपी आफिस में तैनात तीनों क्लर्को ने फर्जी प्रमोशन लेटर टाइप किया। आरोपित ने लेटर एसआइ हरविदर तक पहुंचा दिया। इसके बाद हरविदर ने लेटर एक इंस्पेक्टर के हवाले किया। इसकी पहचान पुलिस ने कर ली है। वहीं, हरविदर फरार चल रहा है। लेटर पर तत्कालीन डीजीपी चट्टोपाध्याय के फर्जी हस्ताक्षर हैं। अब पुलिस मास्टर माइंड साहब तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है, जल्द ही इस मामले से जुड़े बड़े अफसर का नाम भी उजागर होगा। मुलाजिमों पर दिखाया मेहरबानी -

सूची में प्रमोशन पाने वाले पुलिसकर्मियों पर अफसर की मेहरबानी दिखाई गई। सूची में चार पुलिसकर्मियों को लोकल रैंक देकर एसआइ बनाया गया। वहीं चार पुलिसकर्मियों को लोकल रैंक देकर एएसआइ बनाया गया। इसके अलावा तीन कर्मचारियों को पक्की प्रमोशन दी गई। नियमानुसार लोकल रैंक में कर्मचारियों को कंधे पर स्टार मिल जाते हैं, लेकिन वेतन भत्ते सहित दूसरे लाभ नहीं मिलते। यह है मामला -

आठ जनवरी 2022 को पंजाब में चुनाव आचार संहिता लागू होने से कुछ देर पहले ही पुलिस विभाग में 11 मुलाजिमों की प्रमोशन लिस्ट जारी हुई थी। इसमें सब इंस्पेक्टर, असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर, सीनियर कांस्टेबल, कांस्टेबल सहित अन्य मुलाजिमों के नाम शामिल थे। इस समय पंजाब के डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय के फर्जी हस्ताक्षर थे। डीजीपी आफिस से प्रमोशन रोक डीएसपी ने चंडीगढ़ पुलिस में इसकी शिकायत दी। सेक्टर-3 थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ धारा 419, 420, 464, 465, 467, 468, 471 और 120 बी के तहत केस दर्ज किया है। मामले की जांच एसएसपी कुलदीप सिंह चहल कर रहे हैं।

Edited By Jagran

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