Parliament Winter Session: आपातकाल के दौरान संविधान में जोड़ा गया 'राष्ट्र विरोधी' शब्द : केंद्र सरकार

केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने मंगलवार को लोकसभा को बताया कि कानूनों के अंतर्गत राष्ट्र विरोधी शब्द को परिभाषित नहीं किया गया है। इस शब्द को आपातकाल के दौरान पहली बार वर्ष 1976 में संविधान में शामिल किया गया और एक साल बाद हटा भी दिया गया।

Arun Kumar SinghPublish: Tue, 21 Dec 2021 09:32 PM (IST)Updated: Tue, 21 Dec 2021 09:39 PM (IST)
Parliament Winter Session: आपातकाल के दौरान संविधान में जोड़ा गया 'राष्ट्र विरोधी' शब्द : केंद्र सरकार

 नई दिल्ली, प्रेट्र। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने मंगलवार को लोकसभा को बताया कि कानूनों के अंतर्गत 'राष्ट्र विरोधी' शब्द को परिभाषित नहीं किया गया है। इस शब्द को आपातकाल के दौरान पहली बार वर्ष 1976 में संविधान में शामिल किया गया और एक साल बाद हटा भी दिया गया। राय ने एआइएमआइएम नेता व सांसद असदुद्दीन ओवैसी के प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। ओवैसी ने सवाल किया था कि क्या सरकार ने कानून, 11 नियमों या अन्य प्रविधानों के तहत 'राष्ट्र विरोधी' शब्द को परिभाषित किया है।

सरकार ने लोकसभा में कहा, कानून में नहीं किया गया है 'राष्ट्र विरोधी' शब्द को परिभाषित

उन्होंने यह भी पूछा था कि क्या सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्र विरोधी गतिविधियों से संबंधित अपराधों से निपटने के लिए कोई दिशानिर्देश तय किया है। राय ने कहा, 'राष्ट्र विरोधी शब्द को कानून में परिभाषित नहीं किया गया है। हालांकि, देश की एकता और अखंडता के लिए नुकसानदेह, गैरकानूनी और विध्वंसक गतिविधियों से निपटने के वास्ते आपराधिक कानून व न्यायिक घोषणाएं मौजूद हैं।'उन्होंने कहा कि संविधान (42वां संशोधन) अधिनियम, 1976 के तहत इसका उल्लेख किया गया था और आपातकाल के दौरान अनुच्छेद 31 डी के तहत 'राष्ट्र विरोधी गतिविधि' को परिभाषित किया गया। इसके बाद संविधान (43वां संशोधन) अधिनियम, 1977 के तहत अनुच्छेद 31डी को हटा दिया गया।

आंध्र प्रदेश के 18 एनजीओ के खिलाफ मतांतरण कराने की शिकायत

केंद्रीय मंत्री ने लोकसभा को बताया कि आंध्र प्रदेश के 18 गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) के खिलाफ लोगों को प्रलोभन देकर कथित तौर पर ईसाई बनाने की मुहिम में संलिप्त होने शिकायतें मिली हैं। आरोप है कि ये एनजीओ वर्ष 2018 से ऐसा कर रहे हैं।

दूसरे डाटाबेस में अपडेट हो जाएंगी जन्म-मृत्यु संबंधी सूचनाएं

नित्यानंद राय ने बताया कि जन्म एवं मृत्यु पंजीयन कानून के संशोधन प्रारूप में यह प्रविधान किया गया है कि उसका डाटाबेस दूसरे डाटाबेस में उपलब्ध जन्म-मृत्यु संबंधी सूचनाओं से अपडेट हो जाएगा। राय एक सवाल का जवाब दे रहे थे। इसमें पूछा गया था कि क्या सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव है, जिसमें जन्म-मृत्यु प्रमाण-पत्र को आधार से जोड़ा जाए और नेटग्रिड को अपडेट किया जाए।

फिलहाल कोई नहीं कर रहा हाथ से मैला उठाने का काम

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास आठवले ने कहा कि फिलहाल कोई भी व्यक्ति हाथ से मैला उठाने का काम नहीं कर रहा है। लेकिन, पिछले तीन वर्षो में नाले की सफाई के दौरान 158 लोगों की मौत हो चुकी है।

Edited By Arun Kumar Singh

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