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संघ प्रमुख के दो बच्‍चों वाले कानून की हिमायत पर भड़की राकांपा, नवाब मलिक बोले- अतीत भी देख लें

Mohan Bhagwat on two child law राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के दो बच्चों वाले कानून के बयान पर NCP के नवाब मलिक ने हमला बोला है...

Krishna Bihari SinghSat, 18 Jan 2020 01:13 PM (IST)
संघ प्रमुख के दो बच्‍चों वाले कानून की हिमायत पर भड़की राकांपा, नवाब मलिक बोले- अतीत भी देख लें

मुंबई, एएनआइ। Mohan Bhagwat on two child law राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के दो बच्चों वाले कानून के बयान पर सियासत गरमा गई है। राकांपा ने इस पर तंज कसते हुए नतीजा भुगतने की चेतावनी दी है। राकांपा NCP नेता नवाब मलिक Nawab Malik ने कहा है कि मोहन भागवत जी दो बच्‍चों का कानून चाहते हैं। शायद उनको नहीं पता कि महाराष्ट्र में पहले से ही इस पर कई कानून है। कई दूसरे राज्यों में भी ऐसा ही है। फिर भी यदि भागवत जी जबरदस्ती पुरुष नसबंदी चाहते हैं तो मोदीजी को इस पर कानून बनाने दें। हमने देखा है कि अतीत में इसका क्या हस्र हुआ था।  

दरअसल, चार दिन के प्रवास पर मुरादाबाद में RSS प्रमुख भागवत ने गुरुवार को कहा था कि संघ की अगली योजना दो बच्चों का कानून है। जनसंख्या वृद्धि विकराल रूप धारण कर चुकी है। संघ जनसंख्या नियंत्रण कानून के पक्ष में है। संघ का मत है कि दो बच्चों का कानून होना चाहिए लेकिन इस पर फैसला तो सरकार को लेना है। केंद्र को ऐसा कानून बनाना चाहिए जिससे जनसंख्या नियंत्रण हो सके। संघ प्रमुख Mohan Bhagwat ने कहा कि यदि जनसंख्या नियंत्रण कानून बनता है तो इससे देश विकास के रास्‍ते पर चलेगा। भागवत मुरादाबाद स्थित MIT सभागार में जिज्ञासा सत्र के दौरान स्वयंसेवकों के सवालों का जवाब दे रहे थे। 

संघ प्रमुख से पूछा गया था कि राममंदिर का मसला तो अब सुप्रीम कोर्ट से हल हो चुका है। अब इसमें संघ की क्या भूमिका होगी..? इसके जवाब में भागवत ने कहा कि मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट का गठन होते ही संघ का काम पूरा हो जाएगा। इस मामले में संघ की भूमिका केवल ट्रस्ट निमार्ण तक सीमित है। इसके बाद संघ खुद को इस मुद्दे से अलग कर लेगा। यह पूछे जाने पर कि मथुरा और काशी संघ के एजेंडे में रहेगा या नहीं... संघ प्रमुख ने कहा कि काशी और मथुरा कभी भी संघ के एजेंडे में नहीं रहा है। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में हुई हिंसक घटनाओं के सवाल पर भागवत ने कहा कि यह कानून नागरिकता देने वाला है, इसका विरोध नहीं होना चाहिए। 

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