'केरल सरकार का आतंकवादी समूहों से गठजोड़', PFI की नारेबाजी पर बोले केंद्रीय मंत्री मुरलीधरन

पीएफआइ की नारेबाजी पर बोलते हुए वी मुरलीधरन ने कहा कि केरल में ऐसी चीजें बार-बार होती हैं क्योंकि सरकार का आतंकियों को गुप्त समर्थन है। बता दें कि पीएफआइ की एक रैली में भड़काऊ नारेबाजी हुई थी।

Mahen KhannaPublish: Sun, 29 May 2022 07:42 AM (IST)Updated: Sun, 29 May 2022 07:53 AM (IST)
'केरल सरकार का आतंकवादी समूहों से गठजोड़', PFI की नारेबाजी पर बोले केंद्रीय मंत्री मुरलीधरन

कोच्चि, एएनआइ। केंद्रीय राज्य मंत्री वी मुरलीधरन (Union Minister of State V Muraleedharan) ने पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाली एलडीएफ सरकार पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार राज्य में आतंकवादी गतिविधियों और समूहों की मदद करने में तुली है। केरल के अलाप्पुझा में पापुलर फ्रंट आफ इंडिया (पीएफआइ) की नारेबाजी पर बोलते हुए वी मुरलीधरन ने कहा, "इसमें कार्रवाई करने में बहुत देरी हो रही है। लेकिन मैं सराहना करता हूं कि उन्हें हिरासत में लिया गया था। केरल में ऐसी चीजें बार-बार होती हैं क्योंकि सरकार का आतंकियों को गुप्त समर्थन है।

अब तक 18 से ज्यादा लोगों को किया गया गिरफ्तार

बता दें कि अलप्पुझा जिले में पीएफआइ की रैली में भड़काऊ नारेबाजी का मामला सामने आया था। जिसके बाद 18 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार भी किया गया था। मामले में (पीएफआइ) की ओर से आयोजित गणतंत्र बचाओ रैली के दौरान एक व्यक्ति के कंधे पर बैठे एक लड़के का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, जिसमें वह भड़काऊ नारेबाजी कर रहा था।

पुलिस ने बच्चे के पिता को हिरासत में लिया

भड़काऊ नारे लगाने वाले बच्चे के पिता अशकर अली को कोच्चि के पल्लुरथी में पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।नाबालिग लड़के को कंधे पर उठाकर ले जाने वाला एराट्टुपेट्टा निवासी अनस इस मामले में गिरफ्तार होने वाला पहला व्यक्ति था।

केरल उच्च न्यायालय ने पुलिस को दिए निर्देश

केरल उच्च न्यायालय ने पुलिस को अलापुझा में 21 मई की रैली के संबंध में कथित भड़काऊ नारेबाजी के संबंध में पापुलर फ्रंट आफ इंडिया के खिलाफ उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता से पूछा कि क्या वह उसी रैली का उल्लेख कर रहा है जिसमें बच्चे को नारे लगाते देखा गया? इसका जवाब हां में मिलने के बाद कोर्ट ने कहा, 'क्या हो रहा है?' कोर्ट ने कहा कि रैली आयोजकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।

Edited By Mahen Khanna

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