This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.
OK

DGP को हटाने के कैट के फैसले के खिलाफ HC जाएगी पंजाब सरकार, दिनकर गुप्‍ता रेस में अब भी आगे

पंजाब सरकार राज्‍य के डीजीपी दिनकर गुप्‍ता की नियुक्ति को खारिज करने के खिलाफ हाई कोर्ट जाएगी। कैट के फैसले से अमरिंदर सिंह सरकार को तगड़ा झटका लगा है।

Sunil Kumar JhaSun, 19 Jan 2020 08:58 AM (IST)
DGP को हटाने के कैट के फैसले के खिलाफ HC जाएगी पंजाब सरकार, दिनकर गुप्‍ता रेस में अब भी आगे

चंडीगढ़, [कमल जोशी]। केंद्रीय प्रशासनिक प्राधिकरण (कैट) द्वारा पंजाब के डीजीपी पद पर दिनकर गुप्‍ता की नियुक्ति को खारिज करने से राज्‍य की कैप्‍टन अमरिंदर सिंह सरकार को तगड़ा झटका लगा है। इस झटका से परेशान पंजाब सरकार अब कैट के फैसले को पंजाब एंव हरियाणा हाई कोर्ट में चुनौती देगी। कैट ने शुक्रवार को दिनकर गुप्ता की डीजीपी पद पर नियुक्ति को खारिज कर दिया था। कैट ने डीजीपी पद पर नियुक्ति के लिए चार हफ्ते के अंदर वरिष्‍ठ अधिकारियों का पैनल बनाने को कहा है। डीजीपी पद पर नए सिरे की नियुक्ति के रेस में भी दिनकर गुप्‍ता के आगे रहने की संभावना है।

नियुक्ति के लगभग एक साल बाद केंद्रीय प्रशासनिक प्राधिकरण ने लिया फैसला

डीजीपी पद पर दिनकर गुप्‍ता की नियुक्ति को कैट ने करीब एक साल बाद खारिज किया है। कैट के इस फैसले से कैप्टन सरकार की काफी किरकिरी हुई है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने राज्‍य के गृह विभाग से इस फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में चुनौती देने को कहा है। एडिशनल चीफ सेक्रेटरी सतीश चंद्रा ने इसकी पुष्टि की है।

बता दें कि दिनकर गुप्ता की नियुक्ति से पहले संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) व इंपैनलमेंट कमेटी की ओर से भेजे गए पैनल में तीन अधिकारियों के नाम चुनने की प्रक्रिया को कैट ने गलत ठहराया। कैट के चेयरमैन जस्टिस एल नरसिम्हा रेड्डी व सदस्य मोहम्मद जमशेद की पीठ ने अपने आदेश में कहा कि इस पैनल के गठन में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं किया गया।

कैट की बेंच ने कहा- पैनल के गठन में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं हुआ

इस पैनल के आधार पर 7फरवरी, 2019 को दिनकर गुप्ता की नियुक्ति के आदेशों को खारिज करते हुए कैट ने यूपीएससी और इंपैनलमेंट कमेटी को आदेश दिए हैं कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार चार हफ्ते में तीन वरिष्ठतम पुलिस अधिकारियों का पैनल तैयार कर भेजा जाए। कैट ने अंतिम पैनल का निर्णय लेने से पहले तैयार की जाने वाली सूची के आकार पर भी फैसला लेने के आदेश दिए हैं।

मुस्तफा व चट्टोपाध्याय ने दी थी चुनौती

गौरतलब है कि सुरेश अरोड़ा की सेवानिवृत्ति के बाद पिछले वर्ष 7 फरवरी को दिनकर गुप्ता को डीजीपी पद पर नियुक्ति दी गई थी। गुप्ता की नियुक्ति में उनसे वरिष्ठ कई पुलिस अधिकारियों को नजरअंदाज करने पर डीजीपी मानवाधिकार आयोग मोहम्मद मुस्तफा व पीएसपीसीएल के डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय ने कैट में चुनौती दी थी। हालांकि, कैट में आने से पहले यह मामला सुप्रीम कोर्ट में भी उठाया गया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे खारिज करते हुए उपयुक्त मंच पर उठाने के आदेश दिए थे।

नियुक्ति खारिज करतेक हुए कैट ने दीं ये दलीलें-

1. दोनों अधिकारियों ने कैट में दायर मामलों में कहा था कि पंजाब सरकार ने उनकी सेवाओं और वरिष्ठता को नजरअंदाज करते हुए उनसे जूनियर अधिकारी को डीजीपी बना दिया।

2. दोनों ने अपनी अर्जियों में गुप्ता से बेहतर सेवा रिकॉर्ड होने की दलील भी दी थी।

3. सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय ने कहा था कि उन्होंने पंजाब में आतंकवाद के दौर से लेकर अभी तक कई अहम विभागों में काम किया है।

सरकार ने बनाया था 12 अधिकारियों का पैनल

पूर्व डीजीपी सुरेश अरोड़ा की सेवानिवृत्ति के बाद डीजीपी की नियुक्ति के लिए पंजाब सरकार ने पहले 12 अधिकारियों के पैनल में मोहम्मद मुस्तफा और सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय के अलावा गुप्ता से वरिष्ठ पांच पुलिस अधिकारियों के नाम शामिल थे। इनमें सामंत कुमार गोयल 1984 बैच, मोहम्मद मुस्तफा और हरदीप सिंह ढिल्लों 1985 बैच, जसमिंदर सिंह और सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय 1986 बैच के थे। इंपैनलमेंट कमेटी की ओर से अंतिम नियुक्ति के लिए भेजे गए तीन नामों में गुप्ता के साथ एमके तिवारी व वीके भावरा का नाम शामिल था। तिवारी और भावरा दोनों गुप्ता के साथ ही 1987 बैच के आइपीएस अधिकारी हैं।

--------

तीन वरिष्ठतम पुलिस अधिकारियों के नए पैनल में भी दिनकर गुप्ता को नाम शामिल होना लगभग तय 

कैट के निर्देश पर नया पैनल बना तो दिनकर गुप्‍ता का नाम इसमें प्रमुखता से होना लगभग तय है। यानि नए सिरे से नियुक्ति की रेस में भी दिनकर गुप्‍ता के आगे रहने की पूरी संभावना है। पिछले वर्ष जब डीजीपी पद पर नियुक्ति के लिए पंजाब सरकार की ओर से इंपैनलमेंट कमेटी को 12 पुलिस अधिकारियों के नाम भेजे थे, तब वरिष्ठता के आधार पर गुप्ता का नाम उस सूची में छठे नंबर पर था।

पिछले एक वर्ष में गुप्ता से वरिष्ठता सूची में ऊपर रहे हरदीप सिंह ढिल्लों और जसमिंदर सिंह सेवानिवृत्त हो चुके हैं। सामंत कुमार गोयल की सेवानिवृत्ति में सिर्फ चार महीने और गुप्ता की नियुक्ति को चुनौती देने वाले मोहम्मद मुस्तफा की सेवानिवृत्ति में भी सिर्फ एक साल का समय बाकी है। ऐसे में डीजीपी पद के लिए भेजे जाने वाले नामों में वरिष्ठता के आधार पर पिछले वर्ष चाहे गुप्ता का नाम अंतिम तीन में न आ पाता, लेकिन अब नए पैनल के लिए चुने जाने वाले तीन वरिष्ठतम पुलिस अधिकारियों में गुप्ता के नाम का शामिल होना निश्चित है।

कैट के निर्देशों के अनुसार इंपैनलमेंट कमेटी की ओर से वरिष्ठता के आधार पर तीन अधिकारियों के पैनल में सिर्फ सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय का नाम ऐसा है, जो दिनकर गुप्ता के सामने चुनौती खड़ी कर सकता है, लेकिन चट्टोपाध्याय की पिछले कुछ समय में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से दूरियों के चलते उन्हें डीजीपी का पद सौंपे जाने की संभावनाएं काफी क्षीण दिखाई देती हैं।

