हेड कांस्टेबल की भर्ती परीक्षा के परिणामों में गड़बड़ी का आरोप, लगाया जाम

पुलिस विभाग की तरफ प्रदेश भर में कांस्टेबल भर्ती करने के लिए ली गई लिखित परीक्षा का परिणाम पंजाब सरकार की तरफ से 26 नवंबर को घोषित कर दिया गया। परीक्षा लेने वाली निजी कंपनी की तरफ से से घोषित किए गए परिणामों को लेकर विवाद हो गया है।

JagranPublish: Mon, 29 Nov 2021 06:39 PM (IST)Updated: Mon, 29 Nov 2021 06:52 PM (IST)
हेड कांस्टेबल की भर्ती परीक्षा के परिणामों में गड़बड़ी का आरोप,  लगाया जाम

संस, बठिडा : पुलिस विभाग की तरफ प्रदेश भर में कांस्टेबल भर्ती करने के लिए ली गई लिखित परीक्षा का परिणाम पंजाब सरकार की तरफ से 26 नवंबर को घोषित कर दिया गया। परीक्षा लेने वाली निजी कंपनी की तरफ से से घोषित किए गए परिणामों को लेकर विवाद हो गया है। परीक्षा देने वाले हजारों विद्यार्थियों ने घोषित किए गए परिणामों में काफी गड़बड़ियां होने की आशंका जताई है और आरोप लगाया है कि कंपनी ने पारदर्शी तरीके से रिजल्ट घोषित नहीं किया है, जिसके कारण हजारों विद्यार्थियों का भविष्य खतरे में है। इसके रोष में सोमवार को कांस्टेबल की परीक्षा देने वाले सैकड़ों विद्यार्थियों ने बठिडा शहर में रोष मार्च करते हुए धरना दिया और चक्का जाम कर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों ने पहले बस स्टैंड के बाहर चक्का जाम किया। करीब आधे घटे तक जाम करने के बाद रोष मार्च करते फौजी चौंक पहुंचे। वहां पर भी प्रदर्शनकारियों ने एक तरफ की सड़क जाम कर नारेबाजी की और सरकार से दोबारा से परीक्षा का परिणाम घोषित करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों की तरफ से किए गए चक्का जाम के कारण शहर की पूरी ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित रही। सड़कों पर वाहनों की लंबी-लंबी लाइनें लग गई। वहीं आम लोगों को भी काफी परेशानियों का सामान करना पड़ा। जाम होने के कारण लोगों को इधर उधर की गलियों से निकलकर जाना पड़ा। लोगों को जिन जगहों पर पांच मिनट में पहुंचना था, ट्रैफिक जाम के कारण वहां उन्हें 20 से 25 मिनट का समय लगा, लेकिन विद्यार्थियों ने अपना रोष धरना नहीं उठाया।

रिजल्ट किस केटेगिरी वाइज जारी, इसकी कोई जानकारी नहीं : भूपिंदर

इस दौरान विद्यार्थी भूपिदर सिंह ने बताया कि सरकार की तरफ से कांस्टेबल की भर्ती के लिए पंजाब सरकार की तरफ से लिखित परीक्षा ली गई थी। सरकार ने परीक्षा लेने की पूरी प्रकिया की जिम्मेवारी एक निजी कंपनी को दे रखी थी। कंपनी ने परीक्षा लेने के बाद बीती 26 नवंबर परिणाम घोषित कर दिए है, लेकिन नतीजों में काफी गड़बड़ियां है। उन्होंने बताया कि लिस्ट में जिन कैंरीडेंट के नाम है, उनमें कम नंबर वाले विद्यार्थी के नाम अधिक है, जबकि जिन विद्यार्थियों के अधिक नंबर है, उन विद्यार्थियों के नाम लिस्ट में ही नहीं है। इतना ही रिजल्ट किस केटेगिरी वाइज जारी किया गया है, इसकी भी कोई जानकारी रिजल्ट में नहीं है। उन्होंने सरकार से मांग कि जारी किए गए नतीजों की लिस्ट पूरी तरीके से पारदर्शिता से जारी की जाए। नहीं तो 2016 की तरह ट्राइल बेस पर टेस्ट लिया जाए। इसके अलावा अधूरी पड़ी पोस्टें एएसआइ, हेड कांस्टेबल, इंटेलिजेंस विग की पोस्टों को भी तुरंत भरा जाए। इन सभी भर्ती की प्रकिया भी जल्द से जल्द पूरी की जाएं। यह धरना देर शाम तक जारी रहा। वहीं प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने के लिए पहुंचे डीएसपी सिटी टू आशवंत सिंह ने उनका मांगपत्र लेकर उनकी मांग को सरकार तक पहुंचाने का भरोसा दिया। इसके बाद ही प्रदर्शनकारियों ने चक्का जाम खोला।

Edited By Jagran

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