Presidential Election 2022: राष्ट्रपति चुनाव के लिए यशवंत सिन्हा के नामांकन से 'आप' और जेएमएम की दूरी, जानें क्या है इसके पीछे की वजह

Presidential Election 2022 झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) और आम आदमी पार्टी (आप) ने यशवंत सिन्हा के नामांकन से आज दूरी बनाई रखी। नामांकन के दौरान विपक्ष के 16 वरिष्ठ नेता मौजूद रहे थे। जेएमएम और आप ने राजनीतिक नुकसान होने की आशंका के चलते दूरी बनाने का फैसला किया।

Mahen KhannaPublish: Mon, 27 Jun 2022 04:51 PM (IST)Updated: Mon, 27 Jun 2022 04:51 PM (IST)
Presidential Election 2022: राष्ट्रपति चुनाव के लिए यशवंत सिन्हा के नामांकन से 'आप' और जेएमएम की दूरी, जानें क्या है इसके पीछे की वजह

नई दिल्ली, आइएएनएस। राष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा ने आज अपना नामांकन दाखिल किया। नामांकन के दौरान उनको समर्थन दिखाने के लिए विपक्ष के कई बड़े नेता पहुंचे। लेकिन झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) और आम आदमी पार्टी (आप) ने यशवंत सिन्हा के नामांकन से आज दूरी बनाई रखी। बता दें कि नामांकन के दौरान विपक्ष के 16 वरिष्ठ नेता मौजूद रहे थे।

यह है साथ ना आने की वजह

  • बता दें कि द्रौपदी मुर्मू को एनडीए द्वारा उनके उम्मीदवार के रूप में नामित किए जाने के बाद से जेएमएम सिन्हा की उम्मीदवारी पर कोई निर्णय नहीं कर पा रहा है।
  • सूत्रों ने कहा कि जेएमएम का मुर्मु को ओडिशा की एक जैसी भाषा संताली और घरेलू राजनीति के कारण नजरअंदाज करना मुश्किल है, जिसका राज्य के आदिवासी क्षेत्रों में बड़ा आधार है।
  • सूत्रों ने कहा कि अगर पार्टी सिन्हा का समर्थन करती है, जो यहां से सांसद रह चुके हैं। तो यह उनको नुकसान पहुंचा सकता है। हालांकि झामुमो राज्य में कांग्रेस के साथ गठबंधन में है, लेकिन उसने सिन्हा के नामांकन दाखिल करने से दूर रहना चुना।

यह नेता रहे नामांकन के दौरान मौजूद

सिन्हा द्वारा नामांकन दाखिल करते समय एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, माकपा महासचिव सीताराम येचरू और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव सहित कई पार्टियों के नेता शामिल रहे। इनके साथ जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला, तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के नेता और तेलंगाना के मंत्री के टी रामाराव, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद अभिषेक बनर्जी, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे भी दिखे।

यह विचारधारा की लड़ाईः राहुल गांधी

नामांकन के बाद बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा, "यह विचारधारा की लड़ाई है और विपक्ष यशवंत सिन्हाजी की उम्मीदवारी पर एकजुट है। दूसरी ओर टीआरएस के अध्यक्ष श्री केसीआर गारू ने भारत के राष्ट्रपति के चुनाव में सिन्हा की उम्मीदवारी को समर्थन देने का फैसला किया है। 

Edited By Mahen Khanna

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