President Election 2022: यशवंत सिन्हा आज दाखिल करेंगे नामांकन, शरद पवार ने कहा- विपक्षी उम्मीदवार को पूरे मनोयोग से जिताना हमारा दायित्व

सिन्हा ने कहा कि यह चुनाव सरकार की अधिनायकवादी नीतियों के खिलाफ है। सार्वजनिक जीवन के लंबे अनुभव के चलते एक व्यक्ति के कारण पूरे समुदाय का उत्थान नहीं होगा। पूरे समुदाय को आगे तभी ले जाना सरकार की नीतियों पर निर्भर करता है।

Amit SinghPublish: Mon, 27 Jun 2022 02:45 AM (IST)Updated: Mon, 27 Jun 2022 06:17 AM (IST)
President Election 2022: यशवंत सिन्हा आज दाखिल करेंगे नामांकन, शरद पवार ने कहा- विपक्षी उम्मीदवार को पूरे मनोयोग से जिताना हमारा दायित्व

नई दिल्ली, प्रेट्र: राकांपा के प्रमुख शरद पवार ने कहा कि विपक्षी दलों को अपने साझा राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को जिताने के लिए सभी यत्न करने चाहिए। उन्हें पूरे मनोयोग से जिताना हमारा दायित्व है। राष्ट्रपति चुनाव पर विचार-विमर्श करने के लिए विपक्षी दल के सभी नेता संसद भवन में आज सुबह 11.30 बजे एक अहम बैठक करेंगे। आज ही राष्ट्रपति चुनाव के लिए यशवंत सिन्हा का नामांकन है।

सरकार की अधिनायकवादी नीतियों के खिलाफ चुनाव

सिन्हा ने कहा कि यह चुनाव सरकार की अधिनायकवादी नीतियों के खिलाफ है। सार्वजनिक जीवन के लंबे अनुभव के चलते एक व्यक्ति के कारण पूरे समुदाय का उत्थान नहीं होगा। पूरे समुदाय को आगे तभी ले जाना सरकार की नीतियों पर निर्भर करता है। हमारा लोकतंत्र, हमारा संविधान सब खतरे में है। इसलिए सबको भारत की रक्षा के लिए आगे आना होगा।

मेरा बेटा राज धर्म निभाएगा, मैं राष्ट्र धर्म

राष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी दलों के साझा उम्मीदवार यशवंत सिन्हा ने कहा कि वह अपने बेटे और भाजपा सांसद जयंत सिन्हा का समर्थन हासिल करने को लेकर किसी धर्मसंकट में नहीं हैं। वह अपने राजधर्म का पालन करेगा और मैं अपने राष्ट्र धर्म का पालन करूंगा। उन्होंने रविवार को दिए इंटरव्यू में कहा कि राष्ट्रपति भवन को रबर स्टैंप से अधिक कुछ चाहिए। इसलिए अगर फिर कोई रबर स्टैंप आ गया तो वह बेहद विनाशकारी होगा।

विपक्ष को एकजुट होने की जरूरत

शरद पवार ने रविवार को कहा कि अगर राष्ट्रपति चुनाव के गणित की ओर नजर डाली जाए तो स्थिति इतनी खराब भी नहीं है। अच्छी लड़ाई के लिए विपक्षी दलों को एकजुट होकर सारे प्रयास करने होंगे। हम चुनाव जीतने के लिए लड़ते हैं। जब दो उम्मीदवार हैं तो दोनों तो नहीं जीत सकते। हर प्रत्याशी के लिए स्थितियां अलग होती हैं। जब हमने यशवंत सिन्हा को साझा उम्मीदवार चुना है तो यह हमारी जिम्मेदारी बनती है कि उनकी जीत सुनिश्चित करें। परिणाम जो भी उसके बारे में बाद में बात करेंगे।

राष्ट्रपति चुनाव निजी प्रतिस्पद्र्धा से कहीं अधिक

18 जुलाई को मुर्मू के जीतने की संभावना पर उन्होंने कहा कि अगर अंक हमारे खिलाफ हैं तो क्या हमें चुनाव नहीं लड़ना चाहिए। इस बीच, विपक्ष के साझा उम्मीदवार यशवंत सिन्हा ने भी चुनाव से पीछे हटने से इन्कार करते हुए कहा कि राष्ट्रपति चुनाव निजी प्रतिस्पद्र्धा से कहीं अधिक है। राकांपा प्रमुख का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब कुछ विपक्षी दलों जैसे वाइएसआरसीपी और बसपा ने 18 जुलाई को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में राजग की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू का समर्थन करने की घोषणा कर दी है। इसी तरह सिन्हा को साझा प्रत्याशी बनाने वाले झामुमो का झुकाव अब संथल समुदाय की आदिवासी नेता द्रौपदी मुर्मू की ओर हो गया है।

Edited By Amit Singh

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