चन्नी सरकार के खिलाफ अकाली दल का हल्ला बोल, पुलिस ने सुखबीर बादल सहित कोर कमेटी सदस्य लिए हिरासत में

पंजाब की चरणजीत सिंह चन्नी सरकार के खिलाफ अकाली दल ने मोर्चा खोल दिया है। शिअद कोर कमेटी के सदस्य गिरफ्तारियां देने के लिए पहुंचे। पुलिस ने सुखबीर बादल सहित कोर कमेटी के सदस्यों को हिरासत में ले लिया है।

Kamlesh BhattPublish: Sat, 27 Nov 2021 01:41 PM (IST)Updated: Sat, 27 Nov 2021 02:08 PM (IST)
चन्नी सरकार के खिलाफ अकाली दल का हल्ला बोल, पुलिस ने सुखबीर बादल सहित कोर कमेटी सदस्य लिए हिरासत में

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल आज पंजाब सरकार के खिलाफ हल्ला बोल प्रदर्शन किया। गिरफ्तारी देने के लिए शिअद कोर कमेटी के सदस्य सीएम आवास की तरफ कूच किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें सीएम आवास के निकट ही रोक दिया। बाद में सुखबीर बादल सहित प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा, डा. दलजीत सिंह चीमा, एसजीपीसी की प्रधान बीबी जागीर कौर, पूर्व मंत्री गुलजार सिंह राणीके, हीरा सिंह गाबड़िया आदि को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। 

शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल का कहना है कि पंजाब सरकार ने बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ झूठा ड्रग्स मामले का केस दर्ज करने की योजना बनाई है। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, नवजोत सिंह सिद्धू, गृह मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा और डीजीपी इकबाल प्रीत सिंह सहोता के एक बैठक हुई है। जिसमें चन्नी और सिद्धू ने डीजीपी को हिदायत दी है कि वह मजीठिया के खिलाफ ड्रग्स मामले में एफआईआर दर्ज करें। सुखबीर बादल ने मुख्यमंत्री को चुनौती दी कि अगर हिम्मत है तो मजीठिया ही नहीं बल्कि पूरी शिरोमणि अकाली दल के खिलाफ पर्चा दर्ज कर लें। पार्टी डरने वाली है। अकाली दल कोर कमेटी शनिवार को मुख्यमंत्री के आवास के सामने गिरफ्तारियां देने जाएगी।

बता दें, कल शिअद कोर कमेटी की बैठक हुई थी, जिसमें फैसला लिया गया था कि शनिवार 27 नवंबर को समूची कोर कमेटी मुख्यमंत्री के आवास के बाहर गिरफ्तारियां देगी। सुखबीर ने कहा कि मुख्यमंत्री में अगर हिम्मत है तो शिरोमणि अकाली दल की कोर कमेटी पर पर्चा दर्ज करके उन्हें जेल में डाल दे। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस सरकार झूठे पर्चे दर्ज करेगी कि अकाली दल पूरे राज्य में जेल भरो आंदोलन शुरू करेगा। उन्होंने कहा कि असली लड़ाई चन्नी और सिद्धू के बीच में है। सिद्धू कहते हैं कि अगर मजीठिया पर पर्चा दर्ज नहीं किया गया तो वह मरणव्रत पर बैठेंगे। इसका साफ अर्थ है कि सरकार को भी पता है कि जो केस वह बनाना चाहती है वह झूठा है लेकिन सिद्धू सरकार पर दबाव बना रहे है। सिद्धू को न तो देश की कानून व्यवस्था पर विश्वास है और न ही चन्नी पर।

उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री में अगर हिम्मत है तो वह ड्रग्स मामले की जांच हाई कोर्ट के सिटिंग जज से करवाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने चन्नी को टम्परेरी मुख्यमंत्री बनाकर पंजाब के लोगों के साथ धोखा किया है। क्योंकि सारे फैसले सिद्धू ही कर रहे है। उन्होंने कहा कि सिद्धू मानसिक संतुलन गंवा बैठे है। शिअद प्रधान ने कहा कि पिछले दिनों इसी जुंडली ने बेअदबी मामले में झूठा गवाह खड़ा करके उनके विरुद्ध झूठा मामला दर्ज करने की योजना बनाई थी। लेकिन मामले का खुलासा होने के कारण उनकी हिम्मत जवाब दे गई। अब उन्होंने मजीठिया के खिलाफ झूठा पर्चा दर्ज करने की योजना बनाई है।

सुखबीर ने अफसरशाही को भी धमकी दी कि अगर वह इस झूठ में साथ देंगे तो, इस सरकार के एक माह ही रह गए हैं। उन अफसरों को भी अपनी करनी का फल भुगतना पड़ेगा।सिद्धू को स्वास्थ्य सेवाओं को जरूरत पड़ने वाली हैसुखबीर बादल ने कहा कि सिद्धू जिस तरह से बोलता है, उसे देखकर लगता है कि उसे स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत पड़ने वाली है। उसका ब्लड प्रेशर बढ़ गया है। क्योंकि उसे कानून व्यवस्था पर भी विश्वास नहीं रह गया है। वह खुद को ही जज समझने लगा है। हकीकत में सिद्धू मानसिक रूप से बीमार हो गया है।

चन्नी भ्रष्ट, वडिंग दिखाएं रसीद, बाजवा के विदेश दौरे की जांच हो

सुखबीर बादल ने मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को भ्रष्ट बताया। उन्होंने कहा कि आज तक इंडस्ट्री और माइनिंग हमेशा ही एक ही मंत्री के पास रहते थे लेकिन चन्नी ने इंडस्ट्री तो दे दिया लेकिन माइनिंग अपने पास रख ली। चन्नी ने मुख्यमंत्री बनते ही कहा था कि माइनिंग माफिया उसके पास नहीं आए लेकिन अवैध माइनिंग को लेकर राणा गुरजीत सिंह को पहले कैबिनेट से निकाला गया बाद में उसे ही अपनी कैबिनेट में रख लिया। इसी प्रकार एक्साइज एंड टैक्सेशन हमेशा ही एक ही मंत्री के पास रहता था लेकिन मंत्री ने टैक्सेशन तो दे दिया लेकिन एक्साइज अपने पास रख लिया ताकि शराब माफियाओं के माल कमा सकें।

सुखबीर ने कहा कि अमरिंदर सिंह राजा वडिंग आर्बिट ट्रांसपोर्ट के 14 करोड़ रुपये जमा करवाने की बात कर रहे है, वह तो मंत्री है वह रसीद दिखा दें। 14 की न सही वह 7 करोड़ की ही रसीद दिखा दें। दरसल वडिंग अहंकारी हो गए हैं, क्योंकि उन्हें उम्मीद भी नहीं थी कि वह मंत्री बन पाएंगे, लेकिन बन गए। इस बात को वह पचा नहीं पा रहे है। वहीं, सुखबीर बादल ने सिख फार जस्टिस के घोषित आतंकवाद गुरपतवंत सिंह पन्नू के भाई को चेयरमैन लगाए जाने पर राहुल गांधी व सोनिया गांधी से जवाब देने की बात कहते हुए कहा कि तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा के विदेश दौरों की जांच की जाए तो सबकुछ सामने आ जाएगा, क्योंकि बाजवा ने विदेश में गुरपतवंत सिंह पन्नी से मुलाकात की थी।

Edited By Kamlesh Bhatt

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