कारोबारी बोले-बिगड़ी आर्थिक व्यवस्था को पटड़ी पर लाने के लिए सरकार उठाए साहसिक कदम

एक फरवरी को पेश किए जाने वाले बजट से शहर के व्यापारियों व उद्योगपतियों को काफी उम्मीदें हैं।

JagranPublish: Fri, 28 Jan 2022 10:32 PM (IST)Updated: Fri, 28 Jan 2022 10:32 PM (IST)
कारोबारी बोले-बिगड़ी आर्थिक व्यवस्था को पटड़ी पर लाने के लिए सरकार उठाए साहसिक कदम

जागरण संवाददाता, बरनाला : एक फरवरी को पेश किए जाने वाले बजट से शहर के व्यापारियों व उद्योगपतियों को काफी उम्मीदें हैं। बजट में देखने वाली बात यह होगी कि देश की बिगड़ी आर्थिक व्यवस्था को पटड़ी पर लाने के लिए सरकार द्वारा क्या प्रयास किए गए हैं। रोजगार बढ़ाने के लिए और अर्थव्यवस्था को तेज गति देने के लिए सरकार को एक साहसिक कदम लेने की जरूरत है। एक फरवरी को पेश होने वाले बजट को लेकर शहर के व्यापारी वर्ग व उद्योगपतियों की प्रतिक्रिया जानने के लिए दैनिक जागरण द्वारा व्यापारियों व उद्योगपतियों से बातचीत की गई। फोटो: 10

नेशनल ट्रेड पालिसी फार रिटेल ट्रेड गठित हो

व्यापारी नेता नवनीत गोयल ने कहा कि कोरोना काल में लाकडाउन के दौरान देश भर में आवश्यक सामान की आपूर्ति को बनाए रखने में देश के व्यापारियों ने कोई कसर नहीं छोड़ी। उसके बावजूद भी विभिन्न आर्थिक पैकेजों में व्यापारियों को कोई भी आवंटन न होने से व्यापारियों में निराशा है। इस बार पेश होने वाले बजट में सरकार से व्यापारियों को काफी उम्मीदें हैं। उन्होंने कहा कि बजट में एक नेशनल ट्रेड पालिसी फार रिटेल ट्रेड, ई कॉमर्स पालिसी व एक ई-कॉमर्स रेगुलेटरी अथॉरिटी का गठन तथा एक वोलंटरी डिस्क्लोजर स्कीम भी घोषित होनी जरूरी है। वीडीएस स्कीम के अंतर्गत घोषित करने वालों से कोई पूछताछ न होने का आश्वासन भी दिया जाना आवश्यक है। जिससे देश में कथित रूप से छिपे हुए कारोबार को मुख्य धारा से जोड़ा जा सके। फोटो: 8

कम ब्याज व आसान शर्तो पर मिले लोन

जिला इंडस्ट्री चेंबर बरनाला के प्रधान राज कुमार गोयल ने कहा कि वर्तमान में व्यापारी वित्तीय संकट से जूझ रहे हैं और उन्हेंउम्मीद है कि बजट में व्यापारियों को बैंकों व वित्तीय संस्थानों से कम ब्याज पर तथा आसान शर्तों पर कारोबार के लिए लोन मिले। कारपोरेट सेक्टर पर जिस प्रकार से आयकर की उच्चतम सीमा 25 प्रतिशत है, व्यापारियों पर भी यह लागू होने का एलान भी बजट में होना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकल पर वोकल तथा आत्मनिर्भर भारत अभियान को सफल बनाने के लिए देश के व्यापारियों, कारीगरों, हस्तशिल्पी व देश की प्राचीन कला का काम करने वाले लोगों को इस अभियान से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु भी एक व्यापक योजना बजट में घोषित होनी चाहिए। फोटो: 7

जीएसटी कर प्रणाली सरल हो

जिला इंडस्ट्री चेंबर बरनाला के चेयरमैन विजय गर्ग ने कहा कि जीएसटी कर प्रणाली जो बेहद मुश्किल हो गई है। उसके सरलीकरण की नीति भी बजट में घोषित हो। वहीं दूसरी ओर व्यापारियों पर लगे सभी प्रकार के कानूनों की समीक्षा के लिए एक टास्क फोर्स के गठन की घोषणा भी बजट का हिस्सा होनी चाहिए। देश में घरेलू व्यापार पर लगे लगभग 28 तरह के लाइसेंस के स्थान पर आधार की तरह केवल एक लाइसेंस लागू करने की घोषणा भी बजट में होनी चाहिए। देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे वीर जवानों तथा देश के सभी राज्यों की पुलिस के लिए एक विशेष कोष की स्थापना की घोषणा भी बजट में हो। जिसमें देश के नागरिक स्व इच्छा से धन दे और वह दिया हुआ धन आयकर से मुक्त होना चाहिए।

Edited By Jagran

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