रोचक है गौतमबुद्ध नगर का चुनावी समीकरण, इस पार्टी को अब तक नहीं मिली सफलता

UP Election 2022 गौतमबुद्ध नगर जिले में तीन विधानसभा सीटें हैं। इन विधानसभा सीटों का राजनीतिक इतिहास बेहद ही रोचक रहा है। आइए जानते हैं आखिर किस पार्टी की ओर इशारा कर रहे हैं गौतमबुद्ध नगर की तीनों विधानसभा सीटों के पुराने आंकड़े।

Abhishek TiwariPublish: Mon, 07 Mar 2022 01:48 PM (IST)Updated: Mon, 07 Mar 2022 09:29 PM (IST)
रोचक है गौतमबुद्ध नगर का चुनावी समीकरण, इस पार्टी को अब तक नहीं मिली सफलता

नोएडा, जागरण डिजिटल डेस्क। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के सातवें और आखिरी चरण के लिए सोमवार शाम 6 बजे मतदान समाप्त हो जाएगा। वोटिंग खत्म होने के बाद अब सबकी नजरें 10 मार्च को आने वाले परिणाम की ओर होंगी। इससे पहले सोमवार की शाम को सातवें चरण का मतदान संपन्न होने के बाद कई एजेंसियों की ओर से एग्जिट पोल जारी किया जाएगा। एग्जिट पोल में सर्वे एजेंसियां चुनाव के दौरान जुटाए गए अपने डेटा के मुताबिक अनुमानित नतीजे जारी करेंगी। राजधानी दिल्ली से सटे गौतमबुद्ध नगर जिले की दादरी, जेवर और नोएडा विधानसभा सीटों के एग्जिट पोल पर भी राजनीतिक पंडितों के साथ प्रत्याशियों की नजर रहेंगी। इन तीनों विधानसभा सीटों का राजनीतिक इतिहास बेहद ही रोचक रहा है। सबसे रोचक यही है कि इस बार के चुनाव में भाजपा से मुकाबला कर रही समाजवादी पार्टी तीनों सीटों पर कभी नहीं जीत पाई। आइए जानते हैं आखिर किस पार्टी की ओर इशारा कर रहे हैं गौतमबुद्ध नगर की तीनों विधानसभा सीटों के पुराने आंकड़े।

नोएडा विधानसभा:

नोएडा विधानसभा सीट यूपी के गौतमबुद्ध नगर जिले की 3 विधानसभा सीटों में से एक है एवं इसका विधानसभा क्रमांक 61 है। इस सीट पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र और भाजपा के मौजूदा विधायक पंकज सिंह के सामने सपा-रालोद गठबंधन से सुनील चौधरी, कांग्रेस से पंखुड़ी पाठक और बसपा से कृपाराम शर्मा हैं। वहीं वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में यहां पहले चरण में मतदान हुआ था, जिसमें 48.02% मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था। चुनाव में भाजपा के पंकज सिंह ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी सपा के सुनील चौधरी को 1,04016 मतों से हराया। विजयी उम्मीदवार को 162417 व निकटतम प्रतिद्वंदी को 58401 मत मिले थे।

दादरी विधानसभा:

दादरी विधानसभा का विधानसभा क्रमांक 62 है। यहां भाजपा के मौजूदा विधायक तेजपाल नगर का मुकाबला सपा के राजकुमार भाटी और बसपा के मनवीर भाटी से माना जा रहा है। पिछले विधानसभा चुनाव 2017 में यहां पहले चरण में मतदान हुआ था, जिसमें 59.08% मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था। चुनाव में भाजपा के तेजपाल नागर ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी बसपा के सतवीर गुर्जर को 80140 मतों से हराया था। वहीं विजयी प्रत्याशी को 141135 और निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 60995 वोट मिले थे। 

जेवर विधानसभा सीट:

जेवर विधानसभा सीट यूपी के गौतमबुद्ध नगर जिले की 3 विधानसभा सीटों में से एक है एवं इसका विधानसभा क्रमांक 63 है। यहां भाजपा के मौजूदा विधायक का मुकाबला रालोद के अवतार सिंह भड़ाना और बसपा के नरेंद्र भाटी से है। इन सीट पर सपा-रालोद गठबंधन और बसपा प्रत्याशी मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने का प्रयास अवश्य कर रहे हैं, लेकिन जेवर में एयरपोर्ट, फिल्म सिटी, मेडिकल डिवाइस पार्क जैसी योजनाओं के कारण यहां विकास लोगों के बीच बड़ा मुद्दा है। पिछले विधानसभा चुनाव 2017 में यहां पहले चरण में मतदान हुआ था, जिसमें 65.01% मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। चुनाव में भाजपा के धीरेंद्र सिंह ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी बसपा के वेदराम भाटी 22169 मतों से हराया। विजयी उम्मीदवार को 102931 व निकटतम प्रतिद्वंदी को 80762 मत प्राप्त हुए।

गौतमबुद्ध नगर की जमीन पर कभी नहीं दौड़ी साइकिल

उत्तर प्रदेश में तीन बार सरकार बनाने वाली समाजवादी पार्टी जिले की तीनों सीटों पर कभी भी जीत दर्ज करने में सफल नहीं हुई है। बावजूद इसके कि वर्ष 2012 में अखिलेश यादव ने यमुना एक्सप्रेस-वे से ही साइकिल यात्रा का शुभारंभ किया था, जिसके बाद साइकिल यात्रा पूरे प्रदेश में घूमी थी। साइकिल यात्रा का रिजल्ट ये आया कि प्रदेश के वोटरों ने समाजवादी पार्टी को प्रचंड बहुमत के साथ विधानसभा में पहुंचाया था। इन तीनों सीटों पर कभी भी साइकिल को दौड़ा कर कोई भी प्रत्याशी विधानसभा नहीं पहुंच पाया है।

क्या होता है एग्जिट पोल?

एग्जिट पोल से यह अनुमान लगाया जाता है कि अब कौन से राज्य में अब किसकी सरकार बनने जा रही है या कौन सा दल कितनी अनुमानित सीटें हासिल कर सकता है। यह मतदान के दिन वोट डालकर पोलिंग बूथ से बाहर आए लोगों से बातचीत और उनके रुझानों पर आधारित होते हैं। एग्जिट पोल में जारी आंकड़ों के जरिये यह अनुमान लगाया जाता है कि चुनावी नतीजों का झुकाव किस पार्टी की तरफ है। मौजूदा समय में कई संगठन एग्जिट पोल्स के लिए काम कर रहे हैं। जो मतदान के दिन वोट डालकर बूथ से बाहर आए लोगों से बात करके नतीजों पर उनका मत जानने का प्रयास करते हैं। इस प्रकार के सर्वे को ही एग्जिट पोल कहा जाता है।

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Edited By Abhishek Tiwari

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