सिर्फ आश्वसनों में फाेरलेन प्रभावितों को उलझा रही प्रदेश सरकार : अजय महाजन

सरकार द्वारा प्रस्तावित पठानकोट मंडी फोरलेन योजना के कारण प्रभावित हो रहे करीब एक लाख लोगों को चार साल से भी ज्यादा के कार्यकाल में आश्वासनों में ही उलझा कर रखने का काम किया है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक अजय महाजन ने कहा कि उचित निर्णय नहीं लिया।

Manoj KumarPublish: Sat, 12 Feb 2022 02:37 PM (IST)Updated: Sat, 12 Feb 2022 02:37 PM (IST)
सिर्फ आश्वसनों में फाेरलेन प्रभावितों को उलझा रही प्रदेश सरकार : अजय महाजन

जसूर, संवाद सहयोगी। सरकार द्वारा प्रस्तावित पठानकोट मंडी फोरलेन योजना के कारण प्रभावित हो रहे करीब एक लाख लोगों को चार साल से भी ज्यादा के कार्यकाल में झूठे वायदों और कोरे आश्वासनों में ही उलझा कर रखने का काम किया है। इस अक्षम और संवेदनहीन सरकार द्वारा चार बर्ष में कैबिनेट स्तर की दो कमेटियां बनाने के बाद भी कोई उचित निर्णय नहीं लिया, जिससे प्रभावितों को न्याय मिलता लेकिन उस सरकार के मुख्यमंत्री यह कहें कि भाजपा सरकार से बेहतर कोई सरकार नहीं है तो यह बयान अपने आप में हास्यास्पद है।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक अजय महाजन ने राजा का बाग में पत्रकार वार्ता के दौरान आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने योजना के प्रथम चरण कंडवाल से सियुनी तक के करीब चार हजार प्रभावितों की बहुमूल्य भूमि का नाममात्र मुआवजा देकर ठगा और अब भवनों के मुआवजे पर भी कैंची चलाने की फिराक में है जोकि प्रभावितों से बहुत बड़ा अन्याय है। मुख्यमंत्री द्वारा हाल ही में दिए ब्यान में फोरलेन प्रभावितों की मुआवजा संबंधी मांगों को राष्ट्रीय उच्च प्राधिकरण के समक्ष रखने को बचकाना बताते हुए महाजन ने कहा कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अपने सार्वजनिक बयान में कहा था कि प्रदेश सरकार जो मुआवजा तय करेगी। केंद्र सरकार उसका समर्थन करेगी, लेकिन अब मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर एन एच आई से बात करने को लेकर मामले को उलझा रहे हैं। महाजन ने कहा कि असल सच्चाई यह है कि सरकार हर जगह जिला कांगड़ा के लोगों के हितों से खिलवाड़ कर रही है जोकि बेहद अन्याय है। महाजन ने कहा कि यदि केंद्र सरकार द्वारा 2013 में संसद द्वारा पारित कानून में भू अधिग्रहण के बदले फैक्टर दो के हिसाब से चार गुणा मुआवजे का प्राविधान किया हुआ है तो फिर प्रदेश सरकार केंद्र सरकार के इस अधिनियम को क्यों लागू नहीं कर रही है और प्रभावितों के हितों को कुचलने में क्यों तुली है। जनता जानना चाहती है कि डबल इंजन की इस सरकार में यह विरोधाभास क्यों है कि वह केंद्र सरकार के बनाए अधिनियम को क्यों लागू नहीं कर रही। महाजन ने कहा कि एक ही सर्कल के तीन अलग अलग अन्यायपूर्ण रेट जारी किए गए । पांच से सात लाख रुपए प्रति मरले वाली भूमि को 20 से 60 हजार का मुआवजा दिया गया । प्रभावितों ने इस अन्याय के खिलाफ लंबा संघर्ष किया और कांग्रेस पार्टी भी जनता से हो रहे इस अन्याय के खिलाफ सड़कों पर उतरी लेकिन सत्ता के नशे में चूर न तो सरकार के कानों पर जूं रेंगी और न ही जिला कांगड़ा के भाजपा के बड़े नेता इस गम्भीर मसले पर एक शब्द भी बोल सके । महाजन ने चेताया कि सरकार के पास अब भी समय है कि वो अपनी हठ धर्मिता को छोड़कर फोरलेन प्रभावितों की जायज मांगों भूमि के बदले फैक्टर दो के हिसाब से चार गुणा और 2018 में तय किए गए भवनों के रेट के अनुसार मुआवजा देने की मांगों को मान लें वर्ना 2022 में इसका खमियाजा भुगतना पड़ेगा । इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सुदर्शन शर्मा , जिला उपाध्यक्ष सुरेश पठानिया , कांग्रेस नेता यशपाल पप्पू भी मौजूद रहे।

Edited By Manoj Kumar

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