चट्टोपाध्याय ने अरोड़ा व गुप्ता की भूमिका पर उठाए थे सवाल

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के आदेशों पर ड्रग्स के कारोबार में पुलिस अधिकारियों की मिलीभगत के लिए गठित की गई एसआइटी के प्रमुख के तौर पर चट्टोपाध्याय की जांच से पंजाब की कांगे्रस सरकार ने अपनी नाराजगी दिखाई थी। अपनी रिपोर्ट में चट्टोपाध्याय ने पूर्व डीजीपी सुरेश अरोड़ा व दिनकर गुप्ता की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए थे। कैट के शुक्रवार को दिए आदेशों में भी चट्टोपाध्याय के इन आरोपों का जिक्र है।

25 साल पुराने फर्जी मुठभेड़ केस की जांच कर रहे हैं चट्टोपाध्याय

हाई कोर्ट के आदेश पर चट्टोपाध्याय इन दिनों लगभग 25 वर्ष पुराने सुखपाल फर्जी मुठभेड़ केस की जांच भी कर रहे हैं। हाई कोर्ट ने चट्टोपाध्याय को इस मामले की जांच सौंपने के बाद पंजाब सरकार ने काफी दिन तक जांच शुरू करने का अवसर नहीं दिया। यहां तक कि पंजाब सरकार ने हाई कोर्ट में इस जांच को किसी अन्य अधिकारी को सौंपे जाने का भी आग्रह किया था। ऐसे में पंजाब सरकार से दूरियां चट्टोपाध्याय को डीजीपी के पद से दूर ले जा सकती है। इसका फायदा लेते हुए दिनकर गुप्ता एक बार फिर से निर्विवाद रूप से  डीजीपी पद पर आसीन हो सकते हैं।

पंजाब के वरिष्ठतम पुलिस अधिकारी

-सामंत गोयल, 1984 बैच, सेवानिवृत्ति 31 मई, 2020

-मोहम्मद मुस्तफा, 1985 बैच, सेवानिवृत्ति 28 फरवरी, 2021

-सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय, 1986 बैच, सेवानिवृत्ति 31 मार्च, 20222

-दिनकर गुप्ता, 1987 बैच, सेवानिवृत्ति 31 मार्च, 2024

-एमके तिवारी, 1987 बैच, सेवानिवृत्ति 28 फरवरी, 2022

-वीके भावरा, 1987 बैच, सेवानिवृत्ति 31 मई, 2024

-प्रबोध कुमार, 1988 बैच, सेवानिवृत्ति 31 जनवरी 2025

-रोहित चौधरी, 1988 बैच, सेवानिवृत्ति 31 मार्च, 2022

-इकबाल प्रीत सिंह सहोता, 1988 बैच, सेवानिवृत्ति 31 अगस्त, 2022

पंजाब की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

 

हरियाणा की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



यह भी पढ़ें: कैप्टन ने गरीबी से जूझ रही Boxer सिमरनजीत से कहा- कोई चिंता न करो, बस ओलंपिक की तैयारी में जुट जाओ

 

यह भी पढ़ें: कैप्टन अभिमन्यु के परिवार ने जाट आरक्षण आंदाेलन में कोठी जलाने के आरोपितों को दी माफी


यह भी पढ़ें: दो छात्राओं ने बनाया कमाल का उपकरण, सेनेटरी पैड को खाद में बदलेगा ईको फ्रेंडली 'मेन्सयू बर्नर'


ਪੰਜਾਬੀ ਵਿਚ ਖ਼ਬਰਾਂ ਪੜ੍ਹਨ ਲਈ ਇੱਥੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰੋ!

चंडीगढ़ में कोरोना वायरस से जुडी सभी खबरे

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!