जागरण संवाददाता, मोहाली : जिले में बढ़ रहे कोविड मामलों के मद्देनजर प्रशासन ने नर्सिग कॉलेजों को अपील की है कि कोरोना संक्रमितों की देखभाल, टेस्टिग व टीकाकरण में छात्र व छात्राएं सहायता करें। डीसी मोहाली गिरिश दयालन ने कहा कि कोविड को लेकर सभी तरह की सुविधाएं जिले में उपलब्ध हैं। लोग किसी भी तरह से घबराएं नहीं। इंटरनेट मीडिया पर चल रहे मैसेज पर गौर न करें। जिले के निजी अस्पतालों ने भी स्वास्थ्य सुविधाओं के ढांचे में से 50 से 75 फीसद तक कोविड मरीजों को को बेड समर्पित कर दिए हैं। कोविड मरीजों की बढ़ रही संख्या के कारण अतिरिक्त स्टाफ, डाक्टरों, नर्सो व पैरामेडिकल स्टाफ की जरूरत है। ध्यान रहे कि सात दिनों में मोहाली में कोविड मरीजों का आंकड़ा प्रतिदिन 700 से अधिक आ रहा है। जिस कारण प्रशासन ने नर्सिग संस्थानों से यह अपील की है। नर्सिग स्टूडेंट्स को अस्पतालों में सेवा देते समय जहां काम करने व प्रशिक्षण मिलेगा वहीं वे कुछ कमाई भी कर सकेंगे। लेकिन इसके लिए स्टूडेंट्स को अपने संस्थान के प्रमुख के माध्यम से प्रशासन को सहमति देनी होगी।
डीसी ने कहा कि जिले में आक्सीजन को लेकर पूरी निगरानी रखी जा रही है। फिलहाल सभी अस्पतालों में आक्सीजन उपलब्ध है व किसी तरह की कोई कमी नहीं है। हालांकि कुछ अस्पतालों की ओर से मरीजों को स्कैनिग, टेस्ट करवाने ले जाते समय पोर्टेबल आक्सीजन सिलेंडरों की मांग की गई थी। जिसका हल निकाल लिया गया है। डीसी ने कहा कि लोगों को किसी भी तरह से घबराने की जरूरत नहीं है। क्वारंटाइन मरीजों को किसी तरह की आक्सीजन की जरूरत नहीं होती। डीसी ने कहा कि जो भी मरीज क्वारंटाइन में है उनके संपर्क में डाक्टर रहते हैं। अगर मरीजों को आक्सीजन का स्तर गिरता है तो उन्हें फौरन अस्पताल ने जाया जाता है। वहीं जो संदेश इंटरनेट मीडिया पर आ रहे है उन पर ध्यान न दिया जाए। अगर कोई आक्सीजन को स्टोर करेगा तो उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि हाईटेक इंडस्ट्रियल लिमिटेड मोहाली क्वारंटाइन के दौरान जरूरतमंदों को मुफ्त आक्सीजन देने की पेशकश रहा है ये संदेश पुराना है अब वह मरीजों को आक्सीजन सप्लाई नहीं कर रही।
ਪੰਜਾਬੀ ਵਿਚ ਖ਼ਬਰਾਂ ਪੜ੍ਹਨ ਲਈ ਇੱਥੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰੋ!
चंडीगढ़ में कोरोना वायरस से जुडी सभी खबरे
डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें
अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!