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चंडीगढ़ जिला अदालत में योग गुरु बाबा रामदेव के खिलाफ शिकायत दर्ज, जानें क्यों और किसने दी शिकायत

योग गुरु बाबा रामदेव की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। हाल ही में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) के साथ हुए विवाद को लेकर बाबा रामदेव के खिलाफ मंगलवार को चंडीगढ़ के सेक्टर-43 स्थित जिला अदालत में एक शिकायत दर्ज कराई गई है।

Ankesh ThakurTue, 01 Jun 2021 04:27 PM (IST)
चंडीगढ़ जिला अदालत में योग गुरु बाबा रामदेव के खिलाफ शिकायत दर्ज, जानें क्यों और किसने दी शिकायत

चंडीगढ़, वैभव शर्मा। योग गुरु बाबा रामदेव (Yoga Guru Baba Ramdev) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। हाल ही में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) के साथ हुए विवाद को लेकर बाबा रामदेव के खिलाफ मंगलवार को चंडीगढ़ के सेक्टर-43 स्थित जिला अदालत में एक शिकायत दर्ज कराई गई है। यह शिकायत डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट रविंद्र सिंह बस्सी ने दर्ज करवाई है। 

शिकायत में एडवोकेट बस्सी ने बाबा रामदेव पर कई गंभीर आरोप लगाए है। अदालत में दी शिकायत में एडवोकेट बस्सी ने कहा कि बाबा रामदेव ने इस महामारी की स्थिति में भी अपने स्वार्थ की सिद्धी की है। उन्होंने लोगों काेरोना से बचाव के लिए पहले आयुर्वेद से दवा तैयार करने का दावा किया था। इसके साथ ही बाबा रामदेव पर यह आरोप भी लगाया कि उन्होंने कोविड-19 की दवा को 200 लोगों पर टेस्ट करने का दावा किया था, लेकिन बाद में बाबा रामदेव अपने दावों से मुकर गए और कहा कि उन्होंने एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर इम्युनिटी बूस्टर तैयार किया है। इस दवा के लिए बाबा रामदेव ने प्रेस कांफ्रेंस का भी आयोजन किया था। बाबा रामदेव का इस दावे से मुकरना उनका पहला झूठ था।

डॉक्टरों काे मूर्ख बोलना सभी हेल्थ वर्कर्स का अपमान

एडवोकेट बस्सी ने शिकायत में हाल ही में बाबा रामदेव और आइएमए के विवाद का भी जिक्र किया, जिसमें बाबा ने डॉक्टरों को मूर्ख बोला और एलोपैथी को ढोंग बताकर देश के सभी हेल्थ वर्कर्स का अपमान किया है। बाबा रामदेव के डॉक्टरों और एलोपैथी के ऊपर इस तरह के आरोपों से मेडिकल हेल्थ वर्कर्स का मनोबल टूटा है। अस्पतालों में इस समय एलोपैथी से कोविड-19 मरीजों का इलाज किया जा रहा है। ऐसे में बाबा रामदेव के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

सोशल मीडिया से लेकर हर जगह बाबा रामदेव के बयान हुए प्रसारित

एडवोकेट बस्सी ने कहा कि बाबा रामेदव के बयानों को लेकर उन पर डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। इसके साथ ही आइपीसी की धाराओं के तहत बाबा रामदेव पर केस दर्ज होना चाहिए। बाबा के बयानों से लाखों डॉक्टर और नर्स का मनोबल गिरा है।

काेविड-19 के नाम पर बाबा चला रहे अपना प्रोपेगेंडा

बाबा रामदेव पर आरोप लगाते हुए एडवोकेट बस्सी ने कहा कि वह सिर्फ लोगों को मूर्ख बनाकर अपनी संपत्ति बना रहे हैं। आज बाबा के पास करोड़ों रुपये की संपत्ति है, बाबा कोरोना महामारी में भी सिर्फ अपना प्रोपेगेंडा चला रहे हैं। बाबा रामदेव ने कोरोना काल में इस बीमारी को लेकर कई बार गलत बयानबाजी की है।

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