गेहूं की फसल के लिए लाभदायक है कोहरा व धुंध

पिछले छह दिन में मौसम में बढ़ रही धुंध व कोहरे का प्रभाव फसलों पर दिखाई देने लग पड़ा है।

JagranPublish: Sun, 16 Jan 2022 07:51 PM (IST)Updated: Sun, 16 Jan 2022 07:51 PM (IST)
गेहूं की फसल के लिए लाभदायक है कोहरा व धुंध

जासं, अमृतसर : पिछले छह दिन में मौसम में बढ़ रही धुंध व कोहरे का प्रभाव फसलों पर दिखाई देने लग पड़ा है। कोहरा और धुंध गेहूं की फल के लिए लाभदायक माना जा रहा है वहीं कोहरे ने सब्जियों की फसल को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। कोहरा व धुंध के कारण गेहूं की फसल भरपूर होती है वहीं इस पर हानिकारक कीटों का प्रभाव भी खत्म हो जाता है। जिले में 1.80 लाख हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की फसल की बुआई होती है। अगर दिसंबर और जनवरी में सर्दी अधिक हो और कोहरा व धुंध छाए तो इससे गेहूं की फसल भरपूर होती है।

जिले में सात से आठ लाख हेक्टेयर भूमि पर सब्जियों की खेती की जाती है। कोहरे का सबसे अधिक प्रभाव मटर, गोभी, आलू, टमाटर और अमरूद आदि पर पड़ता है। कोहरे के कारण सब्जियों के उत्पादन पर असर पड़ता है।

हल्की बारिश भी फसल के लिए फायदेमंद

कृषि विशेषज्ञ डा. सतनाम सिंह कहते हैं कि गेहूं के भरपूर उत्पादन के लिए कोहरा लाभदायक है। इस मौसम में हल्की बारिश भी गेहूं के लिए लाभदायक है। जैसे गत सप्ताह लगातार रुक-रुक कर बारिश चलती रही ऐसी बारिश गेहूं और सब्जियों दोनों के लिए हानिकारक है। इस मौसम में खेतों में पानी जमा नहीं होना चाहिए। अगर कोहरा व धुंध के मौसम खेतों में पानी जमा हो तो उसे तुरंत खेतों से निकालने की व्यवस्था करनी होगी। नहीं तो फसल अधिक प्रभावित हो जाती है।

कृषि अधिकारी की सलाह पर ही करेंगे रासायनिक खाद का इस्तेमाल

कृषि अफसर डा. मस्तेंद्र सिंह कहते हैं कि किसानों को गेहूं के खेत में दो बार से अधिक रासायनिक खाद का उपयोग नहीं करना चाहिए। इसके लिए उनको कृषि अधिकारियों की सलाह लेनी चाहिए। अधिक यूरिया का उपयोग करने से गेहूं की फसल की हरियाली में तो वृद्धि हो जाती है जिससे कीटों का हमला फसल पर बढ़ जाता है परंतु इससे गेहूं का उत्पादन बढ़ता नही है। उल्टा खेती पर लागत खर्च बढ़ जाती है।

Edited By Jagran

ਪੰਜਾਬੀ ਵਿਚ ਖ਼ਬਰਾਂ ਪੜ੍ਹਨ ਲਈ ਇੱਥੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰੋ!

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept