पंचकूला प्रशासन ने सेक्टर-19 में लगाए तारबाड़

बलटाना और पंचकूला के सेक्टर-19 के मध्य जमीन को लेकर पिछले डेढ़-दो साल से दोनों ओर के प्रशासन के बीच उलझा मामला अब सुलझ गया है। जीरकपुर नगर परिषद और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों की चार दिन पहले हुई मीटिग में तय किया गया कि जमीन को लेकर किसी प्रकार का विवाद करने से बेहतर है कि इसका समाधान निकाला जाए।

JagranPublish: Thu, 27 Jan 2022 09:03 PM (IST)Updated: Thu, 27 Jan 2022 09:03 PM (IST)
पंचकूला प्रशासन ने सेक्टर-19 में लगाए तारबाड़

जागरण संवाददाता, जीरकपुर :

बलटाना और पंचकूला के सेक्टर-19 के मध्य जमीन को लेकर पिछले डेढ़-दो साल से दोनों ओर के प्रशासन के बीच उलझा मामला अब सुलझ गया है। जीरकपुर नगर परिषद और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों की चार दिन पहले हुई मीटिग में तय किया गया कि जमीन को लेकर किसी प्रकार का विवाद करने से बेहतर है कि इसका समाधान निकाला जाए। सर्वे ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के आधार पर दोनों प्रदेशों की जमीन की पैमाइश पहले ही की जा चुकी है। इसमें कुछ जमीन पंजाब की हरियाणा के पास है, जबकि कुछ जमीन हरियाणा की पंजाब के पास है। अब कुछ जमीन हरियाणा पंजाब को देगा, जबकि इसी तरह पंजाब भी हरियाणा को कुछ जमीन देगा। पंचकूला सेक्टर-19 के पास की कुछ जमीन हरियाणा की पंजाब के क्षेत्र में आती है, इसके एवज में पंजाब किसी और जगह हरियाणा को जमीन देगा। वीरवार को यहां पूरी शांति के साथ यहां तारबाड़ का काम किया गया। इससे पहले यहां काफी विवाद रहा और दोनों ओर के अधिकारियों और पुलिस को यह मामला हल होने से राहत मिली है।

जिक्रयोग है कि पिछले लंबे समय से चल रहे हरियाणा पंजाब जमीनी विवाद को लेकर पिछले मंगलवार माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया था जब हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसबीसी) के अधिकारी पंजाब बार्डर पर पड़ती गोल्डन एस्टेट में पिल्लर लगाने पहुंच गए थे। जिन्हें रोकने के लिए गोल्डन एस्टेट के लोगों और वार्ड नंबर - 5 व 7 की पार्षद द्वारा विरोध किया था। हंगामा बढ़ता देख नगर काउंसिल जीरकपुर और पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी। हालांकि एचएसबीसी के अधिकारी पूरी टीम व पुलिस फोर्स के साथ यहां पहुंचे थे। लेकिन लोगों ने उन्हें पिल्लर लगाने से रोक दिया था। जिसके बाद मौके पर पहुंची नगर काउंसिल की टीम ने रेवन्यू विभाग से पूरी जानकारी लेकर विवाद को सुलझाने की बात कही थी, जिसके लिए उन्होंने दो दिन का समय मांगा था।

Edited By Jagran

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