डंपिग ग्राउंड को खाली करने का काम बीच में छोड़ गई कंपनी, फिर होगा टेंडर

सेक्टर-23 के डंपिग ग्राउंड में लगे कचरे के ढेर को हटाने के लिए जिस कंपनी को काम अलॉट किया था वह काम बीच में ही छोड़कर चली गई है।

JagranPublish: Sun, 23 Jan 2022 10:55 PM (IST)Updated: Sun, 23 Jan 2022 10:55 PM (IST)
डंपिग ग्राउंड को खाली करने का काम बीच में छोड़ गई कंपनी, फिर होगा टेंडर

राजेश मलकानियां, पंचकूला : सेक्टर-23 के डंपिग ग्राउंड में लगे कचरे के ढेर को हटाने के लिए जिस कंपनी को काम अलॉट किया था, वह काम बीच में ही छोड़कर चली गई है। अब नगर निगम की ओर बाकी बचे कूड़े की मेजरमेंट करवाई जा रही है, जिसके बाद नया टेंडर किया जाएगा।

एक साल में कचरे के पहाड़ को हटाने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन डंपिग ग्राउंड में पहले जैसे ही ढेर लगे हुए हैं। डंपिग ग्राउंड में गारबेज प्रोसेसिग (प्रसंस्करण) में हेराफेरी की शिकायतों के बाद मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दिए थे, जिसके बाद सामने आया था कि प्रोसेसिग में बड़ी भारी गड़बड़ी हुई है। सेक्टर-23 स्थित डंपिग ग्राउंड में कचरे के ट्रीटमेंट के लिए गड़बडि़यां पाये जाने के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मौजूदा टेंडर को रद कर शॉर्ट टर्म टेंडर लगाकर नई कंपनी को काम अलॉट करने के निर्देश दिये थे। नियमों के अनुसार नहीं हुआ काम

जांच में सामने आया था कि डंपिग ग्राउंड में बायोरेमिडेशन वर्क के लिए टेंडर हासिल करने वाली एजेंसी तय शर्तो का पालन नहीं कर रही थी। अब इंड सेनिटेशन सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड डंपिग ग्राउंड से अपनी सारी मशीनरी लेकर चली गई है और निगम की ओर से एक कंपनी से मेजरमेंट करवाई जा रही है। इंड सेनिटेशन सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड डंपिग ग्राउंड में कचरे के बायोरेमिडेशन वर्क का काम अलॉट किया गया था। टेंडर के मुताबिक एजेंसी को 957 रुपये प्रति मीटर के हिसाब से पेमेंट होनी है। इस एजेंसी को डंपिग ग्राउंड में लगे कचरे के ढेर को हटाना है। इसमें गीले कचरे की साइट पर ही खाद बनानी थी। सॉलिड वेस्ट को हटाकर रीयूज के लिए इंडस्ट्री को बेचने या अन्य जगह ले जाना था। निगम ने घग्गर पार कई नए सेक्टर डेवलप होने के कारण डंपिग ग्राउंड को हटाने के लिए ठेका दिया था। यहां पार्क बनाने की है योजना

कचरे के ढेर को हटाकर निगम की और से पार्क बनवाने या खाली हुई जमीन किसी अन्य काम के लिए इस्तेमाल करने की योजना है। डंपिग ग्राउंड में लगे कचरे के ढेर में ऑक्सीजन और बैक्टीरिया डाला जाता है। बैक्टीरिया कचरे को खाएगा जिससे कचरे के ढेर को कम करने में मदद मिलेगी। इससे कचरे के ढेर का साइज घटना शुरू हो जाएगा। इससे कचरे के निपटारे में मदद मिलेगी। कुछ कचरे की खाद बनाई जाएगी जो कि ग्रीनरी बढ़ाने में मदद करेगी। यह खाद शहरवासियों को सस्ते रेट में बेचने की भी योजना है। नगर निगम की ओर से इंड सेनिटेशन सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड को काम दिया गया था, लेकिन एक जांच के बाद कई गड़बडि़यां सामने आई थी। इसके बाद इस कंपनी ने काम भी बंद कर दिया था और अब कंपनी यहां से मशीनरी भी उठा कर ले गई है। कंपनी को कुछ पेमेंट कर दी थी और कुछ वह क्लेम कर रहा है, जो कि अभी रिलीज नहीं की गई है। अब एक एजेंसी से कूड़े की मेजरमेंट करवाई जा रही है, जिसके बाद गारबेज प्रोसेसिग (प्रसंस्करण) के लिए रिटेंडर किया जाएगा।

- धर्मवीर सिंह, आयुक्त नगर निगम पंचकूला

Edited By Jagran

ਪੰਜਾਬੀ ਵਿਚ ਖ਼ਬਰਾਂ ਪੜ੍ਹਨ ਲਈ ਇੱਥੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰੋ!

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept