मैं खुद आ जाता हूं अपने पुतले को आग लगाने... पढ़ें चंडीगढ़ की और भी रोचक खबरें

चंडीगढ़ आप संयोजक प्रेम गर्ग को जब पता लगा है कि उनका पुतला जलाया जा रहा है तो बोले अच्छा है। उन्हें भी जानकारी दे दी जाए वह खुद अपने पुतले को आग लगाने के लिए पहुंच जाएंगे। संयोजक की यह बात सुनकर सभी कार्यकर्ता भी हैरान रह गए।

Pankaj DwivediPublish: Mon, 06 Dec 2021 11:29 AM (IST)Updated: Mon, 06 Dec 2021 11:29 AM (IST)
मैं खुद आ जाता हूं अपने पुतले को आग लगाने... पढ़ें चंडीगढ़ की और भी रोचक खबरें

राजेश ढल्ल, चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी की ओर से 26 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी करने के बाद से ही पार्टी में बवाल शुरू हो गया है। कई जगह नेताओं के पुतले भी जलाए गए। पार्टी कार्यकर्ताओं के एक ग्रुप में जब संयोजक प्रेम गर्ग को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने प्रदर्शन करने वालों को कहा कि उन्हें पता लगा है कि उनका पुतला जलाया जा रहा है अच्छा है। गर्ग ने कहा कि उन्हें भी जानकारी दे दी जाए, वह खुद अपने पुतले को आग लगाने के लिए पहुंच जाएंगे। संयोजक की यह बात सुनकर दूसरे कार्यकर्ता भी हैरान हो गए। गर्ग ने कहा कि टिकट आवंटन की वह खुद जिम्मेवारी लेते हैं। जब एक नेता ने गर्ग को कहा कि चुनाव जीतने के बाद अगर कांग्रेस या आप में चला गया तो उन्होंने मजाकिया अंदाज में मैसेज किया कि इसकी जिम्मेवारी फिर दूसरे दल के नेता लेंगे। अरविंद केजरीवाल ने शहर में स्थिति मजबूत करने के लिए प्रदीप छाबड़ा, प्रेम गर्ग और चंद्रमुखी शर्मा को चुनाव लड़ने के निर्देश दिए लेकिन गर्ग और छाबड़ा इसके लिए तैयार नहीं हुए। सिर्फ चंद्रमुखी शर्मा ने हिम्मत दिखाते हुए नामांकन दाखिल किया।

राजनीति इनसे सीखे

राजनीतिक दलों में जब तक टिकट नहीं बांटी गई थी, तब तक नेता अपनी पार्टी के खिलाफ एक शब्द भी नहीं सुनते थे। विपक्षी दलों के नेताओं से अपनी पार्टी का बखान करते हुए उलझ जाते थे। अपनी पार्टी के लिए कसमे खाते थे। फिर, टिकट न मिलने पर 24 घंटे में ही उनके सुर बदल गए। वे अपनी ही पार्टी के खिलाफ हो गए। कई नेताओं ने बागी होकर नामांकन भी दाखिल कर दिया। कई नेता तो टिकट घोषणा के एक घंटे बाद ही दूसरे दल में शामिल हो गए। बापूधाम के यंकी कालिया, हीरा लाल कुंद्रा और सिया राम नाराज होकर चंद घंटे बाद ही आप में शामिल हो गए। कांग्रेस छोड़कर जाने वाले नेताओं की तादाद ज्यादा है। ऐसे में मतदाता ही गपशप करते हुए कह रहे हैं कि राजनीति तो कोई इनसे सीखे। कांग्रेस ने जब 15 साल से पार्षद रहीं पार्षदों की टिकट काटी तो उनकी पार्टी के नेताओं ने ही आंखें फेर ली। शीला की टिकट काटकर गुरचरण की पत्नी सोनिया को टिकट दी अब पार्टी के नेता ही कह रहे है कि इतनी क्या मजबूरी थी कि सीनियर नेता की टिकट काटकर नई नेता पर विश्वास जताया गया।

रात 9 बजे का मूहर्त

भाजपा ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा तीन अलग अलग फेज में की लेकिन उन्होंने लिस्ट रात 9 बजे के बाद ही जारी की। सबसे पहले इंटरनेट मीडिया पर सूची डालने का क्रेडिट अध्यक्ष अरुण सूद ने लिया और उसके बाद मीडिया को रिलीज की गई। हर कोई इस बात से हैरान था कि रात 9 बजे के बाद क्यों लिस्ट जारी की। अरुण सूद से जब एक मीडियाकर्मी से पूछा तो उन्होंने कहा कि पंडित ने रात 9 बजे का मुहूर्त दिया था। हाल ही में एक उम्मीदवार को टिकट देने से पहले रात 8 बजे पार्टी कार्यालय बुलाया गया और उससे तस्वीर मांगी गई। ऐसे में उस उम्मीदवार ने खुद ही सभी को बता दिया कि उसे टिकट मिल रही है। कई नेता कहते दिखे कि देर रात उम्मीदवार घोषित करने का यह फायदा रहता है कि इसके बाद अन्य दावेदार उसी दिन विरोध नहीं कर पाते। सुबह होने तक कई नेताओं का गुस्सा भी ठंडा हो जाता है। भाजपा की लिस्ट में ऐसे नाम भी शामिल है जिन्हें टिकट मिलने की कोई भी उम्मीद नहीं थी। ऐसे नए चेहरों को मैदान में उतारने का क्रेडिट भी सूद ले रहे हैं।

झप्पी डालकर मिले विरोधी

प्रशासन की ओर से नामांकन भरने के लिए अलग-अलग केंद्र बनाए गए थे। ऐसे में उम्मीदवार कन्फ्यूज हो गए कि उन्हें किस केंद्र में जाकर नामांकन करना है। महिला कांग्रेस अध्यक्ष दीपा दूबे ने सेक्टर-26 में जाकर नामांकन दाखिल करना था लेकिन वह गलती से पहले सेक्टर-17 के डीसी आफिस में नामांकन दाखिल करने पहुंच गईं।गलती का पता लगने पर वह सेक्टर-26 पहुंची। मीडिया फोटोग्राफर हैरान हो गए क्योंकि उन्होंने दीपा दूबे की तस्वीर सेक्टर-17 में भी की थी। नामांकन के दौरान जब अलग-अलग दलों के नेता एक-दूसरे से मिले तो उन्होंने झप्पी डालकर बधाई दी। मौके पर खड़े लोग अलग-अलग दलों के नेताओं को एक दूसरे को इतनी खुशी से मिलते देख हैरान हो गए कि राजनीति में यह नेता एक दूसरे पर जमकर आरोप लगाते है और यहां पर राम भरत मिलाप की तरह एक दूसरे को मिल रहे हैं। भाजपा अध्यक्ष अरुण सूद आम आमी पार्टी के नेता देवेंद्र सिंह औलख और कांग्रेस के एचएस लक्की को झप्पी डाल मिले।

Edited By Pankaj Dwivedi

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