18 दिन बाद बने सात माइक्रो कंटेनमेंट जोन और लोग अनकंट्रोल

दिसंबर-2021 के अंत तक शांत हो चुका कोरोना वायरस नए साल को अचानक भड़क गया।

JagranPublish: Tue, 25 Jan 2022 07:00 AM (IST)Updated: Tue, 25 Jan 2022 07:00 AM (IST)
18 दिन बाद बने सात माइक्रो कंटेनमेंट जोन और लोग अनकंट्रोल

जागरण संवाददाता, अमृतसर: दिसंबर-2021 के अंत तक शांत हो चुका कोरोना वायरस नए साल को अचानक भड़क गया। देखते ही देखते संक्रमितों की संख्या में अप्रत्याशित ढंग से वृद्धि होती चली गई। कोरोना महामारी की दूसरी लहर इतनी शक्तिशाली ढंग से क्यों बढ़ी? स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन के तमाम प्रयासों के बावजूद संक्रमितों की मृत्यु दर क्यों नहीं थम रही? इसका सबसे बड़ा कारण कोरोना संबंधी नियमों का पालन न करना है। शहर में कोरोना फैल चुका है। इसी बीच जिला प्रशासन ने पांच जनवरी के बाद अब जिले में सात नए माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाए हैं। अफसोसनाक पक्ष यह है कि इन जोनों में भी कोरोना नियमों का पालन नहीं हो रहा। रंजीत एवेन्यू : लोग बेरोकटोक आ जा रहे, रोकने वाली पुलिस ही नहीं

रंजीत एवेन्यू स्थित ए ब्लाक को प्रशासन ने इसे माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाया है पर बेपरवाह लोग बाहर घूम रहे हैं। चेहरों पर मास्क नहीं हैं। न ही पुलिस तैनात की गई है और न ही बाहरी लोगों को अंदर जाने से रोकने के लिए बैरिकेडिग है। नियम अनुसार माइक्रो कंटेनमेंट जोन में लोहे के बेरिकेड लगे होने चाहिए। माइक्रो कंटेनमेंट जोन में बेवजह किसी भी व्यक्ति को घर से बाहर निकलने की आज्ञा नहीं होती। बहुत जरूरी होने पर ही बाहर निकला जा सकता है। सी ब्लाक, बसंत एवेन्यू: बिना मास्क घूमते दिखे लोग

दूसरी तस्वीर रंजीत एवेन्यू सी ब्लाक की है। बेपरवाही का आलम तस्वीरें ही बयां करती है। वैसे तो मास्क पहनने की प्रवृत्ति लोगों में खत्म हो चुकी है, पर माइक्रो कंटेनमेंट जोन में तो मास्क अनिवार्य रूप से पहनना चाहिए। ठीक ऐसी ही स्थित बसंत एवेन्यू में दिखाई दी है। इतना जरूरी है कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें माइक्रो कंटेनमेंट जोन में रहने वाले लोगों के कोविड टेस्ट कर रही है। केंद्रीय टीम पहुंची थी तो प्रशासन ने की थी सख्ती

यहां बताना जरूरी है कि 2021 में कोरोना की दूसरी लहर की शुरुआत के बाद केंद्रीय टीम अमृतसर पहुंची थी। टीम शामिल आल इंडिया इंस्टीट्यूट आफ पब्लिक हेल्थ के डायरेक्टर डा. आरएन सिन्हा, पीजीआइ के प्रोफेसर डा. आशुतोष ने कोरोना मरीजों का उपचार कर रहे अस्पतालों का जायजा लिया था। वहीं कंटेनमेंट व माइक्रो कंटेनमेंट जोन में पहुंचकर समीक्षा की थी। उस वक्त जोन बनाने के बाद पुलिस व प्रशासन ने काफी सख्ती की थी। इसके बावजूद भी लोग कोरोना नियमों का पालन नहीं करते दिखाई दिए थे।

Edited By Jagran

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