नए वित्त वर्ष के लिए मांगे 5836 करोड़, पिछले साल से 650 करोड़ अधिक

नए वित्त वर्ष 2022-23 के लिए बजट की सरगर्मियां तेज हो गई हैं। चंडीगढ़ प्रशासन ने वित्त वर्ष 2022-23 के लिए फाइनेंस मिनिस्ट्री से 5836 करोड़ रुपये मांगे हैं।

JagranPublish: Fri, 21 Jan 2022 11:30 PM (IST)Updated: Fri, 21 Jan 2022 11:30 PM (IST)
नए वित्त वर्ष के लिए मांगे 5836 करोड़, पिछले साल से 650 करोड़ अधिक

जागरण संवाददाता, चंडीगढ़ : नए वित्त वर्ष 2022-23 के लिए बजट की सरगर्मियां तेज हो गई हैं। चंडीगढ़ प्रशासन ने वित्त वर्ष 2022-23 के लिए फाइनेंस मिनिस्ट्री से 5836 करोड़ रुपये मांगे हैं। प्रशासन अपनी बजट डिमांड वित्त मंत्रालय को भेज चुका है। इस बार पिछले वित्त वर्ष 2021-22 में मिले 5186 करोड़ रुपये से 650 करोड़ रुपये अधिक मांगे गए हैं। जबकि पिछले वर्ष की मांग से 166 करोड़ रुपये अधिक मांगे गए हैं। वित्त वर्ष 2021-22 में चंडीगढ़ प्रशासन ने 5670 करोड़ रुपये की मांग केंद्र सरकार को भेजी थी। हालांकि मांग के अनुसार कभी बजट चंडीगढ़ को नहीं मिला है। पिछले साल भी मांग से 484 करोड़ रुपये कम 5186 करोड़ मिले थे। नए वित्त वर्ष में नगर निगम के लिए 350 करोड़ रुपये की मांग की गई है। जबकि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के लिए अलग से बजट मिलेगा। अब सभी की निगाह पहली फरवरी को पेश होने वाले आम बजट पर लगी है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आम बजट पेश करेंगी। उसके बाद ही सभी राज्यों और यूटी को बजट आवंटित होता है।

रिवाइज्ड एस्टीमेट में नहीं मिला कुछ

हर साल रिवाइज्ड एस्टीमेट(आरई) में भी कुछ न कुछ जरूरत मिलता था। लेकिन इस बार आरई में कुछ नहीं मिला। नगर निगम के लिए प्रशासन ने 208 करोड़ रुपये अतिरिक्त बजट की मांग केंद्र सरकार से की थी। जबकि आरई में लगभग 300 करोड़ रुपये कुल केंद्र से मांगे गए थे। आरई में अतिरिक्त बजट नहीं देने के साथ 20 फीसद जो बजट खर्च करने पर कोविड की वजह से रोक लगाई गई थी उस पर कट भी लग चुका है।

मास्टर प्लान-2031 की प्लानिग पर फोकस

मास्टर प्लान-2031 के तहत जो प्लानिग की गई है उसको धरातल पर लागू किया जाना है। एडवाइजर धर्म पाल ने पिछले सप्ताह रिव्यू मीटिग में यह आदेश दिए थे। इन प्रोजेक्ट के लिए भी बजट में अतिरिक्त मांग हो रही है। विकास मार्ग पर डेवलप होने वाली मार्केट का प्रोजेक्ट इसमें शामिल है। इसके अलावा सेक्टर-34 में सब सिटी सेंटर और सेक्टर-43 में कॉमर्शियल एरिया डेवलप होना है। इन सभी प्रोजेक्ट के लिए भी मांग अनुसार बजट आवंटित करने के लिए प्रशासन केंद्र सरकार से बात कर रहा है।

Edited By Jagran

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