IAS और IPS अफसरों की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर नए नियमों को केंद्र ने बताया जरूरी, राज्‍यों के आरोपों को किया खारिज

राज्य सरकारों की मर्जी के खिलाफ आइएएस और आइपीएस अधिकारियों को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भेजने के नए नियमों को संघीय ढांचे के खिलाफ बताने के बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आरोपों को केंद्र ने सिरे से खारिज कर दिया है।

Arun Kumar SinghPublish: Thu, 20 Jan 2022 09:23 PM (IST)Updated: Thu, 20 Jan 2022 09:40 PM (IST)
IAS और IPS अफसरों की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर नए नियमों को केंद्र ने बताया जरूरी, राज्‍यों के आरोपों को किया खारिज

नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। राज्य सरकारों की मर्जी के खिलाफ आइएएस और आइपीएस अधिकारियों को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भेजने के नए नियमों को संघीय ढांचे के खिलाफ बताने के बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आरोपों को केंद्र ने सिरे से खारिज कर दिया है। केंद्र का कहना है कि पिछले सात वर्षों में इन अधिकारियों की संख्या में लगभग दोगुनी बढ़ोतरी के बावजूद केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर आने वाले अधिकारियों की संख्या में कमी आ रही है। इसके कारण केंद्र सरकार का कामकाज प्रभावित हो रहा है।

राज्यों पर 1955 की आइएएस नियमावली का पालन नहीं करने का लगाया आरोप

केंद्र सरकार के उच्च पदस्थ सूत्रों ने 1955 की आइएएस नियमावली का हवाला देते हुए कहा कि इसके तहत राज्यों के कुल कैडर का 40 प्रतिशत केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भेजने का कोटा तय है। केंद्र सरकार का सारा कामकाज राज्यों से प्रतिनियुक्ति पर आए इन्हीं अधिकारियों के सहारे होता है। लेकिन पिछले कुछ वर्षो में राज्यों द्वारा अधिकारियों की कमी का हवाला देकर प्रतिनियुक्ति से इन्कार करने की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है।

उनके अनुसार, 2011 में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर कुल 309 आइएएस अधिकारी थे, जिनकी संख्या मौजूदा समय में 223 रह गई है। ऐसा नहीं है कि 2011 में 40 प्रतिशत प्रतिनियुक्ति के नियम का पालन किया गया हो। उस समय भी राज्यों से केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर सिर्फ 25 प्रतिशत आइएएस अधिकारी ही भेजे गए थे। अब यह अनुपात महज 18 प्रतिशत रह गया गया है।

40 प्रतिशत अफसरों को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भेजे जाने का नियम

केंद्र सरकार ने राज्यों की ओर से अधिकारियों की कमी के दावे को भी खारिज कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, 2014 में पूरे देश में उप सचिव और निदेशक के स्तर पर कुल 621 अधिकारी थे। 2021 में उनकी संख्या बढ़कर 1,130 हो गई है। लेकिन राज्यों में बढ़ी हुई संख्या के बावजूद केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर उप सचिव व निदेशक स्तर पर अधिकारियों की संख्या 117 से कम होकर 114 रह गई है। अधिकारियों की कमी के कारण केंद्र सरकार के कामकाज प्रभावित होने का हवाला देते हुए उन्होंने प्रतिनियुक्ति के नए नियमों को 1955 की आइएएस नियमावली के अनुरूप बताया।

नए नियमों को संघीय ढांचे के खिलाफ बताने के ममता बनर्जी के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर राज्य के अधिकारियों के आने से संघीय ढांचे को मजबूती मिलेगी। उनके अनुसार, इससे केंद्रीय स्तर पर सरकारी योजनाओं को बनाने और राज्य स्तर पर उनके क्रियान्वयन में इन अधिकारियों के अनुभवों का लाभ केंद्र और राज्य दोनों को मिलना तय है।

Edited By Arun Kumar Singh

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept