चंडीगढ़ के 850 रेगुलर शिक्षकों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, बची रहेगी नौकरी

यूटी शिक्षा विभाग की ओर से इन शिक्षकों को नौकरी से हटाए जाने के फैसले को हाईकोर्ट ने गलत ठहराया है।

JagranPublish: Wed, 27 Nov 2019 09:00 PM (IST)Updated: Thu, 28 Nov 2019 06:12 AM (IST)
चंडीगढ़ के 850 रेगुलर शिक्षकों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, बची रहेगी नौकरी

जागरण संवाददाता, चंडीगढ़ : शहर के सरकारी स्कूलों में साल 2015 में रेगुलर भर्ती किए गए करीब 850 शिक्षकों को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने बड़ी राहत दी है। यूटी शिक्षा विभाग की ओर से इन शिक्षकों को नौकरी से हटाए जाने के फैसले को हाईकोर्ट ने गलत ठहराया है। बुधवार को हाईकोर्ट के फैसले की जानकारी मिलते ही बीते कई महीनों से तनाव में चल रहे इन शिक्षकों के चेहरे पर खुशी से खिल उठे।

पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट के जस्टिस राजीव शर्मा पर आधारित बेंच ने चंडीगढ़ प्रशासन की उस अपील को खारिज कर दिया है, जिसमें प्रशासन ने कैट (सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल) की ओर से 850 जेबीटी और टीजीटी शिक्षकों को राहत देने के आदेश को चुनौती दी थी। मामले में चंडीगढ़ शिक्षा विभाग द्वारा 850 जेबीटी और टीजीटी शिक्षकों को केंद्रीय प्रशासनिक ट्रिब्यूनल (कैट) ने बड़ी राहत दी थी। इस भर्ती में पेपर लीक मामले का हवाला देते हुए यूटी प्रशासन ने शिक्षकों को हटाने के निर्देश जारी किए थे। उस समय के डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन (डीएसई) राकेश पोपली ने 30 मई 2018 को समर वेकेशन से एक दिन पहले सभी 850 शिक्षकों नौकरी से हटाने के निर्देश जारी किए थे। एफआइआर में शामिल शिक्षकों को राहत नहीं

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कैट के फैसले को सही ठहराते हुए साफ किया कि जिन टीचर्स का नाम एफआइआर में है, उनको कोई राहत नहीं दी जाएगी। ट्रिब्यूनल ने चंडीगढ़ प्रशासन के 850 से ज्यादा शिक्षकों को नौकरी से हटाने का फैसला निरस्त कर दिया था। कैट ने अपने फैसले में 850 में से जिन शिक्षकों के नाम एफआइआर में नहीं हैं, उनके खिलाफ बर्खास्तगी का फैसला पूरी तरह गलत बताया था। जबकि अन्य के मामले में कुछ शर्ते तय की गई हैं। कैट के इस फैसले के बाद चंडीगढ़ में कार्यरत शिक्षकों की नौकरी पर काफी समय से लटक रही तलवार हट गई थी। मगर यूटी प्रशासन ने हाईकोर्ट का रुख करके एक बार फिर से अध्यापकों को दुविधा में डाल दिया। पीयू एजेंसी ने की थी भर्ती, मामले की जांच जारी

चंडीगढ़ शिक्षा विभाग ने 2014 में जेबीटी और टीजीटी के 1150 शिक्षकों की भर्ती के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की थी। मेरिट के आधार पर 2015 में शिक्षकों की नियुक्ति भी कर दी गई। पंजाब में हुई भर्ती में धांधली में गिरफ्तार आरोपितों से पता चला कि चंडीगढ़ में भी टीचर भर्ती में भी घोटाला हुआ है। आरोपियों ने 10 लाख तक में प्रश्न पत्र बेच दिए थे। मामले में भर्ती हुए करीब 40 लोगों पर एफआइआर दर्ज हुई और कई गिरफ्तारी भी हुई। मामले में अभी जांच जारी है। अब सुप्रीम कोर्ट में जाएगा प्रशासन

850 शिक्षकों के मामले में यूटी प्रशासन अब आगे की कार्रवाई करेगा। चंडीगढ़ के एजुकेशन सेक्रेटरी बीएल शर्मा ने बताया कि हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ यूटी प्रशासन अब सुप्रीम कोर्ट जाएगा।

Edited By Jagran

ਪੰਜਾਬੀ ਵਿਚ ਖ਼ਬਰਾਂ ਪੜ੍ਹਨ ਲਈ ਇੱਥੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰੋ!

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept