नियमों का सख्ती से पालन करे अपने मत का करें प्रयोग

जिले में रोजाना लगातार कोरोना के केस बढ़ रहे हैं। इस कारण ही स्कूल कालेज बंद कर दिए हैं।

JagranPublish: Mon, 17 Jan 2022 04:23 PM (IST)Updated: Mon, 17 Jan 2022 10:49 PM (IST)
नियमों का सख्ती से पालन करे अपने मत का करें प्रयोग

संस, बठिडा : जिले में रोजाना लगातार कोरोना के केस बढ़ रहे हैं। इस कारण ही स्कूल कालेज बंद कर दिए हैं। वहीं इस वजह से 22 जनवरी तक चुनाव रैलियों पर पांबदी लगा दी गई है। इसके साथ ही लोगों की प्रतिक्रिया सामने आ रही है। इस संबंध में लोगों का कहना है, कि चुनाव रैली बंद होने से कोरोना के केसों में बढ़ोतरी भी कम होगी। वहीं ज्यादा भीड़ न होने से लोगों को इसका खतरा कम होगा। चुनाव को लेकर शहर के लोगों ने अपील कि है सरकार की तरफ से जारी नियमों का सख्ती से पालन करे और अपने मत का प्रयोग करे। ज्यादा भीड़ इकट्ठी न करें। वहीं विद्यार्थियों का कहना है, कि चुनावी रैलियों पर भीड़ इकट्ठी न होने से शोर शराबा क होगा। उनको आने वाले परीक्षाओं के लिए तैयारी करना आसान होगा।

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देश में कोरोना की तीसरी लहर शुरू हो चुकी है। वहीं राज्य में चुनाव का बिगुल बज चुका है। चुनाव आयोग रैली के संबंध में लिया फैसला सराहनीय है। इस समय ज्यादा भीड़ इकट्ठी होने से शोर शराबा तो कम होगा ही। इसके अलावा कोरोना का खतरा भी कम होगा।

विकास कुमार, बठिंडा

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चुनाव आयोग ने रात के समय चुनावी रैलियों और मीटिगों पर पाबंदी लगाकर एक अच्छा कदम उठाया है, देश में तेजी से कोरोना संक्रमण फैल रहा है। ऐसे में रात के समय चुनावी रैलियों में होने वाली भीड़ पर कंट्रोल करने के लिए यह अच्छा फैसला है।

महेश मेहता, बठिंडा

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कोरोना की दूसरी लहर में काफी लोगों ने अपनी जान गवाई थी। इसलिए चुनावी रैलियों पर रोक लगाना जरूरी था। वहीं चुनावी रैलियों के कारण लोगों को ट्रेफिक की समस्या का सामना करना पड़ता है। हम जैसे लोगों को खास कर अधिक दिक्कत आती है। इसलिए रैलियां बंद करने का फैसला बिल्कुल सही है।

तरुण गोयल, बठिंडा

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रैलियों रोकने से आम जनता को बेहद फायदा मिलेगा। चुनावी रैलियां के कारण आम जनता को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं इस कारण बच्चों की पढ़ाई भी खराब होती है। इसलिए इस पर लगाम लगना जरूरी था।

-- विशाल गोयल, बठिंडा

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हमारे एग्जाम जल्द ही आने वाले है। इस समय पढ़ाई करना बेहद जरूरी है। रैलियों के आयोजन से अधिक शोर शराबा होता है। इस कारण पढ़ाई करने में काफी परेशानी होती है। रैलियों रोकने से कोरोना तो कम होगा ही, इसके अलावा पढ़ाई करने में असानी होगी।

आरती, छात्रा, बठिंडा

Edited By Jagran

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