भाजपा महासचिव राम माधव बोले, भारत जानता है पाकिस्तान जैसे देश को कैसे सबक सिखाना है

भारतीय जनता पार्टी के महासचिव राम माधव ने कहा कि भारत जानता है कि पाकिस्तान जैसे देशों को कैसे सबक सिखाना है।

Arun Kumar SinghPublish: Sun, 03 May 2020 09:46 PM (IST)Updated: Sun, 03 May 2020 09:46 PM (IST)
भाजपा महासचिव राम माधव बोले, भारत जानता है पाकिस्तान जैसे देश को कैसे सबक सिखाना है

 नई दिल्ली, प्रेट्र। भारतीय जनता पार्टी के महासचिव राम माधव ने कहा कि भारत जानता है कि पाकिस्तान जैसे देशों को कैसे सबक सिखाना है। उन्होंने भारत में 'इस्लामोफोबिया' के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के सभी समुदायों का समर्थन हासिल है। लेकिन जो लोग 'मोदी-फोबिया' से ग्रस्त हैं वह देश के सद्भाव को सांप्रदायिकता में बदलने की कोशिश कर रहे हैं। 

कुछ लोगों की गलतियों के लिए पूरे धार्मिक समुदाय को दोषी ठहराना गलत

एक इंटरव्यू में भाजपा नेता राम माधव ने रविवार को भारत में 'इस्लामोफोबिया' के आरोपों पर कड़ा रुख अख्तियार किया। उन्होंने कहा कि यह आरोप झूठे हैं कि दिल्ली में तब्लीगी जमात के लोगों के जानबूझकर कोरोना संक्रमण फैलाने की घटनाओं के चलते देश में मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा, 'एक समूह के कुछ लोगों की गलतियों के लिए किसी एक पूरे धार्मिक समुदाय को दोषी ठहराना गलत होगा। इससे ना ही समुदाय का भला होगा और ना हे व्यापक रूप में देश का भला होगा।

 आतंकवाद का खुलकर समर्थन करने से बाज नहीं आ रहा पाकिस्‍तान 

'पाकिस्तान को लेकर राम माधव ने कहा कि जब पूरी दुनिया ने कोरोना संकट से निपटने में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है, तब भी हमारा पड़ोसी देश भारत विरोधी अभियान चलाने और आतंकवाद का खुलकर समर्थन करने से बाज नहीं आ रहा है। उन्होंने कहा, 'इससे जाहिर है कि पाकिस्तानी नेतृत्व में कहीं न कहीं किसी न किसी चीज की भारी कमी है।'

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान से यह पूछा जाना चाहिए कि कोविड-19 के बाद वाले किस क्रम में अपने आपको देखना चाहता हैं। यह पाकिस्तान के लिए भी उतना ही बड़ा सवाल है, जितना चीन के लिए हैं। उन्होंने चीन के संबंध में भी कहा कि कोरोना संकट के चलते बहुत सारी कंपनियां पड़ोसी देश से निकल जाएंगी और कारोबार के लिए भारत को एक आकर्षक जगह मानेंगी। उन्होंने कहा कि यह पाकिस्तान के हित में होगा कि वह अपने वैश्विक क्रम को पहचाने। 

Edited By Arun Kumar Singh

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