राज्य चुनाव आयोग ने कहा, कर्नाटक सरकार ने छीन लिए हमारे अधिकार, इसलिए जिला और तालुक पंचायत इलेक्शन कराने में हैं असमर्थ

जस्टिस एसजी पंडित और जस्टिस एमजी उमा की अवकाश खंडपीठ मंगलवार को चुनाव आयोग की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। बीते सप्ताह सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल प्रभाव से जिला पंचायत व तालुक पंचायत चुनाव स्थगित करने के निर्देश दिए थे।

Dhyanendra Singh ChauhanPublish: Tue, 17 May 2022 06:10 PM (IST)Updated: Tue, 17 May 2022 06:10 PM (IST)
राज्य चुनाव आयोग ने कहा, कर्नाटक सरकार ने छीन लिए हमारे अधिकार, इसलिए जिला और तालुक पंचायत इलेक्शन कराने में हैं असमर्थ

बेंगलुरु, प्रेट्र। राज्य चुनाव आयोग ने कर्नाटक हाई कोर्ट में कहा कि राज्य सरकार द्वारा चुनाव कराने के अधिकार छीन लिए जाने के कारण वह सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर जिला पंचायत और तालुक पंचायत चुनाव कराने में असमर्थ हैं।

जस्टिस एसजी पंडित और जस्टिस एमजी उमा की अवकाश खंडपीठ मंगलवार को चुनाव आयोग की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। बीते सप्ताह सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल प्रभाव से जिला पंचायत व तालुक पंचायत चुनाव स्थगित करने के निर्देश दिए थे।

इस पर चुनाव आयोग ने हाई कोर्ट में सुनवाई से पूर्व एक मेमो दायर किया था। इस पर हाई कोर्ट ने पूछा था कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बावजूद यह मेमो क्यों दिया गया।

इस पर आयोग ने जवाब दायर किया कि राज्य सरकार ने आयोग से परिसीमन एवं आरक्षण संबंधित सूची तैयार करने के अधिकार ले लिए हैं। इनके बिना राज्य चुनाव आयोग चुनाव प्रक्रिया शुरू करने में असमर्थ है।

आयोग ने कहा कि राज्य सरकार ने अलग से पैनल बनाकर इनका निर्धारण किया है जबकि आयोग यह प्रक्रिया पहले ही अपने स्तर पर पूरी कर चुका था। हाई कोर्ट ने कहा कि याचिका की तह तक जाना जरूरी है और अगली सुनवाई 23 मई तक के लिए स्थगित कर दी।

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Edited By Dhyanendra Singh Chauhan

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