कैप्टन की पार्टी में शामिल हुईं फरजाना आलम, मालेरकोटला में दे सकती हैं रजिया सुल्ताना को चुनौती

पूर्व आइपीएस अफसर मोहम्मद इजहार की पत्नी फरजाना आलम ने कैप्टन अमरिंदर सिंह की लोक कांग्रेस पार्टी का दामन थाम लिया है। वह मालेरकोटला से पूर्व आइपीएस मो. मुस्तफा की पत्नी फरजाना आलम के खिलाफ चुनाव मैदान में उतर सकती हैं।

Kamlesh BhattPublish: Tue, 14 Dec 2021 02:05 PM (IST)Updated: Tue, 14 Dec 2021 05:18 PM (IST)
कैप्टन की पार्टी में शामिल हुईं फरजाना आलम, मालेरकोटला में दे सकती हैं रजिया सुल्ताना को चुनौती

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। वरिष्ठ आइपीएस अफसर रहे मोहम्मद इजहार आलम की पत्नी फरजाना आलम ने शिरोमणि अकाली दल छोड़कर कैप्टन अमरिंदर सिंह की नवगठित पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस पार्टी का दामन थाम लिया है। कैप्टन की तैयारी फरजाना आलम को मालेरकोटला से मोहम्मद मुस्तफा की पत्नी रजिया सुल्ताना के खिलाफ उतारने की है। 

बता दें, पूर्व वरिष्ठ आइपीएस मोहम्मद मुस्तफा कभी कैप्टन अमरिंदर सिंह के नजदीकी रहे हैं, लेकिन हाल के दिनों में कैप्टन व मोहम्मद मुस्तफा के बीच छत्तीस का आंकड़ा हो गया। मुस्तफा की पत्नी रजिया सुल्ताना कैप्टन के मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री रही हैं। चन्नी मंत्रिमंडल में भी वह मंत्री हैं। वहीं, फरजाना आलम के पति मोहम्मद इजहार भी पंजाब के वरिष्ठ आइपीएस अफसर रहे हैं और उनका मुस्तफा से छत्तीस का आंकड़ा रहा है।

अब जब कैप्टन और मुस्तफा के बीच संबंधों में खटास आई है तो इजहार आलम कैप्टन के नजदीकी हो गई। आज आलम की पत्नी फरजाना आलम ने पंजाब लोक कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ले ली है। उन्हें मालेरकोटला से खड़ा करने की तैयारी है। 

मालेकोटला मुस्लिम बहुल इलाका है। यहां से चुनावी मैदान में अक्सर दोनों अफसरों की पत्नियां ही उतरती रही हैं। हर बार लड़ाई मुस्तफा और इजहार आलम के बीच में ही होती रही है। अब तक के चुनावों में कैप्टन अमरिंदर रजिया सुल्ताना के लिए वोट मांगते रहे हैं, लेकिन अब कांग्रेस से अलग होने के बाद कैप्टन फरजाना आलम के लिए वोट मांगते नजर आएंगे।

शिरोमणि अकाली दल ने मालेरकोटला से पिछले चुनाव में फरजाना आलम को टिकट नहीं दिया था। इस बार भी उनका टिकट काट दिया गया है। ऐसे में फरजाना आलम ने शिअद को छोड़कर कैप्टन अमरिंदर सिंह की पंजाब लोक कांग्रेस का दामन थामा। मालेकोटला में इस बार दोनों पूर्व अफसरों के बीच रोचक मुकाबला हो सकता है। यह सीट मोहम्मद मुस्तफा व मोहम्मद इजहार के लिए प्रतिष्ठा की सीट है। 

फरजाना आलम ने 2012 में मालेरकोटला से रजिया सुल्ताना को हराया था। मालेरकोटला में चुनावी मैदान में बेशक दोनों अफसरों की पत्नियां ही उतरती रही हों, लेकिन असली लड़ाई दो आइपीएस अफसरों मोहम्मद मुस्तफा और इजहार आलम के बीच में ही होती रही है। 

फरजाना आलम के अलावा शिरोमणि अकाली दल के पूर्व सांसद और इस समय कांग्रेस के नेता रहे अमरीक सिंह आलीवाल भी कांग्रेस को छोड़कर पंजाब लोक कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। आलीवाल कैप्टन अमरिंदर सिंह के करीबी माने जाते रहे हैं और उनके कारण ही शिरोमणि अकाली दल को छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए थे।

अब जबकि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस को छोड़ दिया है तो आलीवाल भी कांग्रेस को छोड़कर कैप्टन के साथ हो लिए हैं। सूत्रों का कहना है कि उन्हें लुधियाना की किसी सीट पर उतारने की योजना है। पंजाब आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान और पंजाब मंडी बोर्ड के उप चेयरमैन व कैप्टन अमरिंदर सिंह के करीबी माने जाने वाले विजय कालड़ा भी आज कांग्रेस को अलविदा कह गए हैं। वह कैप्टन अमरिंदर सिंह की उपस्थिति में पंजाब लोक कांग्रेस में शामिल हो गए हैं।

Edited By Kamlesh Bhatt

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