Maharashtra Political Crisis: एकनाथ शिंदे से संपर्क को लेकर संजय राउत के भाई का इंकार, कहा- मरते दम तक रहेंगे पार्टी के साथ

शिवसेना नेता संजय राउत के भाई सुनील राउत ने सोमवार को बागी एकनाथ शिंदे के साथ संपर्क होने की बात को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि वे शिवसैनिक हैं और अंतिम सांस तक पार्टी के लिए ही काम करेंगे।

Monika MinalPublish: Mon, 27 Jun 2022 02:45 PM (IST)Updated: Mon, 27 Jun 2022 03:26 PM (IST)
Maharashtra Political Crisis: एकनाथ शिंदे से संपर्क को लेकर संजय राउत के भाई का इंकार, कहा- मरते दम तक रहेंगे पार्टी के साथ

मुंबई, एएनआइ। शिवसेना नेता संजय राउत के भाई सुनील राउत ने सोमवार को बागी एकनाथ शिंदे के साथ संपर्क होने की बात को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि वे शिवसैनिक हैं और अंतिम सांस तक पार्टी के लिए ही काम करेंगे। महाराष्ट्र में मुंबई के विखरोली से सुनील राऊत दो बार विधायक रहे हैं। रविवार को ऐसी रिपोर्ट थी कि एकनाथ शिंदे के कैंप ने सुनील राउत से संपर्क साधा था और सुनील राउत गुवाहाटी जा सकते हैं जहां शिंदे से हाथ मिला चुके सभी बागी नेता रुके हैं।

अंतिम सांस तक दूंगा पार्टी का साथ 

सुनील राउत ने कहा, 'मैं गुवाहाटी क्यों जाउंगा? इसकी जगह मैं प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने के लिए मैं गोवा जाउंगा। क्या उन बागियों का चेहरा देखने के लिए गुवाहाटी जाउंगा। मैं एक शिवसैनिक हूं और अंतिम सांस तक पार्टी के लिए काम करूंगा।' साथ ही उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की जीत पर भरोसा जताया। उन्हेांने कहा, 'नारायण राणे और राज ठाकरे जो कहना चाहते हैं कह सकते हैं। उद्धव ठाकरे की जीत निश्चित होगी। मैं शिवसेना में था और आगे भी इसी पार्टी में रहूंगा।'

मुख्यमंत्री ने छीने विभाग 

आज बागी हुए सभी मंत्रियों के खिलाफ मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने सभी बागी मंत्रियों से उनके विभाग छीन लिए और सरकार के मौजूदा मंत्रियों को सौंप दिया है। बता दें कि महाराष्ट्र में अपने विधायकों के बागी होने के बाद शिवसेना परेशान है और अब इन्हें धमकी भी दे रही है। वे एक ओर केंद्र सरकार पर लोकतंत्र की हत्या का आरोप लगा रहे हैं, तो दूसरी ओर अपने ही शासन वाले राज्य में विद्रोही विधायकों को मुंबई लौटने की चुनौती दे रहे हैं। उल्लेखनीय है कि विधायकों के इस बगावत के बाद शिवसेना में अब केवल 16 विधायक और तीन मंत्री ही रह गए हैं। इन तीन मंत्रियों में भी दो उद्धव ठाकरे व अनिल परब विधान परिषद के सदस्य हैं। सिर्फ उद्धव के पुत्र आदित्य ठाकरे ही विधानसभा सदस्य हैं।

Edited By Monika Minal

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